












































Prof. C.M. Singh Director of Lohia Institute Lucknow
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के निदेशक प्रो. सी एम सिंह को एपिडेमियोलॉजी फ़ाउंडेशन ऑफ़ इंडिया का अध्यक्ष चुना गया। यह निर्णय 3 अक्टूबर को चंडीगढ़ में आयोजित ईएफआई गवर्निंग काउंसिल की बैठक में लिया गया। प्रो. सीएम सिंह की यह उपलब्धि डॉ. आरएमएलआईएमएस सहित पूरे प्रदेश के चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। जनस्वास्थ्य महामारी विज्ञान चिकित्सा शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व सौंपा गया है। एपिडेमियोलॉजी फ़ाउंडेशन ऑफ़ इंडिया का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न बीमारियों के फैलाव, उनके जोखिम कारकों और प्रभावित आबादी का वैज्ञानिक अध्ययन कर ऐसी रणनीतियां विकसित करना है, जिनसे बीमारियों की समय रहते रोकथाम की जा सके।
प्रो. सीएम सिंह के नेतृत्व में ईएफआई द्वारा महामारी-संबंधी सर्वेक्षण, जनसंख्या-आधारित शोध और बीमारी की निगरानी को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इन अध्ययनों से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसी क्षेत्र में कौन-सी बीमारियां बढ़ रही हैं, उनके प्रमुख कारण क्या हैं तथा वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं और वास्तविक जनस्वास्थ्य आवश्यकताओं के बीच कहां अंतराल मौजूद हैं। विशेष रूप से मौलिक और प्राथमिक रोकथाम पर जोर रहेगा। प्राथमिक रोकथाम का उद्देश्य मोटापा, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग जैसे जोखिम कारकों को विकसित होने से पहले ही रोकना है, जबकि प्राथमिक रोकथाम में जोखिम वाले व्यक्तियों की समय रहते पहचान कर बीमारी होने से बचाने का प्रयास किया जाता है।
समुदाय विद्यालयों कार्यस्थलों तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में किए जाने वाले महामारी-संबंधी सर्वेक्षण से खान-पान, शारीरिक गतिविधि, मोटापा, तंबाकू सेवन, तनाव, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसे जोखिम कारकों की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकेगा। इससे प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सबूत-आधारित स्वास्थ्य नीतियां और बीमारी से बचाव वाले स्वास्थ्य कार्यक्रम तैयार करने में सहायता मिलेगी। ईएफआई के माध्यम से युवा चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को महामारी विज्ञान, अनुसंधान पद्धति, जैव-सांख्यिकी और जन-स्वास्थ्य अनुसंधान में प्रशिक्षण देने तथा विभिन्न संस्थानों के बीच बहु-केंद्रित शोध को भी बढ़ावा मिलेगा। डॉ. आरएमएलआईएमएस परिवार ने प्रो. सीएम सिंह को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके नेतृत्व में ईएफआई इलाज के साथ बीमारी होने से पहले उसकी रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और देश में सबूत-आधारित जन स्वास्थ्य को और मजबूत करेगा।







हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 1071
हुज़ैफ़ा अबरार October 27 2026 0 553
लेख विभाग October 25 2026 0 266
हुज़ैफ़ा अबरार October 25 2026 0 217
अखण्ड प्रताप सिंह October 26 2026 0 161
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 154
हुज़ैफ़ा अबरार October 26 2026 0 147
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6713
हुज़ैफ़ा अबरार October 13 2026 0 1680
हुज़ैफ़ा अबरार October 08 2026 0 1666
हुज़ैफ़ा अबरार October 22 2026 0 1540
हुज़ैफ़ा अबरार October 06 2026 0 1498
हुज़ैफ़ा अबरार October 14 2026 0 1470
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 1358
हुज़ैफ़ा अबरार October 18 2026 0 1323
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 10339
हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2026 0 6713
एस. के. राणा February 01 2026 0 6594
एस. के. राणा January 20 2026 0 6335
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5943
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5796
एस. के. राणा January 13 2026 0 5362
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87680
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35946
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38853
सौंदर्या राय April 05 2022 0 36379
लेख विभाग March 19 2022 0 35938
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73946
बिहार शरीफ सदर अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड के डॉक्टर ड्यूटी से गायब मिले जिसकी वजह से मरीजों को इलाज
बक ने बताया कि शोधकर्ताओं का लक्ष्य एक ऐसी नॉन-हार्मोनल गोली बनाने का है जो एक घंटे के अंदर काम करना
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक सोमवार को गोण्डा में निर्माणाधीन मेडिकल कालेज के निर्माण कार्य का जायजा ले
कनाडा में कोविड वैक्सीन न लेने वालों के खिलाफ लागू किए कड़े कदमों के विरोध में किए जा रहे प्रदर्शनों
विभिन्न औषधियों चिकित्सीय उपकरणों एक्स-रे तथा ईसीजी की व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक समझ विकसित करने हेतु
अमेरिका के एनर्जी पेसेफिक नार्थवेस्ट नेशनल लेबोरेट्री की जांच रिपोर्ट के अनुसार लोग कोरोना से ऊपर से
कोरोना काल में में वर्क फ्रॉम होम हो या फिर बीमारी से रिलेटेड जानकारी लेनी हो हर चीज हमे तुरंत उसकी
हिमाचलप्रदेश में अभी तक कोई भी दवा परीक्षण प्रयोगशाला नहीं है जिसके चलते दवाओं के परीक्षण के लिए दूस
शरीर को फिट रखने के लिए भोजन में भरपूर मात्रा में पोषक तत्वों को लेना बेहद जरूरी है। यदि किसी भी पोष

COMMENTS