











































प्रतीकात्मक चित्र
जयपुर। राजधानी में सुबह और शाम को हल्की सर्दी महसूस होने लगी है। बदते मौसम के साथ सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीजों की संख्या में इजाफा होने लगा हैं। जयपुर शहर में शायद ही ऐसा कोई घर होगा जिसमें कोई ना कोई बदलते मौसम की चपेट में नहीं आया होगा। हर घर में कोई ना कोई बीमार हैं।
सर्दी जुकाम खांसी और सिरदर्द के साथ साथ हल्के बुखार (mild fever) की समस्या से लोग परेशान हैं। दिवाली के बाद से अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है, बच्चे हो या बुजुर्ग सभी एक में एक जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। सभी को सर्दी-जुकाम, सिरदर्द, नाक बहना (headache, runny nose), कफ आना और तेज खांसी की समस्या से लोग परेशान हैं।
चिकित्सकों का कहना है सुबह शाम की हल्की सर्दी से बचाव के उपाय नहीं करना, ठंडे भोजन या पेय पदार्थ का सेवन करना, धूल, धुएं और मौसम से इस तरह की समस्या लोगों में बढ़ी हैं। अभी मेडिसिन, श्वास रोग (respiratory diseases) की ओपीडी में दिखाने वाले 70 प्रतिशत लोग इसी तरह के लक्षणों को लेकर आ रहे हैं।
दिवाली के समय चले पटाखों के धुंआ की वजह से खांसी व एलर्जी (cough and allergies) की समस्या बढ़ी हैं। श्वास के मरीजों का दम भरने लगा है। सांस की एलर्जी, जुकाम, छींक, सिरदर्द, सांस फूलने जैसी समस्या के मरीज बढ़े हैं। इसका कारण हवा में प्रदूषण (pollution) व डस्ट है।
यह करें बचाव - Do this rescue
तापमान बदल रहा है। दिन भर गर्म कपड़े पहने ऐसी सर्दी अभी पड़ने नहीं लगी है। सुबह और रात में हल्की सर्दी महसूस हो जाती है। दिन की गर्मी की वजह से लोग सुबह शाम की सर्दी के प्रति लापरवाह रहते हैं। यहीं लापरवाही बीमारी का कारण बन रही है। बदलता मौसम श्वास, दमा, ब्लड प्रेशर, हृदय की बीमारियों से पहले से पीड़ितों के लिए खतरा लेकर आता हैं। अगर इसमें लापरवाही हो तो समस्या ओर अधिक बढ़ जाती हैं।
SMS के मेडिसिन विभाग (SMS Medicine Department) के चिकित्सक डॉ.मनोज शर्मा ने बताया कि बदलते मौसम में लापरवाही खतरा पैदा कर सकती हैं। इस समय सुबह शाम में गर्म कपड़े पहनें, ठंडे पेय पदार्थ और भोजन खाने से बचे। मुंह पर मास्क (face mask) का प्रयोग करें। धुम्रपान नहीं करें। चिकनाई युक्त या तला हुआ खाना खाने से बचे।
साथ ही अगर किसी को सर्दी जुकाम या बुखार (fever) के लक्षण है तो तुरंत अपने चिकित्सक से सहायता लें। खासतौर पर वह लोग जो पहले से अस्थमा, दमा, ब्लड प्रेशर, हार्ट की समस्याओं से पीड़ित हैं, उन्हें अवश्य तत्काल चिकित्सक से सलाह लें।







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