











































प्रतीकात्मक फोटो
-Dr.Ruby Raj Sinha
Homeopathy
जब भी गले में इन्फेक्शन हो उसे कभी भी इग्नोर न करें। मौसम में बदलाव की वजह से गले के इंफेक्शन (Throat Infection) की समस्या बहुत आम होती है। गले में तकलीफ की समस्या कई तरह की होती है। कई बार गले के इंफेक्शन (Throat Infection) का कारण मौसम में बदलाव होता है तो कई बार धूम्रपान और बैक्टिरीयल इंफेक्शन की वजह से होता है।
संक्रमण की वजह से गले में तकलीफ जब होती है तो उसका इलाज करना बहुत जरूरी हो जाता है। गले में तकलीफ होने पर गले में दर्द होता है। गले में तकलीफ होने पर गले में खराश होने लगती है। आइए जानते हैं गले में तकलीफ, गले में खराश को ठीक करने के बारे में विस्तार से जानें।
लहसुन चबाएं
लहसुन बहुत ही गुणकारी होता है। किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में लहसुन अहम रोल निभा सकता है। लहसुन में ऐलीसिन नामक खास तत्व मौजूद होता है, जो इंफेक्शन पैदा करने वाले जीवाणुओं को मार देता है।
गरम पानी और नमक से गरारा
गले की खराश से कई बार हमारी सांस की झिल्लियों की कोशिकाओ में सूजन आ जाती है, जिस कारण गले में दर्द भी होने लगता है। गले की इस सूजन को कम करने में नमक काफी सहायक होता है। अगर आपको कभी भी गले में सूजन या दर्द की महसूस हो तो एक गिलास गरम पानी में नमक मिलाकर गरारा करें।
अदरक का इस्तेमाल
चाहे पेट की समस्या हो या गले की, अदरक इन समस्याओं को दूर करने के लिए कारगर भूमिका निभाता है। अदरक में ऐंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो गले की सूजन व दर्द को दूर करता है। इसलिए अदरक का सेवन किसी न किसी रूप में करकर इन समस्याओं से निजात पा सकते हैं।
मुलेठी चबाएं
मुलेठी को चबाने से गले की समस्याओ से राहत मिलती है। मौसम परिवर्तन के कारण गले में दर्द या खराश की समस्या से निजात के लिए मुलेठी का चूर्ण मुंह में रखकर चूसने से आपको काफी आराम मिलेगा।
लौंग खाएं
लौंग ऐंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है। जब भी आपको गले की खराश महसूस हो, लौंग चबाएं,आपको फायदा मिलेगा।
गले में तकलीफ होने पर हल्दी और दूध का उपयोग
अगर आपके गले में तकलीफ हो गयी है तो आपको दूध में हल्दी मिलाकर पीना चाहिए। गले में खराश की मुख्य वजह इंफेक्शन होता है। हल्दी में एंटीबायोटिक गुण होते हैं जो इंफेक्शन को दूर करने का काम करते हैं। रात में सोने से पहले गर्म दूध में हल्दी और थोडी से काली मिर्च मिलाकर पीने से गले में तकलीफ की समस्या ठीक हो जाती है।
गले में दर्द होने पर भाप लेना फायदेमंद
गले में किसी प्रकार का इंफेक्शन होने पर दर्द और भारीपन आ जाता है। अगर गले में दर्द होता है तो आपको भाप लेना चाहिए। भाप लेने से गले का दर्द ठीक होता ही साथ में इंफेक्शन की समस्या ठीक होती है।
सेब के सिरके से गले के संक्रमण का घरेलू उपचार
• गरम पानी में 2 चम्मच सेब के सिरके को डाल कर पिएँ। सेब के सिरके में मौजूद अम्लीय गुण गले में स्थित बैक्टिरीया को मार देते हैं।
• एक कप गर्म पानी में एक चम्मच नमक और एक चम्मच सेब का सिरका मिलाकर गरारा करें।
तुलसी के सेवन से गला के रोग का इलाज
दो गिलास पानी में 5-7 तुलसी की पत्तियाँ, और 4-5 काली मिर्च मिलाकर काढ़ा बना लें। दिन में दो बार इस काढ़े का सेवन करें। तुलसी का प्रयोग गले में दर्द के लिए घरेलू उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना आवश्यक है।







हुज़ैफ़ा अबरार August 09 2026 0 266
हुज़ैफ़ा अबरार August 13 2026 0 252
हुज़ैफ़ा अबरार August 12 2026 0 231
हुज़ैफ़ा अबरार August 12 2026 0 224
हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2026 0 1652
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार August 08 2026 0 1085
हुज़ैफ़ा अबरार August 06 2026 0 595
हुज़ैफ़ा अबरार August 01 2026 0 525
एस. के. राणा January 20 2026 0 5110
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5089
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4970
एस. के. राणा January 13 2026 0 4718
एस. के. राणा February 01 2026 0 4662
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4627
एस. के. राणा February 04 2026 0 4151
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87113
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35036
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38181
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35672
लेख विभाग March 19 2022 0 35329
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72875
जून माह में करीब एक करोड़ लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य है और जिस रफ़्तार से टीकाकरण हो रहा है, उससे प्रत
देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या लगातार बढ़कर 37,36,648 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 16.7
मंत्रालय ने कहा कि अब तक सभी संसाधनों के जरिए राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को टीके की 37.07 करो
विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख डॉ. अदहानोम गेब्रेयेसस ने कहा है कि दुनिया भर में वायरस के प्रसार की
जनरल ओपीडी, सर्जरी सहित विभिन्न चिकित्सा कार्य पूरी गति से किये जाएं। लखनऊ के ट्रॉमा सेन्टरों में ब
शराब के सेवन की अधिकता, डायबिटीज और मोटापे की बढ़ती प्रवृति से न केवल लिवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही
बाल संप्रेक्षण गृह में उस समय हड़कंप मच गया। जब 15 बाल कैदियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिन्हें इलाज
जायडस कैडिला ने एक बयान में कहा, ‘‘कंपनी ने जायकोव-डी के लिए डीसीजीआई के कार्यालय में ईयूए के लिए आव
देश में कोविड को लेकर वैज्ञानिकों को आशंका प्रकट की है कि ओमिक्रॉन का सब वेरिएंट सेंटोरस अगला वैश्वि
मानव मस्तिष्क को समझने और मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं को हल करने के लिए, वैज्ञानिक नए नए प्रयोग करते

COMMENTS