देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

गर्भावस्था के दौरान अपने ब्लड प्रेशर को समझें

यदि आप प्रेगनेंट हैं और आपको हाई बीपी की भी समस्या है तो सम्बंधित डॉक्टर्स से समय-समय पर अपनी समस्याओं को बताकर उसका इलाज जरूर करायें। इस लेख के द्वारा प्रेगनेंसी में हाई बीपी के कारण, लक्षण, नुकसान और इलाज आदि जैसे बिंदुओं के बारें में बताया गया है।

लेख विभाग
April 11 2022 Updated: April 11 2022 12:02
0 41389
गर्भावस्था के दौरान अपने ब्लड प्रेशर को समझें प्रतीकात्मक

प्रेगनेंसी (गर्भावस्था) में ब्लड प्रेशर का स्तर बढ़ना चिंता का विषय है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान बीपी बढ़ना  प्री एक्लेम्पशिया (pre-eclampsia) हो सकता  है।

यदि आप प्रेगनेंट (pregnant) हैं और साथ ही आपको हाई बीपी (high BP) की भी समस्या है तो सम्बंधित डॉक्टर्स (doctors) से समय-समय पर अपनी समस्याओं को बताकर उसका इलाज (treatment) जरूर करायें। इस लेख के द्वारा प्रेगनेंसी में हाई बीपी के कारण, लक्षण, नुकसान और इलाज आदि जैसे बिंदुओं के बारें में बताया गया है।

प्रेगनेंसी में नॉर्मल बीपी - Normal BP during pregnancy

प्रेगनेंसी में नॉर्मल बीपी (ब्लड-प्रेशर) 120 / 80 mmHg होना चाहिए विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था में अगर 140/90 mmHg मापा जाता है तो वह हाई बीपी माना जाएगा।

प्रेगनेंसी में 130/90 mmHg से अधिक या शुरुआत से 15 डिग्री ज्यादा है तो यह चिंता का विषय हो सकता है। प्रेगनेंसी में होने वाला यह हाई बीपी सामान्य हाई बीपी से अलग है क्योंकि गर्भावस्था के दौरान रक्त संचरण बढ़ जाता है और हार्मोन्स में कुछ बदलाव आते हैं जिससे रक्त वाहिकाएं (blood vessels) पतली हो जाती हैं और बीपी के स्तर में बदलाव आते रहते हैं।

प्रेगनेंसी में हाई बीपी के प्रकार – Types of high BP during pregnancy

विशषज्ञों का मानना है कि गर्भावस्था के दौरान बीपी के स्तर का बढ़ना तीन तरह का होता है-

1. क्रोनिक हाई बीपी - Chronic hypertension

यदि गर्भ धारण करने से पहले माँ को हाई बीपी की समस्या हो, किडनी की बीमारी हो तब यह स्थिति क्रोनिक हाई बीपी की होती है। गर्भवती होने पर क्रोनिक हाई बीपी वाली कुछ महिलाओं में प्री-एक्लेमप्सिया हो सकता है।

2. गर्भकालीन उच्च रक्तचाप - Gestational Hypertension

इस तरह के हाई बीपी का पता गर्भावस्था के 20 हफ्ते (पाँच महीनों) बाद लगता है।

3. प्री-एक्लेम्पशिया (Pre-eclampsia)

प्री-एक्लेम्पशिया गर्भावस्था के दौरान होने वाली एक गंभीर स्थिति है। हाई बीपी के साथ-साथ यह किडनी, लिवर, रक्त और दिमाग पर भी असर कर सकती है।

प्रेगनेंसी में हाई बीपी के कारण - Causes of high BP during pregnancy

प्रेगनेंसी के दौरान किसी भी गर्भवती को हाई बीपी की समस्या हो सकती है। अगर गर्भावस्था के दौरान हाई बीपी के साथ निम्नलिखित कारणों में से कोई भी स्थिति है तब यह गंभीर स्वास्थ्य समस्या मानी जाएगी।

  • धूम्रपान और नशीले पदार्थों का सेवन।
  • अगर आपकी उम्र 35 साल से अधिक है।
  • अगर आपका वजन सामान्य से ज्यादा है।
  • अगर आपको पहले प्री-एक्लेम्पशिया हुआ है।
  • अगर आपके गर्भ में जुड़वां या अधिक बच्चें हैं।
  • परिवार में किसी संबंधी को प्री-एक्लेम्पशिया हुआ हो।
  • अगर आप पहले से ही किसी समस्या जैसे कि किडनी की बीमारी, मधुमेह (diabetes) या हाई बीपी की पुरानी समस्या, से जूझ रहें हों।

पहली बार प्रेगनेंट होना भी गर्भावस्था में हाई बीपी का कारण हो सकता है।

प्रेगनेंसी में हाई बीपी के लक्षण - Symptoms of high BP during pregnancy

  • पेशाब में ज्यादा मात्रा में प्रटीन आना (proteinuria)।
  • किडनी की समस्याओं के अन्य संकेत।
  • असहनीय सिरदर्द।
  • नजर कमजोर हो जाना, धुंधला दिखाई देना या अधिक रोशनी से आँखों में परेशानी होना।
  • पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द होना, खास तौर पर पसलियों के दाईं ओर।
  • मितली या उल्टी होना।
  • पेशाब जाने की मात्रा में कमी आ जाना।
  • आपके रक्त में प्लेटलेट्स के स्तर में कमी (थ्रोम्बोसाइटोपेनिया/ thrombocytopenia) आना।
  • लिवर के कामों में कमी या असामान्यता आना।
  • फेफड़ों में पानी की मात्रा अधिक हो जाने के कारण सांस लेने में तकलीफ होना।
  • अचानक वजन का बढ़ जाना और हाथ-पैरों में सूजन आ जाना।

प्रेगनेंसी में हाई बीपी से माँ-बच्चे को होने वाले नुकसान -Damage to mother and child due to high BP in pregnancy

  1. प्रेगनेंसी में बीपी के हाई हो जाने से प्लेसेंटा में रक्त पहुँचना कम हो जाता है, जिससे गर्भ में पल रहे बच्चे को जरूरी पोषक तत्व और ऑक्सीजन नहीं मिल पाते।
  2. इससे बच्चे का वजन कम होने या समय से पहले जन्म होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा हाई बीपी से होने वाला एक जोखिम वह होता है जिसमें प्रसव (डिलेवरी) से पहले नाल (placenta) आपके गर्भाश्य की अंदरूनी दीवार से अलग हो जाती है।
  3. इस अलगाव से भारी रक्तस्राव हो सकता है जो आपके और आपके बच्चे के जीवन पर खतरा बन सकता है। हाई बीपी से होने वाले इस नुकसान से न केवल बच्चे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं बल्कि माँ के शरीर पर भी इन नुकसानों का गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

 प्रेगनेंसी में बीपी कैसे कंट्रोल करें - How to control BP in pregnancy?

इस सवाल का जबाव केवल एक कुशल महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ ही दे सकतीं हैं।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

अमेरिका में टेक्सास प्रांत की सुप्रीम कोर्ट ने क्लीनिक में गर्भपात पर लगायी रोक

अमेरिका में टेक्सास प्रांत की सुप्रीम कोर्ट ने क्लीनिक में गर्भपात पर लगायी रोक

एस. के. राणा July 02 2022 33824

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने रो बनाम वेड मामले से संबंधित फैसले को पलटते हुए गर्भपात कराने के महिलाओं

यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी कर्मचारी एसोसिएशन ने रिक्त पद व प्रोन्नति के लिए  फिर लिखा उपमुख्यमंत्री को पत्र

यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी कर्मचारी एसोसिएशन ने रिक्त पद व प्रोन्नति के लिए फिर लिखा उपमुख्यमंत्री को पत्र

रंजीव ठाकुर August 29 2022 36989

प्रदेश की मेडिकल फैकल्टी में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रिक्त पद तथा प्रशासनिक अधिकारियों की प्रोन्न

कोरोना वायरस महामारी अभी खत्म नहीं हुई है, डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने दुनिया को चेताया।

कोरोना वायरस महामारी अभी खत्म नहीं हुई है, डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने दुनिया को चेताया।

हे.जा.स. October 25 2021 36515

कोरोना महामारी तब समाप्त होगी, जब दुनिया इसे समाप्त करना चाहेगी। यह हमारे हाथ में है।

हाथों में झुनझुनी, कार्पल टनल सिंड्रोम हो सकता है: डॉ. हुमन प्रसाद

हाथों में झुनझुनी, कार्पल टनल सिंड्रोम हो सकता है: डॉ. हुमन प्रसाद

लेख विभाग April 03 2022 45667

जब किसी कारणवश यह मीडियन नर्व इस कार्पल टनल में दबने लगती है तो हाथ में दर्द, झुनझुनी या कमजोरी (खास

चश्मे में पॉवर, ग्लासेस, लेन्सेस और फ्रेम की क्या होती है अहमियत, जानिये ऑप्ट्रोमैटिस्ट से

रंजीव ठाकुर August 23 2022 124496

पॉवर डिसाइड हो जाने के बाद ग्लास का क्या रोल होता है क्योंकि ग्लासेस की कीमतों में काफी अंतर होता है

साल के अंत में लखनऊ में संक्रमण घटा, वायरस से मौतों का ग्राफ बढ़ा
कोविड-19: चार लाख से कम हुआ कोरोना संक्रमण का आंकड़ा। 

कोविड-19: चार लाख से कम हुआ कोरोना संक्रमण का आंकड़ा। 

एस. के. राणा May 11 2021 30496

एक दिन में कोविड-19 के 3,66,161 मामले सामने आए और इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,26

हेडफोन और इयरफोन के अधिक इस्तेमाल से बढ़ रही है हियरिंग लॉस की बीमारी: डॉ सुनील कुमार

हेडफोन और इयरफोन के अधिक इस्तेमाल से बढ़ रही है हियरिंग लॉस की बीमारी: डॉ सुनील कुमार

हुज़ैफ़ा अबरार June 24 2022 35464

मनोरंजन के लिए लिया गया हेडफोन और इयरफोन आज भी युवाओं की पसंद हैं। खाली वक्त में युवा कान पर ईयरफोन

योग में है शानदार करियर, विदेशी छात्रों में बढ़ी जागरूकता

योग में है शानदार करियर, विदेशी छात्रों में बढ़ी जागरूकता

विशेष संवाददाता November 02 2022 32336

जर्मनी और चीन समेत कई देशों के छात्र संस्कृत और योग में करियर की संभावनाएं तलाश रहे हैं। योग और संस्

मृतक डॉक्टर के बाद मरे हुए डेंटल हाइजिनिस्ट भी तबादला सूची में शामिल 

मृतक डॉक्टर के बाद मरे हुए डेंटल हाइजिनिस्ट भी तबादला सूची में शामिल 

रंजीव ठाकुर July 08 2022 26480

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ियां और लापरवाही के नित नए मामले सामने आ रहे हैं। मृतक डॉक

Login Panel