












































रोजाना ना खाएं चाय पराठा
हम सभी जानते है की सुबह का नाश्ता हमारे सेहत के लिए कितना जरूरी है। हालांकि बिजी लाइफस्टाइल के कारण कभी कभी हम जलबाज़ी में नाश्ते में कुछ ऐसी चीजें खा लेते हैं जिसका हमारे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। ज्यादातर लोग सुबह-सुबह नास्ते में चाय और पराठा खाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चाय और पराठा एक साथ खाना नुकसानदायक जी हां इसके एक नहीं बल्कि कई नुकसान है। तो आइये हम आपको बताते है पूरी जानकारी क्यों चाय-पराठा है सेहत के लिए हानिकारक।

डायबिटीज का खतरा- Risk of diabetes
सुबह नाश्ते में चाय और पराठे को साथ में खाने से शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा बढ़ जाती हैं। इसलिए अगर आपको डायबिटीज नहीं तो इस नाश्ते से इसके होने का रिस्क बढ़ जाता है।
गैस की समस्या- Gas problem
इसके अलावा रोजाना चाय पराठा खाने से आपको ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। क्योंकि इसका कॉम्बिनेशन एसिड-बेस बैलेंस को नुकसान पहुंचता है और इससे पेट में भारीपन या पाचन संबंधी दूसरी समस्या भी हो सकती है।
आयरन की होती है कमी- Iron deficiency
एक्सपर्ट के मुताबिक, चाय में फेनोलिक रसायन पाया जाता है, ये पेट में आयरन कॉम्पलेक्स के निर्माण को उत्तेजित करते हैं। बता दे की, जिन लोगों को एनिमिया है उन्हें चाय के साथ पराठा बिलकुल भी नहीं खान चाहिए। इसका सेवन उनकी सेहत के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल का रिस्क- High cholesterol risk
पराठे में सैचुरेटेड फैट की अधिक मात्रा पाया जाता है और चाय में भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के तत्व पाया जाता हैं। इसलिए चाय के साथ पराठा खाने से हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है।







हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1288
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1190
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1162
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 763
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 679
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6657
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1512
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1456
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1393
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1288
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1260
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1190
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10283
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6657
एस. के. राणा February 01 2026 0 6559
एस. के. राणा January 20 2026 0 6321
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5908
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5782
एस. के. राणा January 13 2026 0 5334
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87666
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35925
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38839
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36330
लेख विभाग March 19 2022 0 35910
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73904
अक्सर गर्भवती महिलाओं के साथ ये समस्या रहती हैं कि वे गर्भावस्था में क्या खाएं और क्या ना खाएं। प्र
एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएसएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस पाठ्यक्रमों में दाखिला के लिए नीट (स्नातक)
अनेक कारणों से आंखों के नीचे की स्किन पतली पड़ जाती है। नीचे की रक्तवाहिका नीले या हरे रंग के घेरे क
महामारी वैज्ञानिकों ने वर्तमान वायरस के स्वरूप का स्मॉलपॉक्स के वायरस से तुलना की है। ऐतिहासिक रूप स
फाइलेरिया एक घातक बीमारी है। ये साइलेंस रहकर शरीर को खराब करती है। प्रदेश में लोगों को फाइलेरिया की
दुनिया भर के अस्पतालों में मरीज भर्ती हो रहें हैं और मौतें भी हो रही है। ये वायरस खुलेआम घूम रहा है
हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने दो से 18 वर्ष की आयु वर्ग पर क्लिनिकल ट्रायल करने का प्रस्ताव दिया था
जन औषधि योजना सेवा व रोजगार दोनों का माध्यम है। गरीब व्यक्ति भी इस योजना से सस्ती और अच्छी दवा प्राप
नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यायाम कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं जिन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता
डॉ. मांडविया ने एनएचएम की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 31 दिसंबर, 2022 तक 1.50 लाख आयुष्मान

COMMENTS