











































प्रतीकात्मक
नई दिल्ली। हाल ही में आईं रिपोर्ट्स का दावा है कि कोविड-19 का पुनः संयोजक वायरस (recombinant strain) भारत के 7 राज्यों में पाया गया है। जिसमें कर्नाटक, तमिल नाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तेलांगना और नई दिल्ली जैसे राज्य शामिल हैं। जिसकी वजह से एक बार फिर कोविड के मामलों और उससे जुड़े लक्षणों की चर्चा शुरू हो गई है। कोरोना वायरस का पुनः संयोजक वायरस, इस बार डेल्टा और ओमिक्रॉन से मिलकर बना है।
डेल्टाक्रॉन के खिलाफ हाल ही में WHO ने भी चेतावनी जारी की है। पिछले हफ्ते हुई एक ऑनलाइन ब्रीफ्रिंग में WHO ने कहा था कि डेल्टाक्रॉन को लेकर अन्य शोध किए जा रहे हैं।
वहीं, भारत में कोविड के पुनः संयोजक वायरस को लेकर किसी तरह की ऑफिशियल जानकारी नहीं दी गई है। कथित तौर पर, भारत के COVID जीनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) और GISAID संकेत देते हैं कि 568 मामले जांच के दायरे में हैं।
कोविड का पुनः संयोजक स्ट्रेन क्या है?
पुनः संयोजक या रीकॉम्बीनेंट स्ट्रेन दो मौजूदा स्ट्रेन का मिश्रण है। WHO इस स्ट्रेन पर इसलिए नज़र रखे हुए है, क्योंकि यह डेल्टा और ओमिक्रॉन से मिलकर बना है। डेल्टा और ओमिक्रॉन दोनों ही अत्यधिक संक्रामक थे, डेल्टा ने जहां दुनिया भर में अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों को लगभग अपंग बना दिया था। वहीं, ओमिक्रॉन कोविड-19 का अब तक का सबसे संक्रामक वेरिएंट साबित हुआ। अभी तक तीन पुनः संयोजक स्ट्रेन पाए गए हैं।
पुनः संयोजक स्ट्रेन कहां-कहां पाए गए हैं?
डेल्टा और ओमिक्रॉन से बने पुनः संयोजक स्ट्रेन को डेल्टाक्रॉन भी कहा जाता है, फ्रांस के पाश्चर संस्थान ने सबसे पहले इसकी खोज की थी। इस साल की शुरुआत में डेल्टाक्रॉन फ्रांस, अमेरिका और यूके के कई हिस्सों में पाया जा चुका था। इसके अलावा इज़राइल में ओमिक्रॉन BA.1 और BA.2 से मिलकर बना एक स्ट्रेन पाया गया था। यह वायरस RT PCR टेस्ट के ज़रिए पाया गया था।







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