











































प्रतीकात्मक चित्र
रूमेटाइड आर्थराइटिस जोड़ों के लिए बेहद खतरनाक अवस्था है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसकी वजह से जोड़ों में सूजन, दर्द के साथ अकड़न पैदा हो जाती है। दुनिया में लाखों लोग इस समस्या से परेशान हैं। आर्थराइटिस की मौजूदगी में आपको दर्द के साथ दिनचर्या में होने वाली गतिविधियों में भी परेशानी झेलनी पड़ सकती है क्योंकि इससे आपके जोड़ों की गति पर बुरा असर पड़ता है।

रूमेटाइड आर्थराइटिस के लक्षण - Symptoms of Rheumatoid Arthritis
1. जोड़ों में दर्द (Joint pain)
2. जोड़ों में सूजन (Swelling of the joints)
3. जोड़ों में अकड़न (Stiff joints)
4. पीठ व मांसपेशियों में दर्द (Pain in back and muscles)
5. चलने फिरने में परेशानी होना (Difficulty walking)
6. उंगली में गांठ या सूजन की उपस्थिति (Presence of lump or swelling in finger)
इसके अलावा थकान, कमतर श्रेणी वाला बुखार, वज़न कम होना, भूख ना लगना, सीने में दर्द, जोड़ों में लालपन (redness) आदि भी इस स्थिति के लक्षण माने गए हैं। रूमेटाइड आर्थराइटिस (Arthritis) के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर भी हो सकते हैं। वैसे यह बीमारी किसी को भी हो सकती है लेकिन 30-60 उम्र के लोगों और महिलाओं (women) को इसका खतरा ज्यादा रहता है।
आयुर्वेद (ayurveda) विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि आप रूमेटाइड आर्थराइटिस (Arthritis) से पीड़ित हैं तो आहार में टमाटर, दही, बेकरी, किण्वित भोजन समेत ज्यादा नमकीन खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। इसके साथ ही हल्का और सुपाच्य भोजन लें।
रूमेटोइड आर्थराइटिस के रोगियों के लिए सबसे अच्छा विटामिन विटामिन डी (Vitamin D) है। रूमेटोइड आर्थराइटिस वाले लोगों के लिए विटामिन डी बेहद फायदेमंद होता है क्योंकि रूमेटोइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून (autoimmune) डिसऑर्डर है और विटामिन डी प्रतिरक्षा प्रणाली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विटामिन डी सूजन (swelling) के खिलाफ भी मददगार साबित होता है और इसे ठीक करने में मदद करता है। यदि किसी व्यक्ति को पर्याप्त विटामिन डी नहीं मिलता है तो हड्डियाँ नरम और भंगुर हो सकती हैं। इसलिए जिन रोगियों (patients) को रूमेटोइड आर्थराइटिस है, उन्हें नियमित रूप से विटामिन डी की जांच कराते रहना चाहिए।
विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने के लिए धूप में 10-15 मिनट बिताने की सलाह दी जाती है। सूरज (sun) की यूवी किरणें आपके खुद के विटामिन डी का उत्पादन करने में मदद करती हैं। दूसरी ओर बहुत अधिक यूवी किरणें त्वचा के कैंसर का कारण बन सकती हैं इसलिए अत्यधिक जोखिम से बचना चाहिए। मछली (fish) खाने से विटामिन डी लिया जा सकता है जैसे सैल्मन और मैकेरल। साथ ही शरीर में विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए विटामिन डी सप्लीमेंट का इस्तेमाल किया जा सकता है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 994
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब में जीनोम सीक्वेसिंग की जाएगी। इस जांच के लिए अन्य मशीनें विभाग में मौ
दन्त चिकित्सा में गुणवत्ता बढ़ाने के उद्देश्य से डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया ने बड़ा कदम उठाया है। काउंसिल
गिलोय के पत्ते स्वाद में कसैले, कड़वे और तीखे होते हैं। गिलोय का उपयोग कर वात-पित्त और कफ को ठीक किय
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तेलंगाना के 16 ग्रीन जोन में ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ प्रोजेक्ट की शुरुआत क
24 घंटे के दौरान चार लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसमें दो मरीजों को केजीएमयू में भर्ती क
डॉ. शैलेन्द्र भटनागर का कहना है कि प्रदेश को तय समय में टीबी मुक्त बनाने में यह पहल अहम भूमिका निभाए
फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में कोविड को लेकर मॉक ड्रिल की गई इस दौरान सिविल अस्पताल की प्राइमरी मेडिक
कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत हैलट अस्पताल में 80 लाख रुपए की लागत से एक नेत्र बैंक बनन
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में एंडोक्राइन सर्जरी विभाग द्वारा आयोजित एक सर्जिकल का
टाइफाइड एक गंभीर बीमारी है, यह साल्मोनेला एन्टेरिका सेरोटाइप टाइफी बैक्टीरिया से होता है! यह साल्मोन

COMMENTS