












































Ban on the reuse of single-use medical devices in hospitals.
नयी दिल्ली। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने देश भर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल पर बैन लगाने का आदेश दिया है. आदेश के अनुसार, सिंगल यूज डिवाइस को स्टेरलाइज करके दोबारा यूज नहीं किया जा सकता क्योंकि इससे मरीजों में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने 16 अक्टूबर-26 को जारी पत्र में कहा कुछ निजी और कॉरपोरेट अस्पतालों में एक बार इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को स्टरलाइज करके दोबारा उपयोग किए जाने की जानकारी मिली है। सरकार ने निर्देश दिया ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल निर्माता के निर्देशों के अनुसार ही किया जाए और सिंगल-यूज उपकरणों को दोबारा इस्तेमाल न किया जाए।
रिपोर्टों के अनुसार दोबारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों में प्रमुख रूप से शामिल हैं-कार्डियक कैथेटर और गाइडवायर: एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी प्रक्रियाओं में इस्तेमाल होने वाले उपकरण। डायलिसिस उपकरण: डायलाइजर और ब्लड ट्यूबिंग जैसे उपकरण। सर्जिकल उपकरण: सर्जिकल स्टेपलर लैप्रोस्कोपिक ट्रोकार और ऑर्थोपेडिक ड्रिल बिट। सिरिंज और सुई: एक बार इस्तेमाल के लिए निर्धारित डिस्पोजेबल सामग्री। यह सूची रिपोर्टों में बताए गए उपकरणों के उदाहरण हैं, संपूर्ण आधिकारिक सूची नहीं। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों को अस्पतालों का निरीक्षण करने नियमों के पालन की निगरानी करने और उल्लंघन पाए जाने पर लागू कानूनों के तहत कार्रवाई करने को कहा गया है।
मरीजों को क्या फायदा होगा?
इस निर्देश का प्रमुख उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इससे निम्नलिखित लाभ मिलने की उम्मीद है-संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद। एक बार इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के अनुचित पुनः उपयोग पर रोक। चिकित्सा उपकरणों के उपयोग में पारदर्शिता। मरीजों से इस्तेमाल किए गए उपकरणों की पूरी कीमत वसूलने जैसी कथित अनियमितताओं पर निगरानी। DGHS ने यह भी चिंता जताई कि कुछ मामलों में उपकरण दोबारा इस्तेमाल किए जाने के बावजूद मरीजों से उनकी पूरी कीमत वसूली जा रही थी।
केंद्र का यह निर्देश अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अब राज्यों स्वास्थ्य विभागों और औषधि नियंत्रकों की जिम्मेदारी होगी कि वे अस्पतालों में सिंगल-यूज मेडिकल डिवाइस के पुनः उपयोग पर रोक का प्रभावी पालन सुनिश्चित करें। निर्देश में नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने को कहा गया है। ऐसे मामलों में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940, मेडिकल डिवाइसेज रूल्स, 2017 और अन्य लागू प्रावधान प्रासंगिक हो सकते हैं।
सिंगल यूज डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल के नुकसान
संक्रमण का खतरा HIV, हेपेटाइटिस-B और हेपेटाइटिस-C जैसे रक्त से फैलने वाले संक्रमण का खतरा हो सकता है। एक मरीज से दूसरे मरीज तक संक्रमण फैल सकता है। बैक्टीरिया और अन्य सूक्ष्मजीवों के कारण गंभीर संक्रमण हो सकता है। उपकरण की कार्यक्षमता में कमी (Reduced Functionality) दोबारा इस्तेमाल करने से उपकरण की गुणवत्ता और कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। उपकरण टूट सकता है या सही तरीके से काम नहीं कर सकता। इससे इलाज के दौरान जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं।







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