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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में मरीजों को और बेहतर इलाज मिलने वाला है। इसके लिए केजीएमयू कुलपति ले. जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने लोक निर्माण विभाग को एक पत्र भिजवाया है। इस पत्र में लोक निर्माण विभाग को ट्रॉमा सेंटर फेज-2 में बनने वाले सात मंजिला नए भवन की हर मंजिल पर मिलने वाली सुविधाओें और विभागों के ब्यौरे के साथ ही इसकी प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने की बात कही गई है।
अभी तक केजीएमयू (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में चार मंजिल हैं जहाँ इस समय 400 बेड की क्षमता है। केजीएमयू प्रशासन (administration) के मुताबिक़ ज्यादा मरीज आने से बड़ों की संख्या कम पद रही थी, जिसको ध्यान में रखते हुए एमएस कार्यालय और नर्सिंग भवन समेत कई जर्जर भवन गिराकर उनके स्थान पर नये भवन का प्रस्ताव (proposal) शासन को भेजा गया था। कैबिनेट ने जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण को मंजूरी दे दी है। अब यहां ट्रॉमा सेंटर का विस्तार भवन बनेगा। ट्रॉमा सेंटर फेज-2 में सात मंजिला भवन के साथ ही दो बेसमेंट भी होंगे ताकि पार्किंग की समस्या दूर हो सके।
अभी पुराने भवन में ही दोनों तरीके के मरीज (patients) भर्ती किए जाते हैं। दुर्घटना में घायल मरीज खून से लथपथ होते हैं। ऐसे में इमरजेंसी मेडिसिन वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को दिक्कत होती है। एक ही मशीन पर जांच आदि करने में भी असुविधा होती है। जानकारी के मुताबिक़ अब ट्रॉमा सेंटर (Trauma Center) फेज-2 का जो 7 मंजिला नया भवन बन रहा है , उसमे सड़क दुर्घटना वाले मरीजों को भर्ती किया जाएगा और पुराने भवन में गंभीर रोगियों का इलाज होगा।







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