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नयी दिल्ली। विश्व आईबीडी दिवस (World IBD Day) पर, जॉनसन एंड जॉनसन की फार्मा कंपनी जैनसेन फार्मास्युटिकल ने अत्यधिक सूजन के कारण होने वाले विकारों से प्रभावित लाखों भारतीयों के मानसिक (mental) और शारीरिक (physical) स्वास्थ्य का समर्थन करने के लिए एक व्यापक कार्यक्रम icare4u के शुभारंभ की घोषणा की है।
जैनसेन फार्मास्युटिकल (Janssen Pharmaceutical) का यह कार्यक्रम icare4u ऐसे समय पर शुरू किया जा रहा है, जब भारत में लोग महामारी के कारण त्वचा, जोड़ों और पेट के रोगों से ग्रस्त और त्रस्त हैं। उनके लिए इन समस्याओं से निपटना कठिन हो रहा है।
icare4u कार्यक्रम का संचालन एक वेबसाइट (website) के माध्यम से होगा, जिसमें रोगों के बारे में व्यापक जानकारी, चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ वीडियो, फेसबुक और यूट्यूब पर रोगियों और देखभाल करने वालों के लिए पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।

जैनसेन इंडिया के चिकित्सा मामलों के प्रमुख, डॉ जितेंद्र दीक्षित ने कहा कि रूमैटॉइड ऑर्थरिटिस (rheumatoid arthritis), सोरायसिस, सोरियाटिक ऑर्थरिटिस, एक्सियल स्पोंडिलोआर्थ्रोपैथी और आँतों के सूजन के कारण प्रभावित लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर "भारी प्रभाव" पड़ा है।
अनुसंधान से पता चलता है कि सूजन संबंधी विकारों से पीड़ित लोगों में अवसाद और चिंता का खतरा बढ़ जाता है। प्रभावित लोगों को बीमारी के कारण बदतर जिंदगी जीना पड़ रहा है।
डॉ दीक्षित ने कहा कि icare4u कार्यक्रम के माध्यम से पीड़ित लोगों के जीवन में सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए कंपनी पीड़ित लोगों तक उच्च गुणवत्ता वाली जानकारी और समर्थन पहुचायेगी।
उन्होंने बताया कि भारत में, 5.2% लोग रूमैटॉइड ऑर्थरिटिस के साथ जी रहे हैं। 6% लोग एक्सियल स्पोंडिलोआर्थ्रोपैथी से पीड़ित हैं। 2.8% लोग सोरायसिस (psoriasis) से पीड़ित हैं, जिनमें से 5 से 10% लोगों को सोरियाटिक गठिया (psoriatic arthritis) हो जाता है। लगभग 16.2 प्रति 1,00,000 लोग आँतों में सूजन के रोगों जैसे कि अल्सरेटिव कोलाइटिस (ulcerative colitis) और क्रोहन रोग (Crohn's disease) से पीड़ित हैं।
वे बतातें हैं कि शोध से पता चलता है कि रूमैटॉइड ऑर्थरिटिस से पीड़ित चार में से चार लोग अवसाद से पीड़ित होते हैं और चार में से एक चिंता से प्रभावित होता है। सोराटिक गठिया के साथ रहने वाले आधे लोग, एक्सियल स्पोंडिलोआर्थ्रोपैथी (axial spondyloarthropathyaxial spondyloarthropathy) वाले दो तिहाई और आँतों में सूजन वाले एक तिहाई लोग अवसाद से प्रभावित होते हैं।
डॉ दीक्षित ने बताया कि रोगियों और देखभाल करने वालों के सामने आने वाली चुनौतियों को समझते हुए, icare4u कार्यक्रम बनाया गया है। इसके माध्यम से लोगों स्वास्थ्य चुनौतियों से पार पा सकेंगें।







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