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बुलंदशहर। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान 7 दिन के दो नवजात बच्चो (newborn babies) की मौत होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही के कारण बच्चो की मौत हो गई। मृतक बच्चों (deceased children) के पिता सर्वेश ने बताया कि 16 मई को बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान इलाज के नाम पर 5 हजार रुपए की मांग की गयी। रुपए ना देने की वजह से इलाज में लापरवाही (medical negligence) की गई। उन्होंने बताया कि इलाज में लापरवाही के कारण बच्चो की मौत हुई है। परिजनों का कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। इधर बच्चो की मौत के बाद परिजनों को रो रोकर बुरा हाल है।
मृतक बच्चों के पिता सर्वेश ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने के दौरान पत्नी को जिला अस्पताल (District Hospital) लाया गया था लेकिन सीरियस हालत देखते हुए जिला अस्पताल प्रशासन (hospital administration) ने डॉक्टरों ने रेफर करने की बात कही थी। जिसके चलते पत्नी को निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जहां ऑपरेशन के बाद दो बच्चों को जन्म दिया बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल की नर्सरी में भर्ती कराया गया।
गुस्साये परिजनों (angry relatives) ने जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस को रिपोर्ट लिख पोस्टमार्टम कराने की बात की है। मृतक बच्चों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस भी अपना ढुलमुल रवैया अपनाए हुए हैं। 33 घण्टे बीतने के बाद भी पुलिस ने कोइ एफआईआर दर्ज नहीं की है उल्टा बच्चों को जिला अस्पताल से ले जाने का दबाव बनाया जा रहा है। जबकि मृतक बच्चों के परिजन एफआईआर दर्ज कर बच्चों के पोस्टमार्टम कराने को लेकर डटे हुए हैं।







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