देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

एडवांस रोबोटिक सर्जरी की मदद से किडनी ट्रांसप्लान्ट करना हुआ बेहद आसान।

द विंसी सर्जिकल सिस्टम (डीवीएसएस) के साथ मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का विकास हुआ। यह एक आधुनिक टेक्नोलॉजी है, जिसने मुश्किल से मुश्किल सर्जरी को बेहद आसान बना दिया है।

हुज़ैफ़ा अबरार
June 12 2021 Updated: June 12 2021 15:25
0 31548
एडवांस रोबोटिक सर्जरी की मदद से किडनी ट्रांसप्लान्ट करना हुआ बेहद आसान। प्रतीकात्मक

लखनऊ। यूरोलॉजी के क्षेत्र में हुई हालिया प्रगति के साथ आज यूरोलॉजिकल बीमारियों का इलाज पहले की तुलना में कई गुना बेहतर हो गया है। आज, एडवांस रोबोटिक सर्जरी की मदद से किडनी ट्रांसप्लान्ट पहले की तुलना में बेहद आसान और सुरक्षित हो गया है।

द विंसी सर्जिकल सिस्टम (डीवीएसएस) के साथ मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का विकास हुआ। यह एक आधुनिक टेक्नोलॉजी है, जिसने मुश्किल से मुश्किल सर्जरी को बेहद आसान बना दिया है।

नई दिल्ली साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में यूरोलॉजी रीनल ट्रांसप्लान्ट विभाग के चेयरमैन, डॉक्टर अनंत कुमार ने बताया कि, “हालांकि, ओपन किडनी ट्रांसप्लान्ट आखरी चरण के किडनी फेलियर के इलाज का सबसे अच्छा विकल्प है, लेकिन यह प्रक्रिया ओपन सर्जरी जितने ही नुकसान रखती है। मोटापा, डायबिटीज और कमज़ोर इम्यूनिटी वाले मरीजों में सर्जरी के बाद आए घावों और कट्स में संक्रमण होने का खतरा रहता है। ये संक्रमण सर्जरी के परिणामों को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। किडनी ट्रांसप्लान्ट के लिए लेप्रोस्कोपिक सर्जरी का भी प्रयास किया गया। लेकिन इसकी मुश्किल प्रक्रिया के कारण इसे कभी लोकप्रियता हासिल नहीं हुई और इसलिए यह कुछ ही केंद्रों तक सीमित रह गई।”

दुनिया का पहला रोबोट असिस्टेड किडनी ट्रांसप्लान्ट सन् 2002 में फ्रांस में किया गया था। इसके बाद से यह लगातार लोकप्रियता हासिल करता रहा है। इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भारत, यूरोप और अमेरिका में किया जाता है। समय के साथ इसके परिणामों में लगातार सुधार होता रहा है और किडनी के रोगियों को कई लाभ मिले हैं।

डॉक्टर अनंत कुमार ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि, “टेक्नोलॉजी में प्रगति के साथ द विंसी सर्जिकल सिस्टम तैयार किया गया। इस रोबोटिक सिस्टम के जरिए सर्जरी की मुश्किल से मुश्किल प्रक्रिया भी बिना चीर-फाड़ के आसानी से पूरी हो जाती है। यह तकनीक डॉक्टरों को हर चीज 3डी में देखने में मदद करती है इसलिए प्रक्रिया में गलती होने की संभावना न के बराबर होती है। 

यह एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें खून का बहाव और दर्द न के बराबर होता है। यही कारण है कि इसमें मरीज तेजी से रिकवर करता है। यह टेक्नोलॉजी अभी देश के कुछ ही अस्पतालों में उपलब्ध है और साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल इनमें से एक है। 

यहां के सभी ट्रांसप्लान्ट सर्जन ‘द विंसी सर्जिकल रोबोट को ऑपरेट करने में एक लंबा अनुभव रखते हैं। इस अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से बच्चों, महिलाओं, पुरुषों, भारतीय और विदेशी मरीजों सहित अबतक 100 से अधिक मरीजों को सफलतापूर्वक ठीक किया जा चुका है।”

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

केन्द्रीय मंत्री कौशल किशोर ने 14 ने टीबी के मरीजों को गोद लिया

केन्द्रीय मंत्री कौशल किशोर ने 14 ने टीबी के मरीजों को गोद लिया

रंजीव ठाकुर April 16 2022 29003

मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए उन्होंने ने बताया कि देश के प्रधानमन्त्री ने वर्ष 2025 तक भारत को ट

अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कॉन्ट्रासेप्टिव पैच एक अच्छा विकल्प

अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कॉन्ट्रासेप्टिव पैच एक अच्छा विकल्प

लेख विभाग March 10 2023 51006

साल 2002 में सबसे पहले कॉन्ट्रासेप्टिव पैच मार्केट में आया था। 17 साल बीत जाने के बाद भी लोगों को इस

सिविल अस्पताल में प्राइवेट डाक्टर कर रहा था ऑपरेशन।

सिविल अस्पताल में प्राइवेट डाक्टर कर रहा था ऑपरेशन।

हे.जा.स. March 17 2021 37672

आरोपित डाक्टर पहले सिविल अस्पताल के आर्थो विभाग में सीनियर रेजिडेंट था। उसने कोरोना काल में अस्पताल

गर्भावस्था के दौरान मधुमेह से पीड़ित महिलाओं के लिए WHO ने जारी किया दिशानिर्देश

गर्भावस्था के दौरान मधुमेह से पीड़ित महिलाओं के लिए WHO ने जारी किया दिशानिर्देश

हे.जा.स. November 14 2025 5047

गर्भावस्था में मधुमेह का यदि प्रभावी ढंग से प्रबंधन नहीं किया जाता है, तो प्री-एक्लेमप्सिया, मृत जन्

राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की हुई शुरुआत

राष्ट्रीय पोषण अभियान के अंतर्गत एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की हुई शुरुआत

विशेष संवाददाता November 06 2022 40967

एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के तहत 6 माह से 59 माह तक के बच्चों को सप्ताह में दो बार आईएफए सिरप देन

देश में नेजल वैक्सीन को मिली मंजूरी

देश में नेजल वैक्सीन को मिली मंजूरी

एस. के. राणा December 23 2022 32810

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को सदन में बताया कि विशेषज्ञ समिति ने कोरोना वाय

लोहिया अस्पताल में बिना डोनर के रक्त व रक्त अवयव उपलब्ध तथा रक्तदान शिविर का आयोजन

लोहिया अस्पताल में बिना डोनर के रक्त व रक्त अवयव उपलब्ध तथा रक्तदान शिविर का आयोजन

रंजीव ठाकुर August 15 2022 41557

आजादी के अमृत महोत्सव पर, विभाजन विभीषिका स्‍मृति दिवस के उपलक्ष्‍य में लोहिया अस्पताल में बिना डोनर

हैदराबाद में

हैदराबाद में 'क्यू फीवर' का कहर

विशेष संवाददाता January 30 2023 32404

आम तौर पर मवेशियों और बकरियों से फैलने वाले इस जीवाणु संक्रमण के कारण मरीजों को बुखार, थकान, सिरदर्द

भारतीय ज्ञान परंपरा का अमृत तत्व है आयुर्वेद: डॉ रघुराम भट्ट

भारतीय ज्ञान परंपरा का अमृत तत्व है आयुर्वेद: डॉ रघुराम भट्ट

आनंद सिंह April 10 2022 33385

यह आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान परंपरा के माध्यम से मानव कल्याण के पुनर्जागरण का युग है। ऐसे में आयुर्वे

माउथ कैंसर के इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

माउथ कैंसर के इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

लेख विभाग February 19 2023 34699

हर साल भारत में मुंह के कैंसर से हजारों जानें जा रही हैं। पिछले 10 सालों में मुंह के कैंसर के मामलों

Login Panel