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पटना। बिहार की राजधानी पटना में डेंगू जमकर कहर ढा रहा है। पिछले 24 घंटों में पटना के 3 अस्पतालों में डेंगू के 60 नए मरीज मिले हैं। फिलहाल पीएमसीएच में 29 मरीज मिले हैं जबकि एनएमसीएच में 21 डेंगू संक्रमित मिले हैं। वहीं आईजीआईएमएस में 10 मरीजों की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
वहीं डेंगू के बढ़ते मामले को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (disease control officer) डॉ. सुभाष कुमार प्रसाद ने बताया कि पटना में अब डेंगू (Dengue) के मरीजों की संख्या बढ़कर 572 हो गई है। उन्होंने ये भी बताया कि जिले के कंकड़बाग और बांकीपुर इलाके के कुछ घरों और निर्माण स्थलों का निरीक्षण भी किया गया था। इस दौरान कई घरों की छतों पर खाली बर्तनों में और टायरों आदि में पानी जमा मिला था जिनमें मच्छरों (mosquitoes) का लार्वा भी पाया गया। इसके बाद फौरन लार्वा को नष्ट किया गया और लोगों को पानी जमा न होने देने की हिदायत भी दी गई।
बता दें कि पटना शहर के प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों (hospitals) में डेंगू संक्रमित कुल 13 बच्चे भर्ती हैं। इनकी उम्र 1 साल से 10 साल के बीच है। सरकारी-प्राइवेट अस्पतालों और चिकित्सकों के क्लिनिक में हर रोज 100 ज्यादा डेंगू संक्रमित मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं प्राइवेट जांच लैब में भी बुखार पीड़ितों की जांच रिपोर्ट में तकरीबन एक चौथाई डेंगू पॉजिटिव मिल रहे हैं।
डेंगू के लक्षण कैसे पहचानें
तेज बुखार (high fever), सिर दर्द, बदन दर्द, भूख की कमी, उल्टी, डायरिया, आंखों में दर्द, थकान, सुस्ती, घुटने का दर्द, शरीर में लाल धब्बे, नाक से खून ये सब डेंगू के लक्षण हैं। इन लक्षणों (symptoms) के दिखाई देने पर फौरन डॉक्टर के पास जाएं और प्लेटलेट्स काउंट चेक कराएं। डेंगू के लक्षण आम तौर पर संक्रमण के चार से छह दिनों बाद शुरू होकर 10 दिनों तक रह सकते हैं। ध्यान रहे कि डॉक्टर की सलाह के बिना दवाइयों का सेवन बिल्कुल न करें। दरअसल डॉक्टरों का कहना है कि खुद से गलत दवाइयां लेने से और लक्षणों को नजरअंदाज करने से 3 से 4 दिन में डेंगू पीड़ितों की हालत ज्यादा खराब हो सकती है।
Edited by Aarti Tewari







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