












































लखनऊ। डॉ राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का द्वितीय स्थापना दिवस समारोह इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया गया। समारोह में राज्यपाल एवं कुलाध्यक्ष आनंदीबेन पटेल, पद्मभूषण डॉ देवी प्रसाद शेट्टी, उपमुख्यमंत्री तथा चिकित्सा एवं स्वास्थय मंत्री बृजेश पाठक के साथ फैकल्टीज व विद्यार्थियों ने भाग लिया।
नारायण गु्रप ऑफ हास्पिटल (Narayan Group of Hospitals) के अध्यक्ष पद्मभूषण (Padma Bhushan) डॉ देवी प्रसाद शेट्टी (Dr. Devi Prasad Shetty) ने विश्व स्तर पर सर्जरी सुविधाओं की वृद्धि करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा आवश्यक सर्जरी के अभाव में बड़ी संख्या में मरीजों की मृत्यु होती है। देश में मातृ-मृत्यु कारणों अन्य प्रदेशों में मातृ-मृत्यु का प्रतिशत और बड़ी जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश में इसको नियंत्रित करने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा देश के नौजवानों को पैरामेडिकल (paramedical) शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। ये विश्व की सबसे बड़ी आवश्यकता है और नौजवानों के लिए शत्-प्रतिशत रोजगार का माध्यम है। उन्होंने स्कूली बच्चों के माध्यम से गांवों तक प्रत्येक व्यक्ति का ब्लड-प्रेशर चेक कराकर रजिस्टर बनाने का सुझाव भी दिया।
उपमुख्यमंत्री (Deputy CM) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थय मंत्री (Health Minister) बृजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने चिकित्सकों को गरीब जनता की समर्पण भाव के साथ चिकित्सा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को पृथ्वी पर कष्ट से मुक्ति दिलाने वाले भगवान की संज्ञा दी गई है और हम इस संस्थान में प्रत्येक चिकित्सक गरीब जनता का भगवान है। हम सबका उद्देश्य जनता को निस्वार्थ भाव से सेवा देना होना चाहिए।
राज्यपाल (Governor) एवं कुलाध्यक्ष आनंदीबेन पटेल (Anandiben Patel) ने कहा कि देश में उच्च स्वास्थय सेवाओं का होना जितना आवश्यक है, उससे अधिक स्वास्थय के प्रति जागरूकता की आवश्यकता है। हमें गाँवों तक स्वास्थय के प्रति जागरूकता का प्रसार करना होगा। इसके लिए निजी स्वयं सेवी संस्थाओं, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को जोड़कर गाँव के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुँचा जा सकता है।
राज्यपाल ने कहा बहुत सी गम्भीर बीमारियों को यदि प्रारम्भ में ही जान लिया जाए तो उसकी चिकित्सा प्राप्त कर व्यक्ति ठीक हो सकता है। गाँववासी जानकारी के आभाव में बीमारी के प्रारम्भिक सामान्य लक्षणों को अनदेखा कर देते हैं। उन्हें समय पर जानकारी देकर जागरूक किया जा सकता है। चिकित्सक मरीज की आशा का केन्द्र होता है। इसीलिए चिकित्सक को भगवान की संज्ञा भी दी गई है। चिकित्सकों को यह प्रयास करना चाहिए कि हमारे देश में स्वस्थ पीढ़ी का विकास हो, स्वस्थ शिशु जन्म लें माताएं और जननी स्वस्थ रहें।
उन्होंने इस दिशा में कार्य करने के लिए चिकित्सकों को प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चे को गर्भावस्था से ही स्वस्थ रखने का प्रयास होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इस दिशा में वृहद सत्रों का आयोजन करके उसमें ग्रामीण प्रतिनिधियों और स्वास्थ कर्मियों की प्रतिभागिता कराकर उचित पोषण, संस्थागत प्रसव, समय-समय पर जांच, स्तनपान की अनिवार्यता, वृद्ध; महिला-पुरूषों की स्वास्थ सम्बन्धी समस्या के सम्बन्ध में जागरूगता तथा उसके निवारण पर जागरूक किया जा सकता है।
राज्यपाल ने लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान को नैक (NAAC) के लिए भी तैयारी करनी चाहिए, जिसमें संस्थान को बेहतर उपलब्धि के साथ-साथ पहचान प्राप्त हो। समारोह में राज्यपाल ने बेहतर उपलब्धियों के साथ पास हुए प्रथम बैच के छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए।
इसके साथ ही उन्होंने विशेष योगदान के लिए संस्थान केे फैकल्टी हेड को भी सम्मानित किया। समारोह में उन्होंने आरएमएल लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Lohiya hospital) के प्रयास से सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer) से बचाव का वैक्सीनेशन पूर्ण कर चुकी स्कूली छात्राओं को पुस्तक भेंट कर उत्साहवर्द्धन किया।
समारोह में डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) की निदेशक डॉ सोनिया नित्यानंद ने संस्थान की प्रगति आख्या से अवगत कराया। उन्होंने राज्यपाल की प्रेरणा से संस्थान द्वारा सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु बालिकाओं के टीकाकरण अभियान की पहल का विशेष उल्लेख किया। संस्थान की डीन प्रो नुजहत हुसैन ने कार्यक्रम में सभी का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) आलोक कुमार सहित संस्थान के समस्त चिकित्सा अधिकारी तथा चिकित्सा विद्यार्थी उपस्थित थे।







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