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जांजगीर। पित्त की थैली में स्टोन एक दर्दनाक स्थिति है, जिसके कारण पित्त की थैली अपने रोजाना के कार्यों को करने में असमर्थ रहते है। वहीं जिला अस्पताल में एक मरीज पेट में दर्द (stomach ache) के लिए भर्ती हुआ था, सोनोग्राफी (sonography) में जांच करने पर उसके पित्त की थैली में पथरी बताया गया, जिसे ऑपरेशन कर के निकलना बहुत जरुरी था। उसका ऑपरेशन जिला अस्पताल के ही चिकित्सकों (doctors) की टीम ने किया। मरीज के पित्त की थैली से 2 सेंटीमीटर की पथरी निकाली गई।
जिला चिकित्सालय (District hospital) में आए मरीजों के लिए सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है। अस्पताल के वार्डों को व्यवस्थित किया गया है। आए मरीज की स्थिति के बारे में सीएमएचओ (CMHO) डॉ. आरके सिंह को बताया गया। उन्होंने मरीज का ऑपरेशन करने के लिए निर्देशित किया। ऑपरेशन करने के लिए जिला अस्पताल के सर्जन (hospital surgeon) डॉ यूके मरकाम और डॉ आकाश राणा की टीम ने ऑपरेशन की तैयारी की। सीएस डॉ. अनिल जगत और एनेस्थिसिया स्पेशलिस्ट (Anesthesia Specialist) डॉ. शोभाराम बंजारे की मदद से पित्त की थैली का ऑपरेशन किया गया। पथरी का ऑपरेशन करीब दो घंटे चला।
जिला अस्पताल (District Hospital) में अब सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। पित्त की पथरी से पहले भी जिला अस्पताल में किडनी की पथरी का भी सफल ऑपरेशन किया जा चुका है। इस तरह के ऑपरेशन पहले बड़े बड़े अस्पतालों में ही हुआ करते थे किन्तु जिला अस्पताल के सर्जन और सिविल सर्जन (civil surgeon) डॉ. अनिल जगत के प्रयास से जिला अस्पताल में भी बड़े-बड़े ऑपरेशन होने लगे है।







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