देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

व्यापार

दवा उपभोगताओं के लिए वरदान साबित हो रहा है जन औषधि केंद्र, कोरोना संकटकाल में भी बढ़ाया मुनाफ़ा।

जनऔषधि दवाओं की कीमत कम से कम 50% और कुछ मामलों में, ब्रांडेड दवाओं के बाजार मूल्य का 80% से 90% तक सस्ती है

हे.जा.स.
January 26 2021
0 24995
दवा उपभोगताओं के लिए वरदान साबित हो रहा है जन औषधि केंद्र, कोरोना संकटकाल में भी बढ़ाया मुनाफ़ा। प्रतीकात्मक फोटो

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (PMBJP) ने चालू वित्तीय वर्ष 2020-2021 में 12 जनवरी तक रु 484 करोड़ की बिक्री दर्ज़ की है। जो इसी अवधि के लिए पिछले वर्ष की तुलना में 60 फीसदी अधिक है। सरकार का मानना है की इस बिक्री से दवा उपभोगताओं को तीन हज़ार करोड रुपये की बचत हुई है। देश भर में कुल 7,064 जनऔषधि केंद्र हैं। जिनमें से 260 नए जन औषधि केंद्र स्थापित किये गए हैं। केंद्र सरकार ने मार्च 2025 के अंत तक 10,500 जन औषधि केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

PMBJP ने  कोरोना काल में मार्च से जून, 2020 तक कई चुनौतियों का सामना किया था, एपीआई और अन्य कच्चे माल की कमी हो गयी थी। कच्चे माल और उत्पाद को ले जाने और लाने के लिए वाहनों की उपलब्धता नहीं थी। COVID लॉकडाउन के बावजूद PMBJP ने 2020-2021 की पहली तिमाही में रु 146.59 करोड़ की बिक्री दर्ज़ किया। जो 2019-2020 की पहली तिमाही में रु 75.48 करोड़ था। जन औषधि केंद्र लॉकडाउन के दौरान आवश्यक दवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खुले रहे। इन केंद्रों से लगभग 15 लाख फेस मास्क, 80 लाख टैबलेट हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन और 100 लाख पेरासिटामोल टैबलेट की बिक्री हुई , जिससे उपभोक्ताओं को लगभग रु 1260 करोड़ की बचत हुई।

इन केंद्रों द्वारा बेची जाने वाली दवाओं की वर्तमान सूची में 1,250 दवाएं और 204 सर्जिकल उपकरण शामिल हैं। 31 मार्च, 2024 के अंत तक इसे 2,000 दवाओं और 300 सर्जिकल उत्पादों तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। ताकि सभी आवश्यक दवाएं, जैसे - एंटी डायबिटीज, कार्डियोवस्कुलर ड्रग्स, एंटी-कैंसर, एनाल्जेसिक और एंटीथायरेक्टिक्स, एंटी- एलर्जी, गैस्ट्रो, विटामिन और खनिज, खाद्य पूरक और अन्य दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित किया जा सके।

जनऔषधि दवाओं की कीमत कम से कम 50% और कुछ मामलों में, ब्रांडेड दवाओं के बाजार मूल्य का 80% से 90% तक सस्ती है। ये दवाएं केवल डब्ल्यूएचओ-जीएमपी अनुपालन निर्माताओं से खुले निविदा के आधार पर खरीदी जाती हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

लखनऊ में 50 लाख आबादी पर 500 वेंटिलेटर, अभाव में दम तोड़ देतें हैं गंभीर मरीज़

लखनऊ में 50 लाख आबादी पर 500 वेंटिलेटर, अभाव में दम तोड़ देतें हैं गंभीर मरीज़

हुज़ैफ़ा अबरार March 02 2022 39624

लखनऊ में वेंटिलेटर की बदहाल व्यवस्था ने दूसरे दिन भी एक मरीज की जान ले ली। लकवाग्रस्त मरीज को समय पर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू में एशिया की पहली पेथोजेन रिडक्शन मशीन का लोकार्पण किया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू में एशिया की पहली पेथोजेन रिडक्शन मशीन का लोकार्पण किया

अबुज़र शेख़ October 27 2022 24235

इस मशीन के लोकार्पण होने के बाद अब प्रदेश में फेफड़े के कैंसर सहित छाती से जुड़ी बीमारियों की सर्जरी

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने अस्पतालों को दिया संबद्धता प्रमाणपत्र

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने अस्पतालों को दिया संबद्धता प्रमाणपत्र

अनिल सिंह November 12 2022 28053

शुक्रवार को पांच अस्पतालों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।  अस्पतालों  के प्रबंधकों ने संस्था को लिखकर

श्रावस्ती में निःशुल्क विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन

श्रावस्ती में निःशुल्क विशाल स्वास्थ्य मेले का आयोजन

विशेष संवाददाता February 27 2023 30130

राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने भारत माता की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर स्वास्थ्य मेले का शुभारंभ

स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, लोगों ने कराई नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच

स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, लोगों ने कराई नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच

आरती तिवारी April 23 2023 29748

इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी नेतृत्व में मेदांता अस्पताल लखनऊ के द्वारा निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगा

भारत में क्यों कम हुआ ओमिक्रॉन का घातक असर?

भारत में क्यों कम हुआ ओमिक्रॉन का घातक असर?

हे.जा.स. February 10 2022 30472

अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों के मुकाबले भारत में ओमीक्रॉन से ज्यादा असर नहीं पड़ा। भारत के लोगों मे

केजीएमयू में

केजीएमयू में ''वन महोत्सव सप्ताह'' के अवसर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित 

हुज़ैफ़ा अबरार July 06 2022 38981

हम जानते ही है की वन हमारे लिए बहुत महत्व रखते है। यह मनुष्य और बाकी सारे जीव जंतुओं को प्रकृति का ए

इटौंजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीमार, गंदगी का है अम्बार।  

इटौंजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीमार, गंदगी का है अम्बार।  

हुज़ैफ़ा अबरार March 02 2021 45370

यह सच है हमारे यहां डाक्टर की कमी है। इसको लेकर हमने सीएमओ साहब को सूचित कर दिया है देखिए कब तक यहां

लिवर ट्रांसप्‍लांट: लिविंग डोनर की भरी कमी से जूझ रहा है देश

रंजीव ठाकुर September 10 2021 31506

लिवर सिरोसिस भी बड़ा कारण होता है। लिवर सिरोसिस की वजह से ट्रांसप्लांट की सबसे ज्‍यादा जरूरत पड़ती है।

कोरोना सैंपल की एम्स में हो सकेगी जीनोम सिक्वेंसिंग

कोरोना सैंपल की एम्स में हो सकेगी जीनोम सिक्वेंसिंग

एस. के. राणा January 07 2023 25988

एम्स में अब कोरोना सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा मिल पाएगी। जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन मिलने के ब

Login Panel