देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

महिलाओं से सम्बंधित बीमारियों का होमयोपैथिक इलाज है कारगर।

लगभग एक तिहाई भारत थायराइड विकार से पीड़ित है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉयड विकार विकसित होने की संभावना आठ गुना अधिक होती है।

लेख विभाग
February 03 2021
0 48399
महिलाओं से सम्बंधित बीमारियों का होमयोपैथिक इलाज है कारगर। बीमारियों का विवरण

महिलाएं समाज की रीढ़ हैं। परिवार और समाज की जिम्मेदारियों का निर्वहन करते समय वे अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं देती है। इस कारण वे रोगग्रस्त हो जाती हैं। डा बत्राज क्लिनिक द्वारा उनकी बीमारियों पर मुफ्त परामर्श और जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। प्रस्तुत है डा बत्राज कंपनी समूह के संस्थापक, पद्मश्री डॉ मुकेश बत्रा द्नारा महिलाओं से सम्बंधित कुछ बीमारियों का विवरण।

थायराइड विकार

लगभग एक तिहाई भारत थायराइड विकार से पीड़ित है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायरॉयड विकार विकसित होने की संभावना आठ गुना अधिक होती है। थायराइड हार्मोन आपके शरीर में ऊर्जा, बढत और मेटाबाॅलिज्म के समन्वय के लिए जिम्मेदार है। महिलाओं में, यह प्रजनन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, खासकर अगर थायरॉयड ओवरएक्टिव है या अन्डरएक्टिव है। हार्मोनल स्तर में यह असंतुलन असामान्य मासिक धर्म का कारण बन सकता है, अंडोत्सर्जन (ओवुलेशन) प्रक्रिया को प्रभावित करता है, गर्भावस्था में जटिलताएं पैदा कर सकता है और रजोनिवृत्ति की शुरुआत अपेक्षाकृत जल्दी भी हो सकती है।

होमियोपैथी से चिकित्सा

हाइपोथायरायडिज्म के उपचार में पारंपरिक दवा के साथ होम्योपैथिक दवा थायराइडिनम 3एक्स पर एक अध्ययन ने निष्कर्ष निकाला कि होम्योपैथिक दवा थायराइडिनम 3 एक्स और लेवोथॉराॅक्सिन की संयुक्त चिकित्सा ने वजन घटाने पर उल्लेखनीय प्रभाव डाला और अन्य लक्षणों से भी राहत दी। थायराइडिनम प्राथमिक हाइपोथायरायडिज्म के मामलों में जल्दी राहत देता है।

डा बत्राज में, थायराइड की समस्या वाली लगभग 70,000 महिला रोगियों में से 96.6 प्रतिशत में होम्योपैथिक उपचार से सकारात्मक परिणाम देखे गये हैं।

पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (पीसीओएस)

प्रसव उम्र की 10 में से 1 महिला इस बीमारी से प्रभावित होती हैं और उनमें से कम से कम आधी बिना जांच के रह जाती हैं। पीसीओएस एक हार्मोनल विकार है, जो प्रजनन उम्र की महिलाओं में आम है। यदि एक महिला को पीसीओएस का पता चला है, तो उसकी बहन में भी इस विकार की संभावना 40 प्रतिशत तक हो सकती है। तनाव पीसीओएस का लक्षण और  संभावित कारण हो सकता है। यदि पीसीओएस का इलाज ना किया जाये तो इससे बांझपन, अवरोधक स्लीप एपनिया, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और गर्भाशय के लाइनिंग का मोटा होना जैसी समस्याएं हो सकती है, और यदि आपका मासिक धर्म नियमित नहीं है तो यह अंततः कैंसर का कारण बन सकता है ।

होम्योपैथी प्रभावी रूप से पीसीओएस का इलाज करती है

पीसीओएस के लिए पारंपरिक उपचार इसके दिखाई देने वाले और सबसे अधिक परेशानी वाले लक्षणों का इलाज करता है। जबकि होम्योपैथी इस मूल कारण पर केंद्रित होती है। यह हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने, ओवुलेशन प्रक्रिया को नियमित करने और मासिक धर्म को बहाल करने पर काम करती है। यह बिना किसी साइड-इफेक्ट के भी पीसीओएस से जुड़े लक्षणों का प्रभावी ढंग से इलाज करने में मदद करती है।

पारंपरिक और वैकल्पिक चिकित्सा पर हुए दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी में प्रस्तुत एक अध्ययन ने साबित किया कि कि पारंपरिक चिकित्सा द्वारा अनुपचारित रहे पीसीओएस रोगियों के सैम्पल साइज में से 69 प्रतिशत मामलों का होम्योपैथी के उपयोग से सफलतापूर्वक इलाज किया गया।

डा बत्राज में, पीसीओ से ग्रसित लगभग 6,360 महिला रोगियों ने अपने होम्योपैथिक उपचार से सकारात्मक परिणाम देखे हैं।

रजोनिवृत्ति

बेटर इंडिया के अनुसार, वर्तमान में 45 वर्ष से अधिक उम्र की 65 मिलियन भारतीय महिलाएं हैं। जबकि भारत में रजोनिवृत्ति की औसत आयु लगभग 46 वर्ष है, यह अक्सर महिलाओं को बहुत पहले से प्रभावित करती है - यहां तक कि 30-35 वर्ष की उम्र में भी। यह माना जाता है कि 2025 मे रजोनिवृत्ति से गुजरने वाली महिलाओं की संख्या लगभग 73 मिलियन होगी।

रजोनिवृत्ति से गुजरने वाली महिलाएं अक्सर त्वचा और बालों में बदलाव जैसे लक्षणों का अनुभव करती हैं। रजोनिवृत्ति के दौरान एस्ट्रोजन का स्तर कम होने के कारण अक्सर सेक्स की इच्छा कम हो जाती है। मूत्र मार्ग में संक्रमण रजोनिवृत्ति का एक और आम लक्षण है। अन्य लक्षणों में अनिद्रा, योनि का सूखापन, गर्म फ्लश और मासिक धर्म में परिवर्तन शामिल हैं।

होम्योपैथी और रजोनिवृत्ति

यूएस नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के एक अध्ययन के अनुसार, रजोनिवृत्त गर्म फ्लश के 438 रोगियों में से 90 प्रतिशत महिलाओं ने इस समस्या के गायब होने या उनके लक्षणों के कम होने की जानकारी दी।

डा बत्राज में, रजोनिवृत्ति से गुजरने वाली लगभग 6,313 महिला रोगियों ने अपने होम्योपैथिक उपचार से सकारात्मक परिणाम देखे हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट से बचाएँगें पाँच जरूरी मंत्र : डॉ. सूर्यकांत

कोरोना के ओमिक्रोन वैरिएंट से बचाएँगें पाँच जरूरी मंत्र : डॉ. सूर्यकांत

हुज़ैफ़ा अबरार December 11 2021 35264

ओमिक्रोन वैरिएंट से बचाव के पाँच जरूरी मंत्र हैं - समय से कोविड टीके की दोनों डोज को लगवाना, टीकाकरण

मासिक धर्म से पहले महिलाएं क्यों हो जाती हैं उदास, जानिए इससे बचाव के उपाय

मासिक धर्म से पहले महिलाएं क्यों हो जाती हैं उदास, जानिए इससे बचाव के उपाय

श्वेता सिंह September 15 2022 28553

मासिक धर्म से पहले शारीरिक परेशानियों के बारे में तो महिलाएं जानती हैं लेकिन उससे जुड़े मानसिक बदलाव

हेपेटाइटिस के 95% रोगियों में लक्षण दिखाई नहीं देते हैं: डॉ. राहुल राय

हेपेटाइटिस के 95% रोगियों में लक्षण दिखाई नहीं देते हैं: डॉ. राहुल राय

लेख विभाग October 15 2023 100870

मुख्य रूप से 4 वायरस इस बीमारी के कारक माने जाते हैं – ए, बी, सी और ई- और काफी हद तक रोके जा सकते है

केजीएमयू के डॉ. सूर्यकान्त ने फिर बढ़ाया देश का मान

केजीएमयू के डॉ. सूर्यकान्त ने फिर बढ़ाया देश का मान

रंजीव ठाकुर April 30 2022 33879

उत्तर प्रदेश के जाने माने चिकित्सक डॉ. सूर्यकान्त को प्रतिष्ठित मैकमास्टर टेक्स्टबुक ऑफ इंटरनल मेडिस

कोरोना काल में टीबी मरीज रखें खास ख्याल |

कोरोना काल में टीबी मरीज रखें खास ख्याल |

हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2021 28125

टीबी मरीज जब भी घर के सदस्यों से मिलें तो कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें | दवाओं के साथ–साथ ही प

यौन और प्रजनन स्वास्थ्य शिक्षा - मानव जीवन की आवश्यक आवश्यकता

यौन और प्रजनन स्वास्थ्य शिक्षा - मानव जीवन की आवश्यक आवश्यकता

लेख विभाग February 15 2022 80540

यौन और प्रजनन स्वास्थ्य शिक्षा से सुरक्षित यौन संबंध, यौन साथी तय करने की स्वतंत्रता, विभिन्न गर्भनि

4820 लोगों ने उठाया मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का लाभ

4820 लोगों ने उठाया मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का लाभ

रंजीव ठाकुर August 29 2022 34684

रविवार को जिले के सभी ग्रामीण व नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य म

हेस्टैक एनालिटिक्स का सम्पूर्ण जीनोम सीक्‍वेंसिंग टेस्ट एक बार में टीबी का पता लगा सकता है: डॉ राजेंद्र प्रसाद

रंजीव ठाकुर July 21 2022 27439

मशहूर पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि संपूर्ण जीनोम सीक्वेंसिंग से तपेदिक (टीबी) से जुड़

बायोटेक्नोलॉजी में करियर।

बायोटेक्नोलॉजी में करियर।

अखण्ड प्रताप सिंह March 30 2021 39514

भारत विश्व के टॉप 12 बायोटेक डेस्टिनेशन्स में से एक है और एशिया पेसिफिक में इसका तीसरा रैंक है. इससे

रात के समय पेशाब आना, मूत्राशय की नहीं, ह्रदय की कमजोरी का लक्षण है।

रात के समय पेशाब आना, मूत्राशय की नहीं, ह्रदय की कमजोरी का लक्षण है।

लेख विभाग January 26 2021 146400

बिस्तर पर जाने से पहले आपको गुनगुना पानी पीना चाहिए, और रात को पेशाब करने के लिए उठने के बाद भी फिर

Login Panel