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लखनऊ। कैंसर मरीजों को समय पर जांच और इलाज में सहायक पेट स्कैन मशीन (pet scan machine) को शुरू करने के लिए केजीएमयू (KGMU) लगातार प्रयासरत है। वहीं इसी कड़ी में संस्थान में स्थापित की गई मशीन का पहला ट्रायल सफल रहा है। संस्थान ने मशीन संचालित करने संबंधी लाइसेंस के लिए एटामिक एनर्जी रेगुलेटरी (Atomic Energy Regulatory) बोर्ड को पत्र भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद मरीजों के लिए सुविधा शुरू कर दी जाएगी।
मौजूदा समय में सरकारी संस्थानों में एसपीजीआई (SPGI) और डॉ. श्यामा प्रसाद संस्थान में पेट स्कैन जांच की सुविधा है। मरीजों के दबाव के कारण यहां दो से तीन माह की वेटिंग है। जल्दी जांच के लिए निजी जांच केंद्रों (private testing centers) में महंगी जांच करवाते हैं। सरकारी संस्थानों में जांच शुल्क 12 हजार रुपये है, लेकिन निजी केंद्रों में यह शुल्क 22 हजार रुपये है।
मरीजों की सुविधा बढ़ाने के लिए केजीएमयू प्रशासन ने 8.75 करोड़ रुपये की पेट सीटी और 6.25 करोड़ रुपये की पेट स्कैन मशीन स्थापित की है। रेडियोडायग्नोसिस विभाग (Radiodiagnosis Department) के चिकित्सकों के अनुसार, मशीन पर पहले चरण का ट्रायल सफल रहा है।







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