











































मुख्य अतिथि प्रो. एस.एन. शंखवार, डा. सूर्यकांत और पोस्ट कोविड क्लीनिक के सहयोगी डॉक्टर।
लखनऊ। कोविड की दूसरी लहर ने अपने पीछे बहुत से पोस्ट कोविड सिन्ड्रोम पीड़ित मरीज छोड़ें हैं। इन मरीजों में सांस फूलना, खांसी आना, थकान, कमजोरी, नींद न आना, शरीर दर्द, सिर दर्द, धड़कन तेज होना, याददाश्त कमजोर होना आदि समस्याएं सामने आ रही हैं। ऐसे लोगों की मदद को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग आगे आया है ।
रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डा. सूर्यकांत के मार्गदर्शन में मुख्य अतिथि प्रो. एस.एन. शंखवार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक-केजीएमयू ने मंगलवार को विभाग में विशेष पोस्ट कोविड क्लीनिक का शुभारम्भ किया। प्रो. सूर्यकान्त ने बताया कि वर्तमान में पोस्ट कोविड मरीजों को कई जगह भटकना पड़ रहा है। मरीजों को उचित इलाज मिल सके, इसका संयुक्त प्रयास केजीएमयू द्वारा किया जा रहा है।
विशेष पोस्ट कोविड क्लीनिक हर मंगलवार को प्रातः नौ से 12 बजे तक रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में संचालित होगी। क्लीनिक से गरीब एवं वंचित मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। विभाग के 10 चिकित्सक प्रत्येक मंगलवार को बारी - बारी से रोगियों का निदान करेंगे।
क्लीनिक में अधिकतर रोगियों की समस्याओं का निदान हो सकेगा व अगर मानसिक, न्यूरो, आंख, नाक या अन्य अंगों की समस्याएं हैं तो उनको सम्बंधित विभागों में संदर्भित किया जायेगा।
आईएमए - एमएस के वाइस चेयरमैन डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि अभी यह ओपीडी हर मंगलवार को संचालित होगी, जिसके लिए ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लिया जा सकता है या सीधे भी ओपीडी में आकर अपनी समस्या बताकर समाधान पा सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन केजीएमयू की वेबसाइट www.ors.gov.in पर कराया जा सकता है। इसके अलावा फोन नम्बर- 0522- 2258880 की मदद से भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
आज पहले मंगलवार को वरिष्ठ चिकित्सक डा. सूर्यकान्त, डा. ज्योति बाजपेयी एवं डा. अंकित कटियार तथा जूनियर चिकित्सक डा. रिचा त्यागी, डा. यश, डा. अंकित, डा. सपना, डा. नवीन, डा. नन्दिनी, डा. गौरव, डा. राजकुमार, डा. ऐन मेरी, डा. अमित, डा. संदीप, डा. नागेन्द्र ने सभी पोस्ट कोविड रोगियों की जांच एवं उपचार में भाग लिया।
डा. सूर्यकान्त ने बताया कि पहले ही दिन पोस्ट कोविड समस्यायों के 19 रोगी आये जिनका कोविड अनुशासनात्मक व्यवहार का पूर्णतः पालन करते हुए उपचार किया गया। इनमें से अधिकतर रोगियों को खांसी, सांस फूलना, थकान, कमजोरी, नींद न आना व याददाश्त कम होने की समस्या थी । वृद्ध रोगियों को नींद की समस्या अधिक थी। अतः उन्हें वृद्धावस्था मानसिक विभाग में संदर्भिति कर दिया गया।
डा. शंखवार ने रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के सभी चिकित्सकों एवं हेल्थ वर्कर्स को बधाई एवं शुभकामनायें दी और कहा कि यह क्लीनिक केजीएमयू में आने वाले रोगियों के लिए वरदान साबित होगी। ज्ञात रहे कि केजीएमयू के कुलपति ने हाल ही में सप्ताह में एक दिन पोस्ट कोविड क्लीनिक प्रारम्भ करने के लिए कहा था और उन्होनें भी अपनी शुभकामनाएं विभाग को प्रदान की है ।







हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 3479
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 1316
हुज़ैफ़ा अबरार September 04 2026 0 756
हुज़ैफ़ा अबरार September 08 2026 0 525
हुज़ैफ़ा अबरार September 01 2026 0 490
हुज़ैफ़ा अबरार September 02 2026 0 441
हुज़ैफ़ा अबरार September 10 2026 0 427
हुज़ैफ़ा अबरार August 14 2026 0 9184
एस. के. राणा January 20 2026 0 5656
एस. के. राणा February 01 2026 0 5432
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 5418
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 5327
एस. के. राणा January 13 2026 0 4949
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4886
सौंदर्या राय April 11 2022 0 87316
सौंदर्या राय April 08 2022 0 35407
सौंदर्या राय April 07 2022 0 38440
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35945
लेख विभाग March 19 2022 0 35581
सौंदर्या राय March 16 2022 0 73267
कोविड के प्रबंधन के लिए सार्वजनिक हित में हेपरिन इंजेक्शन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स
आप एडवांस में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाना चाहते हैं तो फिर आपको दोपहर तीन बजे के बाद अपने नजदीकी अस्पताल
डेंगू बुखार मच्छरो की कई प्रजातियों जिसमें जीनस एडीज, मुख्य मद ए एजिप्टी के द्वारा फैलता है। हल्के
चेहरे की रंगत निखारने के लिए हम सभी कई तरह के क्रीम, लोशन और मास्क का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन क्या
स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर की लगी हुई आग बुझने की जगह भड़कती ही जा रही है। अब स्वास्थ्य विभाग के सम
ज़िम्मेदारियों के बोझ तले दबी महिलाएं खुद की सेहत पर ध्यान नहीं दे पातीं, इसके कारण 30 की उम्र के बाद
गन्ने का जूस अधिकतर लोग पीना पसंद करते हैं. गन्ने का जूस सबसे ज्यादा गर्मियों में लू और गर्मी के प्र
कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 66 करोड़ और खुराकें क्रमश: 205 रुपये और 215 प्रति खुराक, के हिसाब से खरीदी
शिविर में विभिन्न प्रकार के रोगियों के अलावा कुछ जटिल रोगों से पीड़ित मरीज भी उपस्थित हुए। शिविर में
बिहार बॉर्डर से सटे इस जिले में शराब की तस्करी के मामले इस साल के आठ महीने में 1601 धंधेबाजों पर कार

COMMENTS