देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

राष्ट्रीय

डेल्टा स्वरूप पर फाइजर और जे एंड जे के टीके अधिक असरदार: दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञ

डेल्टा स्वरूप का मामला सबसे पहले भारत में सामने आया और इसके कारण दक्षिण अफ्रीका में महामारी की तीसरी लहर चल रही है।

admin
July 04 2021 Updated: July 04 2021 01:49
0 29880
डेल्टा स्वरूप पर फाइजर और जे एंड जे के टीके अधिक असरदार: दक्षिण अफ्रीका के विशेषज्ञ प्रतीकात्मक

जोहानिसबर्ग (भाषा)। दक्षिण अफ्रीका में इस्तेमाल किये जा रहे अमेरिकी कंपनियों फाइजर और जॉनसन एंड जॉनसन (जे एंड जे) के कोविड-19 रोधी टीके कोरोना वायरस के बीटा स्वरूप की तुलना में डेल्टा स्वरूप पर अधिक असरदार है। विशेषज्ञों ने इस बारे में बताया।

बीटा स्वरूप सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में सामने आया था, जो इस साल की शुरुआत में दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 की दूसरी लहर का कारण बना। डेल्टा स्वरूप का मामला सबसे पहले भारत में सामने आया और इसके कारण दक्षिण अफ्रीका में महामारी की तीसरी लहर चल रही है। इसके मद्देनजर लॉकडाउन और पाबंदियां बढ़ा दी गयी हैं। तीसरी लहर में पूर्व की दो लहरों की तुलना में मौत के मामले भी बढ़े हैं।

दक्षिण अफ्रीका के कार्यवाहक स्वास्थ्य मंत्री ममामोलोको कुबायी ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विशेषज्ञों का कहना है कि प्रयोगशाला में अनुसंधान और क्षेत्र अध्ययन दोनों के आधार पर यह पता चला है कि ये टीके वायरस के डेल्टा स्वरूप पर कारगर हैं।

दक्षिण अफ्रीका चिकित्सा अनुसंधान परिषद की अध्यक्ष और सीईओ प्रोफेसर ग्लेंडा ग्रे ने कहा, ‘‘हमने पाया है कि जे एंड जे का टीका डेल्टा स्वरूप पर बेहतर असर करता है और जहां तक डेल्टा और बीटा स्वरूप की बात है तो यह बीटा स्वरूप की तुलना में डेल्टा पर अधिक कारगर है।’’

ग्रे ने कहा कि जे एं जे टीके की बूस्टर खुराक लेने की भी आवश्यकता नहीं है। अब तक के अध्ययनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों को दी गयी टीके की दो खुराक की तुलना में एक खुराक भी उतनी ही असरदार थी।

विटवाटरसैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पेन्नी मूर ने कहा कि मौजूदा आंकड़े दर्शाते हैं कि दक्षिण अफ्रीका में वर्तमान में इस्तेमाल टीके बीटा स्वरूप की तुलना में डेल्टा स्वरूप पर अधिक असरदार है। फाइजर के टीके से एंटीबॉडी का अधिक निर्माण हुआ जबकि एस्ट्राजेनेका के साथ ऐसा नहीं था। आंकड़े दर्शाते हैं कि एस्ट्राजेनेका का टीका बीटा स्वरूप पर अधिक कारगर नहीं रहा, लेकिन अगर डेल्टा स्वरूप की बात करें तो फाइजर का टीका वायरस के इस स्वरूप पर भी असरदार रहा।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

दाग-धब्बों को दूर करने के लिए इस्तेमाल करें फिटकरी

दाग-धब्बों को दूर करने के लिए इस्तेमाल करें फिटकरी

श्वेता सिंह October 15 2022 106718

फिटकरी को कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है, जो न सिर्फ स्किन को एक्ने फ्री बना देगा बल्कि उसकी खोई

भारतीय चिकित्सा परिषद का अस्तित्व समाप्त इसकी जगह लेगा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग।

भारतीय चिकित्सा परिषद का अस्तित्व समाप्त इसकी जगह लेगा राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग।

अखण्ड प्रताप सिंह November 26 2020 24869

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 की धारा 60 की उपधारा (1) के अनुबंधों के अनुसरण में भारतीय चिकि

देश में ओमिक्रोन के अब तक 23 मामले मिले, कोरोना के इस संक्रमण से दहशत।

देश में ओमिक्रोन के अब तक 23 मामले मिले, कोरोना के इस संक्रमण से दहशत।

एस. के. राणा December 09 2021 32260

राजस्थान में ओमिक्रोन के नौ, गोवा में 5, कर्नाटक में 2, दिल्ली और गुजरात में एक एक मामले सामने आ चुक

विश्व रक्तदान दिवस पर सहारा हास्पिटल में रक्तदान।

विश्व रक्तदान दिवस पर सहारा हास्पिटल में रक्तदान।

हुज़ैफ़ा अबरार June 15 2021 29123

डब्लू. एच. ओ. ने स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2005 में ब्लड ग्रुप की खोज करने वाले वै

निशुल्क नेत्र शिविर का सांसद सुब्रत पाठक ने किया शुभारंभ

निशुल्क नेत्र शिविर का सांसद सुब्रत पाठक ने किया शुभारंभ

आरती तिवारी November 07 2022 26370

आज क्षेत्रीय सांसद सुब्रत पाठक के द्वारा निःशुल्क नेत्र शिविर का शुभारंभ फीता काटकर किया गया। वहीं इ

डा. सूर्यकान्त कोविड-19 लीडरशिप पुरस्कार से सम्मानित।

डा. सूर्यकान्त कोविड-19 लीडरशिप पुरस्कार से सम्मानित।

हुज़ैफ़ा अबरार June 05 2021 27452

डा. सूर्यकान्त ने चिकित्सा विज्ञान सम्बंधित विषयों पर 16 किताबें भी लिखी हैं। एलर्जी, अस्थ्मा, टी.ब

कानपुर में डेंगू ने तोड़ा 2 साल का रिकॉर्ड, 24 घंटे में 40 नए मरीज सामने आए

कानपुर में डेंगू ने तोड़ा 2 साल का रिकॉर्ड, 24 घंटे में 40 नए मरीज सामने आए

admin November 10 2022 28785

हैलट के बाद सर्वोदय नगर स्थित रिजेंसी अस्पताल में भी डेंगू मरीजों की भारी भीड़ है। यहां 24 घंटे में

बिहार में स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध में और उनके नवजातों के खून में यूरेनियम मिला 

बिहार में स्तनपान कराने वाली महिलाओं के दूध में और उनके नवजातों के खून में यूरेनियम मिला 

एस. के. राणा December 05 2025 3654

17 से 35 साल की 40 महिलाओं पर यह अध्ययन किया गया था। हर सैंपल में यूरेनियम की मात्रा पाई गई, अर्थात

पराबैगनी किरणों से आंखों को पहुंचता है नुकसान।

पराबैगनी किरणों से आंखों को पहुंचता है नुकसान।

लेख विभाग January 23 2021 25988

कई बार लेजऱ प्रक्रिया से ऑपरेशन के बाद रोगियों को रात में धुंधला दिखना या फ्लैप संबंधी समस्याओं का स

खर्राटे लेना तो गम्भीर बीमारियों के आने का संकेत है: डॉ मोहित सिन्हा

खर्राटे लेना तो गम्भीर बीमारियों के आने का संकेत है: डॉ मोहित सिन्हा

रंजीव ठाकुर May 16 2022 26423

खर्राटे लेना एक गम्भीर त्रासदी बन गई है। इसे हिडेन एपीडेमिक कहा जाने लगा है। कोविड-19 के दौरान लोग घ

Login Panel