












































गोरखपुर। डेंगू के डंक से जिले में हाहाकार मचा हुआ है। प्रतिदिन मरीज़ों की संख्या में वृद्धि हो रही है। महानगर के 10 वार्डों में बुखार के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। मरीजों का निजी अस्पतालों में इलाज हो रहा है। ज्यादातर मरीज रैपिड कार्ड से जांच में डेंगू पॉजिटिव मिल रहे हैं। हालांकि वह एंटीजन जांच नहीं करवा रहे हैं। निजी अस्पताल भी रैपिड कार्ड की जांच के भरोसे ही डेंगू का इलाज कर रहे हैं।
वर्तमान में जिले में डेंगू संक्रमितों की संख्या 83 है। तीन घरों में मच्छरों के लार्वा मिले। विभाग ने उन्हें नोटिस जारी कर हिदायत दी है कि अगले सप्ताह पुन: लार्वा पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। जिला मलेरिया नियंत्रण अधिकारी (District Malaria Control Officer) अंगद सिंह ने बताया कि बेतियाहाता की 52 वर्षीय महिला को कई दिन से बुखार था। उनकी डेंगू की जांच (dengue test report) रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
शहर के बसंतपुर, निजामपुर, दरगहिया, हांसूपुर, नरसिंहपुर, महेवा, तुर्कमानपुर, रसूलपुर, दिवान बाजार, शेखपुर, साहबगंज, बेतियाहाता और रेलवे कॉलोनी में मरीज मिल रहे हैं। शहर के बसंतपुर निवासी संतोष वर्मा बुखार से पीड़ित हैं। उनके घर के पास डेंगू के मरीज मिले हैं। उन्होंने निजी अस्पताल में रैपिड कार्ड से जांच कराई। जांच में वह पॉजिटिव मिले। अस्पताल के डॉक्टर के परामर्श से वह घर पर इलाज करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बड़ी संख्या में डेंगू के मरीज (dengue patients) पहुंचे हैं।
स्वास्थ्य विभाग (Health Department) का कहना है की निजी अस्पताल (private hospitals) मरीजों कि कोई सूचना नहीं दे रहे हैं। शहर में लगभग 450 निजी अस्पताल हैं। इसमें से चार या पांच अस्पतालों ने ही अब तक स्वास्थ्य विभाग को डेंगू मरीजों की सूचना दी है। सभी निजी अस्पतालों में रैपिड कार्ड (rapid card testing) से जांच कर डेंगू मरीजों की पहचान व इलाज की जा रही है। वह एलाइजा जांच नहीं करवा रहे हैं।
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे (CMO Dr. Ashutosh Kumar Dubey) ने कहा की "डेंगू मरीजों को लेकर निजी अस्पतालों को मुगालते में नहीं रहना चाहिए। यह नोटिफाइड डिजीज है। इसके हर मरीज की सूचना विभाग को देनी होगी। अगर अस्पताल संचालक सूचनाएं छिपाएंगे तो उनके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी"।







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