देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

कमजोर इम्युनिटी और लंबे वायरल इन्फेक्शन से पीड़ित व्यक्ति को सेप्सिस हो सकता है: डॉ अशोक कुमार सिंह

सेप्सिस एक जानलेवा बीमारी है। जब शरीर किसी रिएक्शन के प्रति बहुत गंभीर प्रतिक्रिया करती है तो यह बीमारी होती है। इस बीमारी की वजह से हेल्थकेयर सेटिंग्स जैसे कि इंटेंसिव केयर यूनिट्स और इमरजेंसी डिपार्टमेंट में बहुत सारी बीमारी और मौते होती हैं। सेप्सिस से होने वाली मृत्यु दर 25 से 30% से ज्यादा है।

हुज़ैफ़ा अबरार
September 12 2022 Updated: September 12 2022 01:31
0 30954
कमजोर इम्युनिटी और लंबे वायरल इन्फेक्शन से पीड़ित व्यक्ति को सेप्सिस हो सकता है: डॉ अशोक कुमार सिंह प्रतीकात्मक चित्र

कोविड-19 महामारी के बाद शरीर की इम्युनिटी क्षमता को मजबूत करने का महत्व बढ़ गया है। लंबे समय तक वायरल इन्फेक्शन रहने से इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। इससे व्यक्ति को बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। जब बैक्टीरियल इन्फेक्शन होता है तो व्यक्ति सेप्सिस की चपेट में आ जाता है। इस स्थिति में टीकाकरण और हाथ की स्वच्छता द्वारा इम्युनिटी बढ़ाने पर महत्व दिया जाना चाहिए।


हेल्थ जागरण से बातचीत करते हुए रीजेंसी हॉस्पिटल, कानपुर के पल्मोनोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर कंसल्टेंट डॉ अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सेप्सिस एक जानलेवा बीमारी है। जब शरीर किसी रिएक्शन के प्रति बहुत गंभीर प्रतिक्रिया करती है तो यह बीमारी होती है। इस बीमारी की वजह से हेल्थकेयर सेटिंग्स जैसे कि इंटेंसिव केयर यूनिट्स और इमरजेंसी डिपार्टमेंट में बहुत सारी बीमारी और मौते होती हैं। सेप्सिस से होने वाली मृत्यु दर 25 से 30% से ज्यादा है। दुनिया भर में हर साल 6 से 9 मिलियन लोग सेप्सिस से मर जाते हैं।

रीजेंसी हॉस्पिटल, कानपुर के पल्मोनोलॉजिस्ट और क्रिटिकल केयर कंसल्टेंट, डॉ अशोक कुमार सिंह ने 'विश्व सेप्सिस दिवस' पर अपनी राय देते हुए कहा, "नियमित टीकाकरण न कराने, चोट और घाव लगने के बाद साफ-सफाई न रखने और हाथों को स्वच्छ न रखने से लोग सेप्सिस की चपेट में जल्दी आते हैं। हम लंबे समय से किसी वायरल संक्रमण से पीड़ित व्यक्तियों को सलाह देते हैं कि वे इस बीमारी को नज़रअंदाज़ न करें और स्वच्छता का ध्यान रखें। इसके अलावा समय पर टीका लगवाएं। उचित एंटीबायोटिक उपचार न होने से सेप्सिस के मरीजों की क्लीनिकल कंडीशन तेजी से बिगड़ सकती है। कमजोर इम्युनिटी वाले युवा या वृद्ध आयु के लोगों में सेप्सिस होने का ज्यादा खतरा रहता है। कैंसर, डायबिटीज, ट्रामा या जलन जैसी स्थितियों से पीड़ित लोगों में भी सेप्सिस होने का खतरा ज्यादा रहता है। कैथेटर जैसे आक्रामक उपकरणों के उपयोग और कमजोर इम्युनिटी के कारण कई मरीजों में  सेप्सिस हो सकता है।"

 

सेप्सिस एक इन्फेक्शन के प्रति शरीर की एक गंभीर इम्यून प्रतिक्रिया है। इम्यून सिस्टम सेप्सिस से पीड़ित व्यक्ति के ऊतक और अंग घायल हो सकते है। यह जीवन के लिए खतरा हो सकता है। यह बीमारी खून में बैक्टीरिया, वायरल और फंगल इन्फेक्शन होने से होती है। ये खतरनाक पैथोजन चोट या सर्जरी के माध्यम से खून में घुस जाते हैं। इसलिए लक्षणों पर नजर रखना और सेप्सिस से खुद को बचाने के लिए इन्फेक्शन का जल्द पता लगाना महत्वपूर्ण होता है।

 

बुखार, ठंड और कंपकंपी होने, नाड़ी की गति तेज होने, सांस लेने में कठिनाई, पसीने से तर हो जाने, असहनीय दर्द और बेचैनी, और घाव के आसपास लालिमा और सूजन दिखने पर तत्काल डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। इसके अलावा गंभीर लक्षणों में चक्कर आने के साथ ब्लड प्रेशर कम होने, पेशाब कम होना, त्वचा के रंग में परिवर्तन होना (पीला, फीका पड़ा हुआ या धब्बेदार त्वचा होना), उलझन या सतर्क न रहना, मौत का अचानक डर होना और सांस लेने में तकलीफ होना, उल्टी और दस्त होना आदि सेप्सिस के गंभीर लक्षणों में शामिल है।


हालत बिगड़ने पर मरीज को सेप्टिक शॉक हो सकता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर अचानक कम हो सकता है। इससे अधिकांश अंगों में खून की पर्याप्त आपूर्ति नही हो सकती है और ऑक्सीजन भी नहीं मिल सकती है। अगर सेप्सिस का जल्द पता न लगाया और उसके अनुसार इलाज न शुरू किया गया तो इस वजह से कई अंग फेल हो जाते हैं और मौत हो जाती है। सेप्सिस को होने से रोकने के लिए हमें एक्सरसाइज, पोषण और वायरल इन्फेक्शन के खिलाफ टीका लगवाना चाहिए ताकि इम्युनिटी को मजबूत किया जा सके। इसके अलावा साफ़-सफाई भी अच्छी रखनी चाहिए।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

एक दिन में 10 लाख लोगों का टीकाकरण। 

एक दिन में 10 लाख लोगों का टीकाकरण। 

हुज़ैफ़ा अबरार July 08 2021 32826

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि बीते 24 घंटों में प्रदेश में 10, 03, 425 लोगों

12 से 17 आयु के बच्चों के लिए कोरोनारोधी टीके कोवोवैक्स को मंजूरी मिली

12 से 17 आयु के बच्चों के लिए कोरोनारोधी टीके कोवोवैक्स को मंजूरी मिली

एस. के. राणा March 05 2022 25662

देश में कोरोना टीकाकरण लगातार नया मुकाम हासिल कर रहा है। इस बीच बच्चों के वैक्सीनेशन को लेकर एक अहम

ह्रदय की मांसपेशियों के नष्ट होने का प्रमुख कारण है हार्ट अटैक के इलाज में देरी करना। 

ह्रदय की मांसपेशियों के नष्ट होने का प्रमुख कारण है हार्ट अटैक के इलाज में देरी करना। 

हुज़ैफ़ा अबरार February 02 2021 26313

ज्यादातर युवा रिमोट वर्किंग मोड में काम कर रहे हैं लेकिन यह जरूरी है कि आप इस दौरान भी फिजिकली ज्याद

13 साल की बच्ची ने 28 दिन में कैंसर को दी मात

13 साल की बच्ची ने 28 दिन में कैंसर को दी मात

हे.जा.स. December 14 2022 32533

ब्रिटेन के डॉक्टरों ने 13 साल की लड़की में मौजूद ल्यूकेमिया कैंसर को 28 दिन में खत्म कर दिया है।

लॉकडाउन के दौरान मेदांता हॉस्पिटल ने रखा कैंसर मरीज़ों का ख्याल।

रंजीव ठाकुर February 04 2021 59290

गुटका, तम्बाखू का सेवन और धूम्रपान बिलकुल मत करें । शराब के अत्याधिक सेवन भी कुछ कैंसर होतें हैं इसल

कोविड शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे सभी विधाओं के फार्मेसिस्ट। 

कोविड शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे सभी विधाओं के फार्मेसिस्ट। 

हुज़ैफ़ा अबरार May 30 2021 27349

फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि प्रदेश मे सभी विधाओं के लगभग 40 कोरोना योद्धाओं ने ड्यूटी

पटना में डेंगू का डंक, इन जिलों में मिले केस

पटना में डेंगू का डंक, इन जिलों में मिले केस

विशेष संवाददाता September 15 2022 39144

बिहार के जिलों में डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। बुधवार को जिले में एक

सहारा हॉस्पिटल में तीमारदारों के लिए विश्रामालय की सुविधा शुरू

सहारा हॉस्पिटल में तीमारदारों के लिए विश्रामालय की सुविधा शुरू

हुज़ैफ़ा अबरार June 29 2022 31690

हॉस्पिटल में तीमारदारों (मरीज के परिजनों) के ठहरने की पहले से व्यवस्था है। इस नये तरह के विश्रामालय

मातृ-शिशु सुरक्षा को लेकर एरा की अनूठी पहल मुफ्त की सभी डिलीवरी

मातृ-शिशु सुरक्षा को लेकर एरा की अनूठी पहल मुफ्त की सभी डिलीवरी

हुज़ैफ़ा अबरार May 24 2026 994

इस योजना से खासतौर पर गरीब और असहाय वर्ग अस्पताल में उपचार के प्रति आकर्षित होगा क्योंकि जब उसे पता

कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी, तीसरी लहर कमजोर हुई

कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी, तीसरी लहर कमजोर हुई

एस. के. राणा January 31 2022 27220

देश में फिलहाल 18,31,268 एक्टिव केस हैं। सक्रिय मामलों की दर 4.43% है। डेली पॉजिटिवी रेट की बात करें

Login Panel