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बीजिंग। चीन की ज़ीरो-कोविड पॉलिसी ख़त्म हो चुकी है और वायरस तेजी से फैल रहा है। वहीं इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, जब से चीन ने अपनी जीरो कोविड पॉलिसी को वापस लिया है, तब से उसकी ओर से अस्पताल में भर्ती नए मरीजों का कोई डेटा नहीं भेजा गया है।
चीन (China) के इस कदम ने एक बार फिर से स्वास्थ्य विशेषज्ञों (health experts) की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों को डर है कि चीन कोरोना संक्रमण पर फिर से जानकारी छिपा सकता है। हालांकि, डब्लूएचओ (WHO) ने कहा है कि डेटा न भेजे जाने का कारण यह हो सकता है कि इस समय अधिकारी बढ़ते मामलों को लेकर संघर्ष कर रहे हों।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की साप्ताहिक रिपोर्ट में 7 दिसंबर तक चीन में बढ़ते कोरोना मरीजों (corona patients) की संख्या को दिखाया गया है। 4 दिसंबर तक ये मामले 28,859 थे, जो बीते 3 सालों में चीन में सबसे ज्यादा है। हालांकि, चीन ने 7 दिसंबर को जीरो कोविड पॉलिसी (zero covid policy) से कदम पीछे खींच लिए थे। इसके बाद से चीन की ओर से डब्ल्यूएचओ को कोई डेटा नहीं भेजा गया है। चीन पर हमेशा से कोरोना संक्रमण (corona infection) को कम करने दिखाने का आरोप लगाया है। विशेषज्ञों (experts) का कहना है कि मौतों की पहचान मामले में भी ऐसा है।







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