देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

हार्ट अटैक के शुरूआती घंटो में समय से इलाज करने पर बहुत सारी जानें बच सकती हैं।

गोल्डन ऑवर अक्सर एक ऐसा समय होता है जो यह तय करता है कि मरीज बच पाएगा या नहीं। ऐसा इसलिए है क्योंकि दिल की मांसपेशियां खून की सप्लाई बंद होने के 80 से 90 मिनट के अंदर ही मरने लगती हैं।

0 35749
हार्ट अटैक के शुरूआती घंटो में समय से इलाज करने पर बहुत सारी जानें बच सकती हैं। प्रतीकात्मक

- डॉ अभिनीत गुप्ता, 
कंसलटेंट इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी,  
रीजेंसी  सुपरस्पेशलिटी  हॉस्पिटल, कानपुर 

हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी होती है और अक्सर हार्ट अटैक के मरीज को जिंदगी का दूसरा मौका नहीं मिलता है। इस स्थिति को मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन भी कहा जाता है, हार्ट अटैक तब होता है जब हार्ट की मांसपेशियों के एक हिस्से को पर्याप्त खून नहीं मिलता है। ब्लड फ्लो  को बनाये रखने के लिए उपचार के बिना जितना अधिक समय बीतता है, हार्ट की मांसपेशियों को उतना ही ज्यादा नुकसान होता है। हार्ट अटैक पड़ने के बाद के पहले घंटे को   गोल्डन ऑवर कहा जाता है और इन 60 मिनट में उचित कार्रवाई इसके प्रभावों को कम किया जा सकता है। पहला घंटा महत्वपूर्ण है क्योंकि इस अवधि के दौरान अधिकांश मौतें और कार्डियक अरेस्ट होते हैं।

गोल्डन ऑवर अक्सर एक ऐसा समय होता है जो यह तय करता है कि मरीज बच पाएगा या नहीं। ऐसा इसलिए है क्योंकि दिल की मांसपेशियां खून की सप्लाई बंद होने के 80 से  90 मिनट के अंदर ही मरने लगती हैं। छह घंटे के भीतर दिल के लगभग सभी प्रभावित हिस्से अपरिवर्तनीय रूप से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। हमारे हॉस्पिटल ने युवा हार्ट मरीजों या हार्ट अटैक के मेडिकल एमरजेंसी केसेस में भी वृद्धि देखी है जहां व्यक्ति अपने उम्र के 20 या 30वे दशक में होते है। चिंता की बात यह है कि बिना ख़तरे वाले युवाओं को भी हार्ट का दौरा पड़ रहा है। सीपीआर और डिफाइब्रिलेटर किसी भी हार्ट अटैक से पीड़ित व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए महत्वपूर्ण सहायता प्रदान कर सकते है,लेकिन ये सुविधाएँ हार्ट अटैक आने के बाद जल्दी से उपलब्ध होना चाहिए और सभी को उनका उपयोग करने के लिए ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। 

अगर डिफाइब्रिलेटर गोल्डन ऑवर में मिल जाए तो पीड़ित की जान लगभग 90% है कि बच सकती है।  हालांकि हार्ट अटैक से निपटने के लिए क्लॉट बस्टर थेरेपी जैसे वैकल्पिक उपचार उपलब्ध हैं लेकिन प्राथमिक एंजियोप्लास्टी की तुलना में इसकी प्रभावकारिता और सुरक्षा कम है। दुनिया भर में, प्राथमिक एंजियोप्लास्टी हार्ट अटैक के उपचार का स्वर्ण मानक बना हुआ है। हार्ट अटैक से निपटने के लिए एंजियोप्लास्टी जैसे विशेष उपचार उपलब्ध हैं, लेकिन हार्ट अटैक का शुरुआती एक घंटा बहुत महत्वपूर्ण होता है और मरीज को बिना एक सेकंड बर्बाद किए हॉस्पिटल ले जाना चाहिए। इसके अलावा अगर हार्ट अटैक से प्रभावित व्यक्ति सांस नहीं ले रहा होए तो ब्लड फ्लो ;रक्त प्रवाहद्ध को बनाए रखने के लिए कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन , सीपीआर दिया जाना चाहिए। हालांकि सबसे पहला कदम होना चाहिए निकटतम अस्पताल से आपातकालीन नंबर पर कॉल करें। 

सीपीआर के अलावा स्थानीय स्तर पर या प्रत्येक स्थानीय अस्पताल में पूर्ण पुनर्जीवन उपकरण उपलब्ध होना चाहिए। ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफाइब्रिलेटर भी अचानक होने वाली हार्ट की समस्या से होने वाली मौतों को रोकने में काफी मदद कर सकते हैं। एईडी एक ऐसा उपकरण है जो हार्ट को उसकी सामान्य लय में वापस लाने में मदद करने के लिए बिजली के झटके का उपयोग करता है। डिफाइब्रिलेटर हर दिल की धड़कन की निगरानी करते हैं और अगर इससे यह पता चलता है कि कोई मरीज कार्डियक अरेस्ट में चला गया है तो वह तुरंत एक लाइफ सेविंग शॉक जीवन रक्षक झटका देगा।

इमरजेंसी मदद की इन्तजार करते समय हार्ट अटैक से पीड़ित व्यक्ति एस्पिरिन खा सकता है क्योंकि इससे हार्ट डैमेज कम हो सकता है। हालांकि अगर आपको इससे एलर्जी है या आपके डॉक्टर ने इसे न लेने के लिए कहा है तो फिर एस्पिरिन का सेवन न करें। हार्ट अटैक एक गंभीर मामला है और देश में यह एक उभरती हुई स्वास्थ्य समस्या है, लेकिन हार्ट अटैक की समस्या अचानक नहीं होती हैं। हमारे शरीर को यह एहसास होता है कि कुछ गलत हो रहा है, इसलिए किसी को उभरती हुई हार्ट की बीमारी  के लक्षणों पर सचेत होकर ध्यान देना चाहिए। हार्ट अटैक की यह स्थिति पहले ज्यादातर बुजुर्ग लोगों में देखी जाती थी, हालांकि बढ़ते तनाव और अस्वास्थ्यकर लाइफस्टाइल के कारण अब युवा लोगों में भी हार्ट की समस्या हो रही है।

भारतीय लोग यूरोपीय देशों के लोगों के मुकाबलें औसतन कम से कम 20 साल पहले कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित होते हैं। हाल ही के एक अध्ययन ने कम उम्र में हार्ट अटैक के लिए डाइट में बहुत ज्यादा तेल के इस्तेमाल को जिम्मेदार ठहराया है। द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 1970 के बाद पैदा हुए युवा भारतीय इस्केमिक हार्ट बीमारी के कारण मर रहे हैं। इस भार को हाई ब्लड प्रेशर की राष्ट्रीय घटनाओं के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया है। अध्ययन के अनुसार यह राष्ट्रीय औसत 25.3%  है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

स्वास्थ्य विभाग के सभी खण्डों का होगा एकीकरण, समान नियमावली के साथ नहीं पड़ेगा वेतन-भत्ते पर फर्क

स्वास्थ्य विभाग के सभी खण्डों का होगा एकीकरण, समान नियमावली के साथ नहीं पड़ेगा वेतन-भत्ते पर फर्क

रंजीव ठाकुर September 06 2022 26650

प्रदेश के स्वास्थ्य कर्मी लम्बे समय से विभिन्न विभागों के कर्मियों के एकीकरण की मांग कर रहे थे जिसमे

ड्रग डिस्ट्रक्शन डे के मौके पर पूरे देश में नष्ट किया जाएगा नशीला पदार्थ 

ड्रग डिस्ट्रक्शन डे के मौके पर पूरे देश में नष्ट किया जाएगा नशीला पदार्थ 

विशेष संवाददाता June 07 2022 28288

'आजादी का अमृत महोत्सव' समारोह के एक प्रतिष्ठित सप्ताह के एक भाग के रूप में मनाया जाएगा। मंत्रालय ने

नाखूनों में छुपा है खूबसूरत और आकर्षक हाथ का राज

नाखूनों में छुपा है खूबसूरत और आकर्षक हाथ का राज

सौंदर्या राय February 27 2022 51601

यदि आप अपने हाथों को खूबसूरत और आकर्षक बनाना चाहतीं  हैं तो अपने नाखूनों की सेहत का पूरा ध्यान रखें।

विश्व टी.बी. दिवस पर रेस्पिरेटरी मेडिसिन, केजीएमयू ने जनमानस को टी.बी. के प्रति किया जागरूक

विश्व टी.बी. दिवस पर रेस्पिरेटरी मेडिसिन, केजीएमयू ने जनमानस को टी.बी. के प्रति किया जागरूक

हुज़ैफ़ा अबरार March 25 2022 26664

हर साल 24 मार्च को हम विश्व टी.बी. दिवस के रूप में मनाते हैं। इस साल ‘विश्व टीबी दिवस 2022’ की थीम ‘

कैंसर सेवाओं के विस्तार के लिए कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान और लोहिया अस्पताल में समझौता 

कैंसर सेवाओं के विस्तार के लिए कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान और लोहिया अस्पताल में समझौता 

हुज़ैफ़ा अबरार January 20 2023 92198

कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान के डॉ. आयुष लोहिया ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सबसे आम क

1 जनवरी से एम्स में इलाज के लिए नहीं लगानी होंगी लाइन

1 जनवरी से एम्स में इलाज के लिए नहीं लगानी होंगी लाइन

एस. के. राणा November 19 2022 22286

एम्स ने नए और अनुवर्ती मामलों के ओपीडी पंजीकरण के लिए आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अकाउंट आईडी के उपयोग क

केंद्र सरकार ने कोविड-19 पैकेज चरण-दो के लिए 23,123 करोड़ रुपये स्वीकृत किये।

केंद्र सरकार ने कोविड-19 पैकेज चरण-दो के लिए 23,123 करोड़ रुपये स्वीकृत किये।

एस. के. राणा July 10 2021 34355

इस योजना का उद्देश्य बाल चिकित्सा देखभाल सहित स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित कर

वर्ल्ड लंग कैंसर दिवस: एक्स-रे का हर धब्बा टीबी नहीं होता है- डा0 सूर्यकान्त।

वर्ल्ड लंग कैंसर दिवस: एक्स-रे का हर धब्बा टीबी नहीं होता है- डा0 सूर्यकान्त।

हुज़ैफ़ा अबरार August 03 2021 31296

वर्ल्ड लंग कैंसर दिवस के अवसर पर केजीएमयू रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग द्वारा संगोष्ठी का अयोजन किया गया

धामी सरकार ने अंग तस्करी रोकने के लिए बनाए सख्त नियम

धामी सरकार ने अंग तस्करी रोकने के लिए बनाए सख्त नियम

हे.जा.स. May 27 2023 39761

धामी सरकार ने ब्रेन डेड मरीजों के परिजनों की स्वेच्छा से होने वाले अंग प्रत्यारोपण के लिए स्वास्थ्य

ब्रेकथ्रू संस्था द्वारा किशोर किशोरी सशक्तिकरण को लेकर कार्यक्रम आयोजित

ब्रेकथ्रू संस्था द्वारा किशोर किशोरी सशक्तिकरण को लेकर कार्यक्रम आयोजित

admin September 22 2022 38425

गोसाईगंज ब्लॉक में ब्रेकथ्रू संस्था द्वारा किशोर-किशोरी सशक्तिकरण को लेकर एक कार्यक्रम आयोजित किया ग

Login Panel