











































प्रतीकात्मक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में जीका वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया है और सप्ताहांत में कानपुर में पहला मामला सामने आने के बाद एक एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक वेद व्रत सिंह द्वारा जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्य के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को संदिग्ध मामलों पर नजर रखने के लिए कहा गया है, जबकि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में प्रयोगशाला को परीक्षणों का संचालन करने के लिए लगाया गया है।
सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरल लेकिन प्रभावी निवारक उपाय अपनाएं।
जीका वायरस मुख्य रूप से एक संक्रमित एडीज प्रजाति के मच्छर (एई इजिप्टी और एई अल्बोपिक्टस) के काटने से लोगों में फैलता है। ये वही मच्छर हैं जो डेंगू और चिकनगुनिया भी फैलाते हैं।
जीका वायरस केवल यौन संपर्क के माध्यम से लोगों के बीच संक्रामक है। सीडीसी का सुझाव है कि जीका वायरस के लक्षण होने पर महिलाएं आठ सप्ताह तक और पुरुष छह महीने तक संक्रामक रहते हैं।
जीका बुखार के लक्षणों और संकेतों में बुखार और ठंड लगना, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते और आंखे लाल होना शामिल हैं। हालांकि जीका बुखार सामान्य होता है, लेकिन यह अजन्मे बच्चों में गंभीर जन्म दोष पैदा कर सकता है।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4648
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4592
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3766
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34721
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72476
गिलोय के पत्ते स्वाद में कसैले, कड़वे और तीखे होते हैं। गिलोय का उपयोग कर वात-पित्त और कफ को ठीक किय
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएचसी में गर्भवती महिलाओं को उपचार के अलावा बाकी बीमारी से पीड़ितों को भी
केंद्रीय कैबिनेट ने मौजूदा मेडिकल कॉलेजों के साथ सह-स्थान में 1570 करोड़ रुपये की लागत से 157 नए नर्
मरीज़ की अधिक उम्र रजोनिवृत्ति की स्थिति संरचनात्मक रूप से छोटा गर्भाशय और बार-बार आईवीएफ असफल रहने
आईएनओ की यह थेरेपी पुरानी फेफड़ों की बीमारी (बीपीडी) की रोकथाम में भी मदद करेगी। समय से पहले बच्चे,
मुख्य धमनी जो हृदय को रक्त की सप्लाई करती है अगर उस धमनी में अचानक ब्लाकेज आ गया जिसकी वजह से खून हृ
अस्पताल के महानिदेशक डा. महेश गोयल ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य (health) के लिए यह जरूरी है कि लोगों क
वॉक करने से शुगर का मेटाबोलिक रेट बढ़ता है, जिससे शुगर मैनेज करने में मदद मिलती है। लेकिन आपको इसका
जून माह में करीब एक करोड़ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है और जिस रफ़्तार से टीकाकरण हो रहा है, उससे प्रत
भले ही वॉक करना एक अच्छी एक्सरसाइज है लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद तभी साबित हो सकता है जब वॉ

COMMENTS