देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

कानपुर में डेंगू रोगियों के डेडिकेटेड हॉस्पिटल में एक भी रोगी एडमिट नहीं

डेंगू के 14 रोगी उर्सला और 10 रोगी हैलट तथा 61 रोगी निजी अस्पतालों में हैं लेकिन जो डेंगू के लिए डेडिकेटेड हॉस्पिटल बना है, उसमें एक भी रोगी नहीं भर्ती है। वहीं कांशीराम अस्पताल के इकलौते फिजीशियन डॉ. पियूष मिश्रा का तबादला हो गया था।

श्वेता सिंह
November 17 2022 Updated: November 17 2022 02:24
0 45239
कानपुर में डेंगू रोगियों के डेडिकेटेड हॉस्पिटल में एक भी रोगी एडमिट नहीं प्रतीकात्मक चित्र

कानपुर (लखनऊ ब्यूरो)। जिले में डेंगू रोगियों के इलाज के लिए डेडिकेटेड डेंगू हॉस्पिटल बनाने के निर्देश योगी सरकार द्वारा दिए गए हैं। मान्यवर कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय को डेडिकेटेड डेंगू हॉस्पिटल बनाया गया है, लेकिन इस अस्पताल में एक फिजीशियन तक नहीं है। 

 

इस हॉस्पिटल में डेंगू (dengue) की जांच भी नहीं होती है। यहां डेंगू के लक्षणों वाले बुखार के जो रोगी आते हैं, उनका सैंपल जांच के लिए उर्सला या जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी (microbiology) विभाग भेजा जाता है। डेंगू रोगी निजी अस्पतालों में भरे पड़े हैं। बतातें चलें कि डेंगू के 14 रोगी उर्सला और 10 रोगी हैलट तथा 61 रोगी निजी अस्पतालों में हैं लेकिन जो डेंगू के लिए डेडिकेटेड हॉस्पिटल (dedicated hospital) बना है, उसमें एक भी रोगी नहीं भर्ती है। वहीं कांशीराम अस्पताल के इकलौते फिजीशियन डॉ. पियूष मिश्रा का तबादला हो गया था। उसके बाद से अस्पताल में कोई फिजीशियन नहीं है। फीवर के जो रोगी आते हैं, उनका इलाज वक्ष रोग विशेषज्ञ करते हैं।

 

सीएमएस डॉ. स्वदेश गुप्ता का कहना है कि अस्पताल में दवाएं (medicine) भरपूर हैं। फ्लुइड आदि की भी भरपूर व्यवस्था है। बुखार (fever)) के चार रोगी भर्ती हैं, लेकिन उनकी रिपोर्ट डेंगू निगेटिव आई है। उन्होंने बताया कि मुख्य सचिव के आदेश के हवाले के साथ फिजीशियन (physician) के लिए सीएमओ को पत्र भेजा है। उर्सला से डॉक्टर मिलेंगे। इसके साथ ही डेंगू की जांच के लिए मशीन और किट के लिए भी पत्र भेजा है। अभी तो उर्सला सैंपल (sample) भेज कर जांच कराते हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

एसोसिएशन ऑफ स्पाइन सर्जन ने शुरू किया रीढ़ और मस्तिष्क को चोट से बचाने का जागरूकता कार्यक्रम। 

एसोसिएशन ऑफ स्पाइन सर्जन ने शुरू किया रीढ़ और मस्तिष्क को चोट से बचाने का जागरूकता कार्यक्रम। 

हुज़ैफ़ा अबरार January 29 2021 31169

भारत में हर साल एक मिलियन लोग इंजरी की वजह से मरते हैं और 20 मिलियन लोग हॉस्पिटल में भर्ती होते हैं।

कोरोना के बाद तेजी से फैल रही ये बीमारी, WHO ने चेताया

कोरोना के बाद तेजी से फैल रही ये बीमारी, WHO ने चेताया

एस. के. राणा March 01 2023 36806

विश्व स्वास्थ्य संगठन की हैज़ा टीम के प्रमुख फ़िलिपे बारबोज़ा ने जिनीवा में एक प्रेस वार्ता में बताय

बच्चे में पेट दर्द, उल्टी और दस्त होने पर कोरोना संक्रमण की संभावना। 

बच्चे में पेट दर्द, उल्टी और दस्त होने पर कोरोना संक्रमण की संभावना। 

हुज़ैफ़ा अबरार May 17 2021 35697

गाइडलाइन के मुताबिक अगर बच्चे को तीन दिन से ज्यादा बुखार आ रहा है या परिवार में किसी को कोरोना हुआ ह

दो महीने में टीके की बड़ी मात्रा होगी उपलब्ध- डायरेक्टर एम्स दिल्ली

दो महीने में टीके की बड़ी मात्रा होगी उपलब्ध- डायरेक्टर एम्स दिल्ली

एस. के. राणा May 16 2021 30595

स्पुतनिक ने निर्माण के लिए भारत में कई कंपनियों के साथ करार किया है। भारत बायोटेक और एसआईआई द्वारा न

केजीएमयू नैक में अपनी ग्रेडिंग सुधारने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय से लेगा मदद

केजीएमयू नैक में अपनी ग्रेडिंग सुधारने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय से लेगा मदद

हुज़ैफ़ा अबरार January 11 2023 40415

केजीएमयू में शिक्षकों के पद विज्ञापित हो चुके हैं। आर्थिक संसाधन के मामले भी केजीएमयू लविवि से संपन

दवा की थोक दुकानें चार दिन रहेंगी बंद।

दवा की थोक दुकानें चार दिन रहेंगी बंद।

हे.जा.स. December 30 2020 21014

दवा की थोक दुकानें चार दिन रहेंगी बंद। मरीजों को सामान्य तरह से दवा मिलती रहेगी।आवश्यकता पड़ने पर थ

पोर्टेबल ईसीजी डिवाइस से घर बैठे नज़र रखें अपने हार्ट पर

पोर्टेबल ईसीजी डिवाइस से घर बैठे नज़र रखें अपने हार्ट पर

एस. के. राणा January 25 2022 31369

अब पोर्टेबल ईसीजी डिवाइस भी बाज़ार में आ गयी है। इससे घर में बैठकर ही दिल की धड़कन पर 24 घण्टे नजर र

एम्स गोरखपुर में शुरू हुआ मालीक्यूलर बायोलाजी लैब

एम्स गोरखपुर में शुरू हुआ मालीक्यूलर बायोलाजी लैब

आनंद सिंह March 31 2022 32403

इस लैब के जरिये रोग शुरू होने के दो साल पहले ही पता चल सकेगा। जैसे किसी को दो साल बाद कैंसर होने वाल

कमजोर इम्युनिटी वाले हो रहे ब्लैक फंगस संक्रमण का शिकार।

कमजोर इम्युनिटी वाले हो रहे ब्लैक फंगस संक्रमण का शिकार।

लेख विभाग May 20 2021 37362

अगर समय पर ब्लैक फंगस इलाज नहीं किया गया तो ये खतरनाक रूप ले लेती है और मरीज की जान भी जा सकती है।

नई मशीनों से कैंसर मरीजों को साइड इफैक्ट बहुत कम होते हैं: डॉ मनोज कुमार श्रीवास्तव

रंजीव ठाकुर August 07 2022 101649

आईएमए भवन में गोरखपुर के हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर अस्पताल एवं शोध संस्थान और आईएमए-एएमएस के तत्वा

Login Panel