












































प्रतीकात्मक चित्र
नयी दिल्ली। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 के दौरान दुनिया भर में प्रतिदिन करीब 800 महिलाओं की मृत्यु गर्भावस्था और प्रसव के दौरान हुई। साल भर में लगभग 2,87,000 महिलायें असमय काल कलवित हुई। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट कहती है कि गर्भावस्था या प्रसव के दौरान अपर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के कारण हर दो मिनट में एक महिला की मृत्यु हो जाती है।
डब्ल्यूएचओ (WHO) के महानिदेशक गेब्रयेसुस ने कहा कि हालांकि गर्भावस्था (pregnancy) महिलाओं के लिए एक उम्मीद और सकारात्मक अनुभव होना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से यह अभी भी दुनियाभर की लाखों महिलाओं के लिए एक बहुत खतरनाक अनुभव है।

इस रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ ने यह भी कहा कि इनमें से अधिकतर मौतें अत्यधिक रक्तस्राव (excessive bleeding), संक्रमण (infections), असुरक्षित गर्भपात (unsafe abortions) और एचआईवी (HIV) या एड्स (AIDS) जैसी बीमारियों के कारण होती हैं। इनकी रोकथाम और इलाज भी संभव है।
संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNPF) की प्रमुख नतालिया कानेम ने कहा कि लाखों महिलाएं इस तरह से मरती हैं और यह दर बहुत उच्च है। अपनी रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ ने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाओं को अपने प्रजनन स्वास्थ्य (reproductive health) निर्णयों पर नियंत्रण रखना चाहिए, विशेष रूप से कि क्या वे बच्चे पैदा करना चाहती हैं और किस उम्र में वे बच्चे पैदा करना चाहती हैं।
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक इन लाखों मौतों में से ज्यादातर गरीब और संघर्ष प्रभावित देशों में गर्भावस्था और प्रसव (childbirth) के दौरान हुईं. इस रिपोर्ट की लेखिका जेनी क्रेसवेल ने रिपोर्ट में लिखा है कि 2020 में ऐसी मौतों में से 70 प्रतिशत उप सहारा अफ्रीकी देशों से दर्ज की गईं, जहां इन मौतों की दर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की तुलना में 136 गुना थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि संकट का सामना कर रहे सीरिया, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान और यमन जैसे देशों में मातृ और शिशु मृत्यु दर ऐसी मौतों की वैश्विक औसत दर से दोगुनी थी।
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) की प्रमुख कैथरीन रसेल ने इन आंकड़ों के बारे में बात करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में इलाज और चिकित्सा (treatment) सुविधाओं के समान प्रावधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य समानता (health equality) हर मां को, चाहे वह कोई भी हो और कहीं भी हो, सुरक्षित मातृत्व और अपने परिवार के साथ एक स्वस्थ भविष्य (healthy future) का उचित मौका देती है।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 987
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
अगर प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया तो हम कोरोना प्रतिबंधों में ढील के फैसले को फिर से रद्द कर सकते
बदले मौसम के कारण ज्यादातर केस वायरल बुखार के आ रहे हैं। बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सक डाॅक्टर सर्वेश
किंग जार्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय में पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग में नव निर्मित सेमिनार रूम, लाइब्रे
स्वास्थ्य मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान एचएलएल के 35,668 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड व्यापार (ट
उक्त मामले में जब अधीक्षक डॉ रजनीश प्रियदर्शी से जानकारी ली गयी तो उनको भी नही पता था कि अजगरा सामुद
यूपी को करीब 15 लाख कोरोना की खुराक मिल गई है। इसे सभी जिलों में भेजा जा रहा है।
कोविन ऐप पर 15 से 18 साल, 18 साल से ऊपर का स्लाट तो दिख रहा है लेकिन 12 से 14 साल के बच्चों वाला स्ल
इस बदलते मौसम में इम्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है। ऐसे में सर्दी जुकाम और बुखार आदि की परेशानी आम बा
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील करते कहा कि जिन लोगों ने अभी तक टीकाकरण नहीं कराया है, वह रविवार स
सामान्य तौर पर हर 15 से 20 दिन में हेयर डिटॉक्स करना चाहिए। यदि आपके बाल प्रदूषण के संपर्क में ज्याद

COMMENTS