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जम्मू-कश्मीर। पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त कराने के लिए बेशक सरकारें हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही हों, लेकिन धरातल पर जानलेवा बने प्रदूषण का असर बढ़ता ही जा रहा है। वहीं जम्मू-कश्मीर में बीते कुछ सालों से भयंकर प्रदूषण की चपेट में है। जम्मू-कश्मीर के सबसे बड़े अस्पताल शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ. परवेज कौल ने पिछले दिनों एक रिपोर्ट जारी किया। रिपोर्ट में उन्होंने दावा किया कि कश्मीर में हर साल 10 हजार लोगों की मौत प्रदूषण की वजह से होती है।
रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में इस साल 5822 लोगों की मौत वायू प्रदूषण (air pollution) से और 3457 लोगों की मौत घरेलू प्रदूषण से हुई है। कौल के मुताबिक कश्मीर में आतंकवाद (terrorism in Kashmir) से भी ज्यादा प्रदूषण खतरनाक हो गया है। घाटी में आतंक से इस साल 242 लोगों की मौत हुई है।
श्रीनगर दुनिया का 10वां सबसे प्रदूषित शहर- Srinagar 10th most polluted city in the world
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 2018 में 108 देशों के 4,300 शहरों पर एक सर्वे किया। इस सर्वे में जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर को दुनिया का 10वां सबसे प्रदूषित शहर घोषित किया था। देश में फेफड़े के कैंसर (lung cancer) के सबसे ज्यादा मामले श्रीनगर में सामने आ रहे हैं।







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