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गोरखपुर। भारत में कैंसर से मरने वालों की संख्या विश्व में अमेरिका और चीन के बाद तीसरे नंबर पर है। कैंसर के शुरुआती लक्षण आते ही मरीज़ को तुरंत कैंसर रोग विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए। अक्सर कैंसर पीड़ित मरीज़ झोलाछाप डॉक्टरों के जाल में फंस जाते हैं और कैंसर रोग विशेषज्ञ तक पहुँचते-पहुँचते बहुत देर हो चुकी होती है। इस लापरवाही के कारण कैंसर ऐसे अनेक लोगों को अपना शिकार बना लेता है जिनको इलाज द्वारा बचाया जा सकता था।
यह जानकारी आईएमए गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ शिव शंकर शाही ने दी। वे विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन गोरखपुर और इंडियन डेंटल एसोसिएशन गोरखपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक विशाल जन जागरूकता रैली एवं निशुल्क कैंसर ओपीडी के अवसर पर जनता और मीडिया को सम्बोधित कर रहें थें।
आईएमए के सचिव डॉ वी एन अग्रवाल ने बताया कि लोग ऐसी बहुत सारी लापरवाही रोजमर्रा की जिंदगी में करते हैं जिसे नहीं करके कैंसर से बचा जा सकता है। स्वच्छता का ध्यान रखने, शुद्ध खानपान करने; तंबाकू, सिगरेट और शराब का सेवन नहीं करने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचा जा है।
मुख एवम जबड़ा रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अब्दुल आजम खान ने बताया की मुख और जीभ के कैंसर तंबाकू के सेवन करने और नुकीले दाँतों से बार-बार कट जाने से होते हैं।
डॉक्टर एके चतुर्वेदी ने बताया की पान मसाला में कुछ ऐसे केमिकल होते हैं, जिसके लगातार सेवन करने के कारण धीरे धीरे मुंह खोलना कम हो जाता है। सिगरेट का धुआं, पीने वालों में तो कैंसर करता ही है साथ ही साथ आसपास बैठे लोगों को बहुत नुकसान पहुंचाता है।
डॉ विनायक अग्रवाल ने बताया कि इस बार के विश्व कैंसर दिवस का थीम है "क्लोज द केयर गैप" इसका मतलब यह है की कैंसर के इलाज पर समाज के हर वर्ग का हक है। समाज के सभी लोग जैसे अमीर गरीब बच्चे बूढ़े स्त्री पुरुष आदि सभी को कैंसर के इलाज की सेवाएं समान रूप से पहुंचने चाहिए। अब कैंसर का इलाज आयुष्मान भारत योजना के द्वारा निशुल्क उपलब्ध है।
आइ डी ए सचिव डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने बताया की जिनका मुंह कम खुलता हो और वे तंबाकू का सेवन करतें हो, उन्हें दंत रोग विशेषज्ञ से नियमित रूप से चेकअप कराते रहना चाहिए।
आईडीए अध्यक्ष डॉक्टर चैन कोवाई ने बताया की मुंह के छाले को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और ऐसे पुराने छाले होने पर तुरंत दंत रोग विशेषज्ञ को अवश्य दिखाना चाहिए।
आई एम ए वूमेन डॉक्टर विंग की चेयर पर्सन डॉक्टर दीप्ति चतुर्वेदी ने बताया की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर, एंडोमेट्रियल कैंसर, एवं अंडाशय का कैंसर बहुत ज्यादा होता है जिसका कारण स्वच्छता की कमी, मोटापा और अत्यधिक तनाव है।


निशुल्क कैंसर ओपीडी मैं आईएमए गोरखपुर की तरफ से वक्ताओं के साथ डॉक्टर आलोक तिवारी, डॉक्टर सौरभ मिश्रा, डॉक्टर बबीता शुक्ला, डॉ अंजू श्रीवास्तव, डॉ राहुल नाथ तिवारी, आई एम ए गोरखपुर के मीडिया प्रभारी डॉक्टर इमरान अख्तर तथा आईडीए गोरखपुर की तरफ से डॉक्टर अब्दुल आजम खान डॉ आशीष कुमार शाही डॉक्टर शुभम गुलाटी डॉक्टर अजय कुमार गुप्ता डॉ अमित सिंह चंदेल डॉ प्रवीण सिंह डॉक्टर संदर्भ सिन्हा डॉक्टर श्रीजन श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
जन जागरूकता रैली सीतापुर आई हॉस्पिटल से इंदिरा बाल विहार तक गई। उसके बाद सीतापुर आई हॉस्पिटल के आईएमए कार्यालय में निशुल्क कैंसर ओपीडी किया गया। जिसमें शहर के सीनियर कैंसर रोग सर्जन, फिजीशियन, दंत एवं मुख रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञों ने निशुल्क परामर्श दिया। शिविर में मुख, स्तन, गर्भग्रीवा ,अंडाशय ,पित्त की थैली ,पेट के अंगों के कैंसर ,फेफड़े के कैंसर के 45 मरीजों ने परामर्श लिया तथा 4 मरीजों को निशुल्क ऑपरेशन करने के लिए पंजीकृत किया गया।







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