











































आशीर्वाद हॉस्पिटल मे निशुल्क शिविर का आयोजन
सुल्तानपुर। आशीर्वाद हॉस्पिटल में निशुल्क शिविर (free camp) का आयोजन किया गया यह आयोजन बढ़िया वीर स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल परिसर में किया गया। जिसमें जनपद के सैकड़ों लोग अपना परीक्षण कराने के लिए कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि के तौर पर लखनऊ से आधा दर्जन डॉक्टर इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। जहां उन्होंने आए लोगों का जांच और परीक्षण किया इस कार्यक्रम के दौरान लगभग 400 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया गया।
वहीं कार्यक्रम के दौरान मीडिया से रूबरू हुए डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि प्रत्येक वर्ष हम लोग मिलकर एक निशुल्क चिकित्सा शिविर (medical camp) का आयोजन करते हैं जिसमें हम बेसिकली शुगर हार्ड और कैंसर मरीजों (cancer patients) के स्क्रीनिंग करते हैं क्योंकि अधिकतर जनता में भ्रांतियां हैं की लोग अपना मेडिकल चेकअप (medical checkup) नहीं कराते और गरीब आदमी अपना मेडिकल चेकअप किया वह मरते समय के करीब होता है तो वह इलाज कराने की सोचता है। उन्होंने कहा कि लायंस क्लब (lions club) और हमारे चिकित्सालय केएमडी ने मिलकर यह निर्णय लिया कि जो गरीब व्यक्ति है उसका ईसीजी शुगर (ecg sugar) है और इको है ऐसे लोगों का फ्री आफ कॉस्ट परीक्षण कर लिया जाए जिसमें बहुत से ऐसे लोग हैं जिन्हें उनको कुछ मालूम ही नहीं है उनको शुगर की बीमारी है जब जांच किया जाता है तो शुगर निकल आता है।
वहीं इसी तरह उनको बीपी की बीमारी (BP disease) है तो उसकी भी जांच की जाए तो वह भी निकल आता है। अधिकतर लोग कहते हैं हमें शुगर और बीपी है नहीं लेकिन जब चिकित्सक उसका परीक्षण करते हैं तोहर कैंप लगभग 40 से 50 मरीज शुगर के और ब्लड प्रेशर के मरीज नये मिलते हैं इस वर्ष हम लोगों का जो मेन उद्देश्य था की कैंसर पीड़ितों का निशुल्क शिविर के माध्यम से परीक्षण करना इसलिए अलयंत्रा अस्पताल के नए-नए डॉक्टर रोबोटिक सर्जरी डॉ बीके पांडे और विजय पांडे सहारा हॉस्पिटल (Sahara Hospital) के डॉक्टर हैं और डॉक्टर अभिनव जो गैस्ट्रोस्ट्रोलॉजि जो लीवर ट्रांसप्लांट के स्पेशलिस्ट है उनको बुलाया गया है और इसके साथ साथ विभोर महेंद्रु जो ओंकुर यानि कि जो कैंसर सर्जन है जो उनका ऑपरेशन करते है उनको बुलाया गया है। जिनके शरीर में गांठ हो और कैंसर के लिए अपने को परीक्षण कराना चाह रहे हैं वह उनसे निशुल्क परीक्षण कराएं और अलयंत्रा हॉस्पिटल ने हमको यह आश्वासन दिया है कि मरीज के पास पैसा है कि नहीं है इसके लिए उसका काम नहीं रुकना चाहिए।
हम उनका इलाज बेहतर ढंग से करेंगे चाहे वह आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card) का मरीज हो या फिर कोई गरीब वह उन के लिए धन एकत्रित कर उनकी सहायता करते हैं। इसलिए आज हम सारे लायंस क्लब के मेंबर और इसके साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (chief Medical Officer) मौजूद रहे जो उनका सानिध्य हमेशा हम लोगों के साथ रहता है और गवर्नर साहब सीए सौरभ कांत और उनके पिता सतीश कुमार,डॉ एके पांडेय यह सब लोग यहाँ एकत्रित हुए है।
डॉ. राजीव ने यह भी बताया कि हम लोग हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी परीक्षा के दौरान लगभग 400 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया है उनका फ्री ईसीजी (free ECG),ईको और शुगर सारे टेस्ट हो रहे हैं। जबकि आज हमारे पास मानसिक रोग विशेषज्ञ (psychiatrist) हैं। स्त्री रूप के भी डॉक्टर हैं जिनका परीक्षण किया जा रहा है। वहीं डॉ राजीव श्रीवास्तव ने यहां की जनता से अपील की है कि अगर बीमारी का इलाज नहीं करा सकते हो तो बीमारी की रोकथाम तो कर सकते हो।







हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार May 07 2026 0 350
हुज़ैफ़ा अबरार May 03 2026 0 259
हुज़ैफ़ा अबरार May 12 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 3808
एस. के. राणा January 13 2026 0 3780
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 3668
एस. के. राणा January 20 2026 0 3626
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3346
एस. के. राणा February 01 2026 0 3024
एस. के. राणा February 04 2026 0 2877
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86287
सौंदर्या राय April 08 2022 0 33895
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37131
सौंदर्या राय April 05 2022 0 34909
लेख विभाग March 19 2022 0 34314
सौंदर्या राय March 16 2022 0 71573
चमकी बुखार में बच्चे दांत पर दांत चढ़ाए रहते हैं। बच्चे को लगातार तेज बुखार रहता है। बदन में ऐंठन हो
पीठ दर्द, सूजन और थकान जैसी सामान्य समस्याओं से राहत मिलती है। शरीर का लचीलापन और मुद्रा में सुधार ह
क छात्र विभिन्न कारणों से साल में एक बार मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG के दिन गैर हाज़िर हो सकता है।
एक सर्वे में सेक्स पार्टनर को लेकर चौका देने वाले आंकड़े सामने आए हैं। यह सर्वे 2019 से 21 के दौरान द
सीएमओ डॉ संजय भटनागर ने बताया पानी की जांच जलकल विभाग की जिम्मेदारी है। इसमें स्वास्थ्य विभाग की कोई
यदि किसी व्यक्ति को पाचन में परेशानी होती है, अकारण थकावट होती है, मांसपेशियों की कसावट कम होने लगती
वर्तमान समय में डायबिटीज डायलिसिस के मरीजों में किडनी फेल होने के लिए 50% जिम्मेदार है। डायबिटीज की
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि 2,00,000 टन से अधिक चिकित्सा अपशिष्ट दुनिया भर में कोरोना वायरस महामारी के परिण
बायोलॉजिकल ई ने 5 से 12 साल तक के बच्चों के लिए तैयार कोरोना रोधी वैक्सीन कोर्बिवैक्स के आपात इस्तेम
भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं जनपद प्रभारी योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य न

COMMENTS