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नई दिल्ली। भारत को जल्द ही टीबी जैसी जानलेवा बीमारी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिलने वाली है। इस गंभीर बीमारी के लंबे इलाज से बचने के लिए वैक्सीन की खोज की जा रही है, जो जल्द ही पूरी होने वाली है। इस वैक्सीन से टीबी का इलाज करने में आसानी होगी।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, करीब 30 फीसदी आबादी के शरीर में पहले से ही टीबी (TB) का बैक्टीरिया है। वर्तमान में एक वर्ष से कम आयु वाले शिशुओं को बीसीजी (BCG) का टीका लगाया जाता है। यह बच्चों को बचपन में टीबी के गंभीर रूपों से बचाता है। हालांकि वयस्कों के पास कोई टीका सुरक्षा नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया एक रिकॉम्बिनेंट बीसीजी टीके पर काम कर रही है। वयस्कों (adults) पर तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण चल रहा है। सूत्रों के अनुसार वयस्कों के लिए रिकॉम्बिनेंट बीसीजी टीका एक साल या इसके आसपास उपलब्ध हो सकता है। यह वर्ष 2025 तक भारत के टीबी उन्मूलन अभियान (campaign) की सफलता के लिए महत्त्वपूर्ण हो सकता है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति (President) द्रौपदी मुर्मू ने भी अभी हाल ही में ‘प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान’ की डिजिटल तरीके से शुरुआत करते हुए लोगों से 2025 तक देश से टीबी के उन्मूलन के लिए सामूहिक रूप से युद्ध स्तर पर काम करने का आग्रह किया था।
Edited by Shweta Singh







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