












































Awareness Program on Beyond Straight Teeth Organized at Lohia Institute
लखनऊ। नेशनल ऑर्थोडॉन्टिस्ट दिवस पर डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के दंत चिकित्सा विभाग द्वारा इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल के सहयोग से दांतों से कहीं बढ़कर विषय पर सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन संस्थान के निदेशक प्रो. डॉ. सीएम सिंह एवं डीन प्रो. डॉ. राजन भटनागर के मार्गदर्शन तथा प्रो. डॉ. विक्रम सिंह सीएमएस के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. सुब्रत चंद्र एग्जीक्यूटिव रजिस्ट्रार का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के आयोजन अध्यक्ष एवं दंत चिकित्सा विभाग की प्रोफेसर एवं आयोजन अध्यक्ष प्रो. डॉ. शैली महाजन ने ऑर्थोडॉन्टिस्ट डे के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा आधुनिक ऑर्थोडॉन्टिक्स केवल दांतों को सीधा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि चेहरे की सामंजस्यपूर्ण संरचना बेहतर कार्यक्षमता सौंदर्य आत्मविश्वास तथा जीवन की गुणवत्ता में सुधार से जुड़ा है।
ऑर्थोडॉन्टिस्ट (दाँतों और जबड़े की स्थिति/अलाइनमेंट सुधारने वाले दंत विशेषज्ञ) के योगदान को सम्मान देने और लोगों में ऑर्थोडॉन्टिक उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने का दिन है। इस दिन आमतौर पर दाँतों की टेढ़ापन और गलत बाइट के उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाती है।
ब्रैसेज़ क्लियर अलाइनर्स आदि के महत्व की जानकारी दी जाती है। ऑर्थोडॉन्टिस्ट और उनकी सेवाओं के प्रति आभार व्यक्त किया जाता है।
डीन प्रो. डॉ. राजन भटनागर ने दंत चिकित्सा विभाग की निरंतर प्रगति एवं शैक्षणिक और चिकित्सकीय गतिविधियों की सराहना की। प्रो. डॉ. सुब्रत चंद्र ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर सीखने एवं व्यावसायिक सहयोग के महत्व पर बल दिया। वैज्ञानिक सत्र में प्रो. माधवी प्रोफेसर ऑर्थोडॉन्टिक्स सरस्वती डेंटल कॉलेज ने आधुनिक ऑर्थोडॉन्टिक्स पर व्याख्यान दिया। डॉ. ए. क्यू. जिलानी ने दंत आघात के समग्र स्वास्थ्य पर प्रभाव तथा समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रो. डॉ. भुवन चंद्र तिवारी कार्डियोलॉजिस्ट ने अनियमित दांतों एवं उनके समग्र स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बेस्ट स्माइल प्रतियोगिता रहा जिसमें संस्थान के फैकल्टी छात्रों रेजिडेंट्स एवं स्टाफ ने अपनी मुस्कान की सेल्फी भेजकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन वरिष्ठ ऑर्थोडॉन्टिस्ट प्रो. डॉ. रागिनी टंडन तथा प्रोस्थोडॉन्टिस्ट डॉ. मोहित रघुवंशी ने किया।
पुरुष वर्ग
डॉ. विकास जयंत – प्रथम पुरस्कार
राहुल शर्मा – द्वितीय पुरस्कार
डॉ. ऋषिकेश – तृतीय पुरस्कार
महिला वर्ग
ज़ोया अरशद – प्रथम पुरस्कार
डॉ. प्रकृति शुक्ला – द्वितीय पुरस्कार
डॉ. रागिनी गुप्ता – तृतीय पुरस्कार
कार्यक्रम में 80 मेडिकल एवं डेंटल रेजिडेंट्स नर्सिंग स्टाफ एवं दंत चिकित्सा विशेषज्ञों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समन्वय प्रो. डॉ. शैली महाजन डॉ. पद्मनिधि अग्रवाल एवं डॉ. सिमिथ यादव द्वारा किया गया, जिसमें विभाग के रेजिडेंट्स एवं स्टाफ का सक्रिय सहयोग रहा।कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट रहाऑर्थोडॉन्टिक्स केवल सीधे दांतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ सुंदर और आत्मविश्वास से भरपूर मुस्कान का निर्माण करता है।







लेख विभाग October 25 2026 0 147
हुज़ैफ़ा अबरार October 25 2026 0 140
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 84
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 77
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 77
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6692
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1610
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1596
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1463
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1449
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1351
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1309
विशेष संवाददाता October 21 2026 0 1260
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10318
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6692
एस. के. राणा February 01 2026 0 6573
एस. के. राणा January 20 2026 0 6321
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5929
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5789
एस. के. राणा January 13 2026 0 5341
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87673
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35939
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38846
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36358
लेख विभाग March 19 2022 0 35917
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73925
अध्ययन में 56.81 फीसदी (175) मरीजों पर कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी का असर नहीं हुआ। ये मरीज तंबाकू, गुट
भारत के शीर्ष 5 फार्मा निर्यात गंतव्य यूएस, यूके, दक्षिण अफ्रीका, रूस और नाइजीरिया हैं। अप्रैल और मई
देश के पांच साल से कम उम्र के 15 करोड़ बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। हमें सतर्क रहने और यह सु
इन्फ्लूएंजा टीकों (influenza vaccines) में निहित वायरसों का समय-समय पर अद्यतन करना आवश्यक है, ताकि ट
ज्यादातर लोग वैसलीन का उपयोग त्वचा व होंठों को मुलायम रखने के लिए करते हैं। लेकिन इसके अलावा भी वैसल
सही समय पर सटीक जांच जन-जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता ही संक्रमण की कड़ियों को तोड़ने तथा रोग
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि तीन सदस्यीय टीमें कोरोना को लेकर इन राज्यों में उन जिलों का दौरा करेंगी
17 से 35 साल की 40 महिलाओं पर यह अध्ययन किया गया था। हर सैंपल में यूरेनियम की मात्रा पाई गई, अर्थात
बुखार पीड़ित बच्चों की मौत के बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने गांव हंसपुरा में शिविर लगाया। मुख्य च
अपने करिश्माई चिकित्सकीय परिणामों के कारण होम्योपैथी प्रमुख चिकित्सा पद्धति के रूप में स्थापित हो चु

COMMENTS