देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

एडवांस रोबोटिक सर्जरी की मदद से किडनी ट्रांसप्लान्ट करना हुआ बेहद आसान।

द विंसी सर्जिकल सिस्टम (डीवीएसएस) के साथ मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का विकास हुआ। यह एक आधुनिक टेक्नोलॉजी है, जिसने मुश्किल से मुश्किल सर्जरी को बेहद आसान बना दिया है।

हुज़ैफ़ा अबरार
June 12 2021 Updated: June 12 2021 15:25
0 31541
एडवांस रोबोटिक सर्जरी की मदद से किडनी ट्रांसप्लान्ट करना हुआ बेहद आसान। प्रतीकात्मक

लखनऊ। यूरोलॉजी के क्षेत्र में हुई हालिया प्रगति के साथ आज यूरोलॉजिकल बीमारियों का इलाज पहले की तुलना में कई गुना बेहतर हो गया है। आज, एडवांस रोबोटिक सर्जरी की मदद से किडनी ट्रांसप्लान्ट पहले की तुलना में बेहद आसान और सुरक्षित हो गया है।

द विंसी सर्जिकल सिस्टम (डीवीएसएस) के साथ मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का विकास हुआ। यह एक आधुनिक टेक्नोलॉजी है, जिसने मुश्किल से मुश्किल सर्जरी को बेहद आसान बना दिया है।

नई दिल्ली साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में यूरोलॉजी रीनल ट्रांसप्लान्ट विभाग के चेयरमैन, डॉक्टर अनंत कुमार ने बताया कि, “हालांकि, ओपन किडनी ट्रांसप्लान्ट आखरी चरण के किडनी फेलियर के इलाज का सबसे अच्छा विकल्प है, लेकिन यह प्रक्रिया ओपन सर्जरी जितने ही नुकसान रखती है। मोटापा, डायबिटीज और कमज़ोर इम्यूनिटी वाले मरीजों में सर्जरी के बाद आए घावों और कट्स में संक्रमण होने का खतरा रहता है। ये संक्रमण सर्जरी के परिणामों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। किडनी ट्रांसप्लान्ट के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का भी प्रयास किया गया। लेकिन इसकी मुश्किल प्रक्रिया के कारण इसे कभी लोकप्रियता हासिल नहीं हुई और इसलिए यह कुछ ही केंद्रों तक सीमित रह गई।”

दुनिया का पहला रोबोट असिस्टेड किडनी ट्रांसप्लान्ट सन् 2002 में फ्रांस में किया गया था। इसके बाद से यह लगातार लोकप्रियता हासिल करता रहा है। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारत, यूरोप और अमेरिका में किया जाता है। समय के साथ इसके परिणामों में लगातार सुधार होता रहा है और किडनी के रोगियों को कई लाभ मिले हैं।

डॉक्टर अनंत कुमार ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि, “टेक्नोलॉजी में प्रगति के साथ द विंसी सर्जिकल सिस्टम तैयार किया गया। इस रोबोटिक सिस्टम के जरिए सर्जरी की मुश्किल से मुश्किल प्रक्रिया भी बिना चीर-फाड़ के आसानी से पूरी हो जाती है। यह तकनीक डॉक्टरों को हर चीज 3डी में देखने में मदद करती है इसलिए प्रक्रिया में गलती होने की संभावना न के बराबर होती है। 

यह एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें खून का बहाव और दर्द न के बराबर होता है। यही कारण है कि इसमें मरीज तेजी से रिकवर करता है। यह टेक्नोलॉजी अभी देश के कुछ ही अस्पतालों में उपलब्ध है और साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल इनमें से एक है। 

यहां के सभी ट्रांसप्लान्ट सर्जन ‘द विंसी सर्जिकल रोबोट को ऑपरेट करने में एक लंबा अनुभव रखते हैं। इस अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से बच्चों, महिलाओं, पुरुषों, भारतीय और विदेशी मरीजों सहित अबतक 100 से अधिक मरीजों को सफलतापूर्वक ठीक किया जा चुका है।”

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

धूम्रपान छोड़ने से 40 तरह के कैंसर और 25 अन्य गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है: डॉ सूर्यकान्त

धूम्रपान छोड़ने से 40 तरह के कैंसर और 25 अन्य गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है: डॉ सूर्यकान्त

हुज़ैफ़ा अबरार March 09 2022 28712

धूम्रपान करने वालों के फेफड़ों तक तो करीब 30 फीसद ही धुँआ पहुँचता है बाकी बाहर निकलने वाला करीब 70 फी

AstraZeneca COVID-19 रोधी वैक्सीन को वायरस के नए स्ट्रेन से बचाने के लिए चिंतित।  

AstraZeneca COVID-19 रोधी वैक्सीन को वायरस के नए स्ट्रेन से बचाने के लिए चिंतित।  

हे.जा.स. February 12 2021 27472

कंपनी ने कहा कि चौथी तिमाही में शुद्ध आय एक साल पहले की समान तिमाही में 313 मिलियन डॉलर से बढ़कर 1.0

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण।

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ने आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण।

हुज़ैफ़ा अबरार September 30 2021 32532

गर्भावस्था के दौरान दूध, हरी सब्जियां,दालें, अंकुरित अनाज का सेवन करें, योग करें और दो घंटे आराम करे

फूली, घुमावदार, हरी या नीली नसों को ना करें नज़रंदाज़, देखे लक्षण और नया उपचार

फूली, घुमावदार, हरी या नीली नसों को ना करें नज़रंदाज़, देखे लक्षण और नया उपचार

हुज़ैफ़ा अबरार August 04 2022 80631

कई बार त्वचा के नीचे फूली और घुमावदार नसें होती हैं और ये सूजी और मुड़ी हुई नसें अधिकतर पैरों में देख

कोविड टीकाकरण में यूपी देश में पहले स्थान पर, अब तक 33 करोड़ खुराक दी गई

कोविड टीकाकरण में यूपी देश में पहले स्थान पर, अब तक 33 करोड़ खुराक दी गई

हुज़ैफ़ा अबरार June 14 2022 29089

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि हम टीकाकरण में अन्य राज्यों से काफी आगे हैं, लेकिन लोगों में लापरवाही

48 घण्टे और 50 डॉक्टर्स लेकिन कीमती थे 35 मिनट, मरीज को निष्प्राण कर दिया नवजीवन

रंजीव ठाकुर September 11 2022 42114

48 घण्टे तक चले सर्जिकल प्रोसीजर के जरिये न केवल एक महिला स्केच आर्टिस्ट को उसकी आंखों की रोशनी वापस

फिर बढ़ें कोविड-19 संक्रमण के मामले।

फिर बढ़ें कोविड-19 संक्रमण के मामले।

एस. के. राणा August 30 2021 33732

मंत्रालय ने बताया कि अभी तक कोरोना कुल 52.01 करोड़ जांचें की जा चुकी हैं। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभिय

निदेशक महिला कल्याण ने राजकीय बालगृहों का किया निरीक्षण।

निदेशक महिला कल्याण ने राजकीय बालगृहों का किया निरीक्षण।

हुज़ैफ़ा अबरार June 11 2021 29425

निरीक्षण के दौरान बालिका गृह में साफ सफाई की खराब व्यवस्था को देखते हुए उन्होंने अधीक्षिका रीता टम्ट

कुपोषण के कारण उप्र में शिशु मृत्यु दर बहुत अधिक, स्तनपान और मदर्स मिल्क बैंक ही समाधान

कुपोषण के कारण उप्र में शिशु मृत्यु दर बहुत अधिक, स्तनपान और मदर्स मिल्क बैंक ही समाधान

आनंद सिंह March 13 2022 175558

डा. आरएन सिंह मानते हैं कि संपूर्ण स्तनपान का प्रतिशत 80% से ऊपर ले जाना होगा। जगह-जगह मदर्स मिल्क ब

अब गोरखपुर के मरीज गोरखपुर में ही ठीक होते हैं: डॉ. आर.एन. सिंह

अब गोरखपुर के मरीज गोरखपुर में ही ठीक होते हैं: डॉ. आर.एन. सिंह

आनंद सिंह December 07 2025 5271

बच्चे ही देश का भविष्य है। यही कल के नेहरू या मोदी होंगे। मैं तो अपने करियर की शुरुआत से ही बच्चों क

Login Panel