












































प्रतीकात्मक चित्र
जयपुर। राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां पर फार्मासिस्ट के रजिस्ट्रेशन के लिए नियम लागू किये गए हैं। ऐसा फर्जीवाड़े को रोकने के लिए किया गया है। खाद्य और औषधि प्राधिकरण (Food and Drug Authority) की सलाह पर नियम बनाकर फर्जीवाड़े पर लगाम कसने की तैयारी की गई हैं। इन नियमों से अब फार्मा डिग्री लेकर रजिस्ट्रेशन करवाने वाले अभ्यर्थियों को फायदा होगा।
राजस्थान में अब अन्य राज्यों के मुक़ाबले सबसे तेज फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन (fastest pharmacist registration) होगा। फार्मासिस्टों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया था। जिसने हाल ही राजस्थान फार्मेसी कौंसिल जयपुर में सामने आए फर्जी डिग्रीयों के आधार पर फर्जी रजिस्ट्रेशन (fake registration) के मामले पकड़े जाने के बाद कमेटी ने जांच की।
इस जांच में कई तरह की अनियमित्ताएं और फर्जीवाड़ा सामने आया। जांच में पाया गया कि डिग्री लेने के बाद भी फार्मासिस्ट को रजिस्ट्रेशन के लिए ऑफलाईन आवेदन करवाकर उसे लटकाया जा रहा था । वहीं दूसरी तरफ फर्जी कॉलेज सेे डिग्री लाकर तुरंत रजिस्ट्रेशन करवाए जा रहे थे।
राजस्थान फार्मेसी कौंसिल जयपुर ने गठित कमेटी की रिपोर्ट के बाद रजिस्ट्रेशन के नियमों में बदलाव किया है। जिसके तहत अब राजस्थान फार्मेसी कौंसिल जयपुर के सॉफ्टवेयर को अपडेट किया जाएगा और इसका सरलीकरण कर इसके यूजर फ्रेंडली बनाया जाएगा। जिससे सभी प्रोसेस ऑनलाईन (Online application) होगा। फार्मासिस्टों के रजिस्ट्रेशन व नवीनीकरण के लिए ऑनलाईन आवेदन और फीस ली जाएगी। किसी भी परिस्थिति में ऑफलाईन आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। अगर दस्तावेजों से कोई कमी है तो ऑनलाईन प्रक्रिया में ही आपत्ति जारी कर अभ्यर्थी से उसकी पूर्ति करवाई जाएगी। इसके लिए बार बार पहले की तरह फार्मेसी कौंसिल जयपुर के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
राजस्थान फार्मेसी कौंसिल (Rajasthan Pharmacy Council) में रजिस्ट्रेशन आवेदन करने के बाद राजस्थान राज्य के कॉलेज, विश्वविद्यालय से फार्मा डिग्री लेने वाले अभ्यर्थियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देश में सबसे पहले जारी करने वाला राजस्थान पहला राज्य बनेगा। आवेदन करने के अधिकतम 15 दिन में फार्मासिस्ट (pharmacist) का रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। जिसके बाद फार्मासिस्टों को डिजिटल सर्टिफिकेट (digital certificate) जारी किया जाएगा।
सर्वेश्वर शर्मा ,प्रदेश अध्यक्ष इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन (Indian Pharmacist Association), राजस्थान का कहना है की "इस तरह के नियम बनाने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य हैं। फार्मा डिग्री (Pharma degree) मिलने के बाद सबसे तेज राजस्थान में सबसे तेज सबसे पहले पंजीकरण होगा। फर्जी कॉलेज व फर्जी डिग्री व रजिस्ट्रेशन पर लगाम लगेगी। अनियमित्ताओं और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। एफडीए (FDA) की सलाह से बने नियमों से अब पंजीकरण के लिए कार्यालय के चक्कर लगाकर चप्पल नहीं घिसनी होगी।"







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