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जामुन एक फल है। इसकी प्रकृति अम्लीय होती है। यह स्वाद में मीठा और कसैला होता है। अम्लीय प्रकृति के कारण सामान्यत: इसे नमक के साथ खाया जाता है। जामुन को इसके औषधीय गुणों के कारण जाना जाता है। आयुर्वेद में इसे कफ-वात नाशक माना जाता है। ‘चरकसंहिता’ में जामुन के पूरे वृक्ष का उपयोग बताया गया है। जामुन की छाल, पत्ते, फल, गुठलियां और जड़ आदि सभी आयुर्वेदिक औषधियां बनाने में काम आते हैं।
जामुन का प्रयोग स्वास्थ्य और सौंदर्य वृद्धि के लिए एक पोषक खाद्य के रूप में और विभिन्न रोगों में एक औषधि की तरहं किया जाता है।

जामुन की प्रजातियां - Species of berries
जामुन की निम्नलिखित पांच प्रजातियां पायी जाती हैं।
जामुन, सफेद जामुन, काठ जामुन, भूमि जम्बु और क्षुद्र-जम्बु
जामुन के गुण - Properties of berries
जामुन एक पौष्टिक फल है जो विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों से भरा होता है। यह एंटीऑक्सिडेंट, कैल्शियम, फास्फोरस और फ्लेवोनोइड का एक समृद्ध स्रोत है। इसमें सोडियम, थायमिन, राइबोफ्लेविन, कैरोटीन, फाइबर, नियासिन, फोलिक एसिड, प्रोटीन और वसा जैसे अन्य पोषक तत्व भी होते हैं।
जामुन के फायदे - Benefits of berries
1. मधुमेह के उपचार में - In the treatment of diabetes
जामुन खाने से शुगर के रोगी को फायदा होता है। यह रक्त के अंदर शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करता है। डायबिटिज के रोगी को रोजाना जामुन का सेवन करना चाहिए। जामुन की गुठली ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने मे काम आती है।
2. पेट की समस्याओं में - In stomach problems
पेट से जुड़ी समस्या को दूर करने के लिए जामुन फायदेमंद है। रोज सुबह खाना खाने के बाद जामुन खाने से पेट साफ होता है। पेट के अंदर ऐंठन की समस्या दूर करने के लिए जामुन की छाल का काढा बनाकर पीने से दूर हो जाती है।
3. मसूड़ों के लिए लाभकर - Beneficial for gums
जामुन के पत्ते मसूड़ों के लिए फायदेमंद हैं। यदि मसूंडों के अंदर खून आता है तो जामून की गुंठली पीस कर नमक के साथ मसूडों पर लगाने से फायदा होता है। यदि मसूड़ों के अंदर सूजन आ रही है तो जामुन के पत्तों को उबाल कर कूल्ला करना चाहिए। यदि मुंह के अंदर दुर्गंध आ रही है तो जामुन के पत्ते चबाना चाहिए ।
4. यकृत (लिवर) के लिए लाभकर - Beneficial for the liver
यदि लिवर के अंदर किसी प्रकार की समस्या है तो सुबह शाम जामुन का रस पीना चाहिए जिससे लिवर की समस्या ठीक हो जाएगी ।
5. पत्थरी के उपचार में - In stone treatment
यदि किसी व्यक्ति को पत्थरी की समस्या है तो जामुन के बीज का पाउडर दही के साथ मिलाकर रोज खाने से पत्थरी की समस्या भी दूर हो जाती है।
6. गठिया के उपचार करने में - In the treatment of arthritis
जिस व्यक्ति को गठिया होता है। उसे जामुन की छाल को पीस कर जोड़ों पर लेप करने से फायदा होता है।
7. त्वचा की कांति को बढ़ाने मे – In beauty treament
जामुन के बीजों का प्रयोग चेहरे के पिंपल्स को हटाने के लिए किया जाता है। बीजों को पीस कर दूध मिलाकर पेस्ट बनाकर सोने से पहले चेहरे पर लगाएं ऐसा कई दिनों तक करें जिससे चेहरा साफ होगा और चेहरे के दाग दब्बे दूर होंगे ।
8. आवाज को साफ करने में - Clear voice
आवाज को सूरीली बनाने मे भी जामुन मददगार होता है। जामुन का चूर्ण रोज चाटने से आवाज साफ और सूरीली बनती है।
9. बच्चों के लिए लाभदायक - For small children
जामुन छोटे बच्चों के लिए भी अच्छे रहते हैं, यदि बच्चों को दस्त की समस्या हो तो जामुन की ताजी छाल को पिस कर बकरी के दूध के साथ मिलाकर पीने से लाभ होता है। यदि बच्चे बिस्तर पर पेशाब करते हैं तो जामुन का चूर्ण खिलाने से लाभ होता है।
10. एनिमिया के उपचार में - In the treatment of anemia
जामुन हमारे शरीर के अंदर खून की कमी को दूर करते हैं। जिस व्यक्ति के शरीर के अंदर खून की कमी हो उसे जामुन का सेवन करना चाहिए । जामुन के अंदर कैल्शियम, पोटैशियम और आयरन पाये जाते हैं। जो हमारे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाते हैं।







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