











































प्रतीकात्मक
नयी दिल्ली (भाषा)। भारत में एक दिन मे कोविड-19 के 2,76,110 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,57,72,440 हो गई। वहीं, संक्रमण से 3,874 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 2,87,122 हो गई। देश में चार दिन बाद 24 घंटे में संक्रमण से मौत के चार हजार से कम मामले सामने आए हैं।
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में भी कमी आई है और अभी 31,29,878 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 12.14 प्रतिशत है।
आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 2,23,55,440 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं और मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 86.74 प्रतिशत है। वहीं, कोविड-19 से मृत्यु दर 1.11 प्रतिशत है।
देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी।
वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवम्बर को 90 लाख के पार गए। वहीं, 19 दिसम्बर को ये मामले एक करोड़ के पार और चार मई को दो करोड़ के पार चले गए।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में 19 मई तक कुल 32,23,56,187 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है। इनमें से 20,55,010 नमूनों की जांच बुधवार को की गई।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में संक्रमण से जिन 3,874 लोगों की मौत हुई, उनमें से महाराष्ट्र के 594, कर्नाटक के 468, तमिलनाडु के 365, उत्तर प्रदेश के 280, दिल्ली के 235, पंजाब के 208, उत्तराखंड के 193, पश्चिम बंगाल के 157, हरियाणा के 153, छतीसगढ़ के 146, राजस्थान के 139, केरल के 112, आंध्र प्रदेश के 106 और बिहार के 104 लोग थे।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से अभी तक 2,87,122 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 84,341, कर्नाटक के 23,306, दिल्ली के 22,346, तमिलनाडु के 18,734, उत्तर प्रदेश के 18,352, पश्चिम बंगाल के 13,733, पंजाब के 12,52 और छत्तीसगढ़ के 12,182 लोग थे।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं।
मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।







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