देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

महर्षि दधीचि से लें अंगदान की प्रेरणा: डॉ मयंक सोमानी

अंगदान को इस रूप में भी देखा जाना चाहिए कि मृत्यु के पश्चात अंगदान का प्रण लेने वाले न केवल कई व्यक्तियों को नया जीवनदान देते हैं बल्कि मृत्यु के पश्चात भी वे अलग-अलग व्यक्तियों में किसी न किसी रूप में जीवित रहते हैं

रंजीव ठाकुर
May 21 2022 Updated: May 21 2022 03:07
0 41406

लखनऊ। अंगदान को लेकर अपने देश में जागरूकता का अभाव है और लोग केवल खास रिश्तेदार या मित्र को ही अंगदान करते हैं। ब्रेन डेड हुए लोगों के अंग भी जागरुकता के अभाव में किसी दूसरे शरीर के काम नहीं आ पाते हैं। अंग प्रत्यारोपण को लेकर भ्रांतियां टूटनी चाहिए और समाज को अंगदान के लिए स्वयं आगे बढ़ कर आना चाहिए।

धार्मिक मान्यताओं के चलते अंगदान को नकारने वालों को महर्षि दधिचि का उदाहरण याद करना चाहिए कि परोपकार के लिए उन्होंने अपना सम्पूर्ण शरीर दान कर दिया था। अंगदान को इस रूप में भी देखा जाना चाहिए कि मृत्यु के पश्चात अंगदान (organ donation) का प्रण लेने वाले न केवल कई व्यक्तियों को नया जीवनदान देते हैं बल्कि मृत्यु के पश्चात भी वे अलग-अलग व्यक्तियों में किसी न किसी रूप में जीवित रहते हैं।“

राजधानी के अपोलो अस्पताल (Apollomedics Hospital) ने अंगदान जागरुकता को लेकर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें अंग प्रत्यारोपण (organ transplantation) से जुड़े अपोलो के सभी डॉक्टर्स मौजूद रहें।

अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल के सीईओ व एमडी डॉ. मयंक सोमानी ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार प्रति वर्ष लगभग 2 लाख व्यक्ति किडनी फेलियर से पीड़ित होते हैं, जबकि इनमें से केवल लगभग 6000 को ट्रांसप्लांट के लिए किडनी मिल पाती है। इसी तरह प्रति वर्ष 2 लाख रोगियों की मृत्यु लिवर फेल होने या लीवर कैंसर से होती है, जिनमें से लगभग 10-15% को समय पर लिवर ट्रांसप्लांट (liver transplants) कर बचाया जा सकता है।

भारत में प्रति वर्ष लगभग 30 हजार लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है लेकिन केवल डेढ़ हजार लोगों को ही ट्रांसप्लांट मिल पाता है। इसी तरह हर साल लगभग 50,000 व्यक्तियों को हार्ट ट्रांसप्लांट (heart transplants) की आवश्यकता होती है लेकिन प्रति वर्ष मुश्किल से 10 से 15 ही हार्ट ट्रांसप्लांट हो पाते हैं। आंखों के मामले में लगभग एक लाख लोगों को कॉर्निया ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होती है, जबकि उसके मुकाबले प्रति वर्ष लगभग 25,000 लोगों को ही कॉर्निया ट्रांसप्लांट (cornea transplants) मिल पाते हैं।

डॉ सोमानी अंगदान के बारे में विस्तार से बताते हुए कहते हैं, "किसी मृत व्यक्ति के शरीर से मिले लिवर को दो भागों में विभाजित किया जा सकता है और 2 जरुरतमन्द रोगियों के शरीर में इसे ट्रांसप्लांट कर उनकी जान बचाई जा सकती है। इसी तरह फेफड़ों को 2 रोगियों के शरीर में ट्रांसप्लांट कर उनकी जान बचाई जा सकती है। किड्नी भी दो रोगियों को जीवेनदान दे सकती है। जबकि दिल व अग्न्याशय एक-एक रोगी के शरीर में ट्रांसप्लांट कर उनकी जान बचाई जा सकती है। इस तरह से मृत्यु के बाद भी कोई व्यक्ति अंगदान कर 8 गंभीर रोगियों को जीवन दान दे सकता है।"

डॉ सोमानी ने अपोलोमेडिक्स के उन सभी कुशल डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ का आभार जताया और बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट प्रो अमित गुप्ता के कुशल निर्देशन व नेतृत्व में हुआ जिसमें डॉ शहजाद आलम, डॉ आदित्य के शर्मा, डॉ (ब्रिगेडियर) आनंद श्रीवास्तव, डॉ शशिकांत गुप्ता, डॉ सुजीत शेखर सिन्हा व डॉ जॉनी अग्रवाल शामिल थे। जबकि लिवर ट्रांसप्लांट टीम को डॉ आशीष कुमार मिश्रा ने लीड किया, जिसमें डॉ वलीउल्लाह सिद्दीकी, डॉ राजीव रंजन सिंह व डॉ सुहांग वर्मा शामिल थे।

डॉ मयंक सोमानी  ने जानकारी देते हुए कहा, "यदि जीवित व्यक्ति भी अपने किसी नजदीकी रिश्तेदार को अपने लिवर का एक हिस्सा दान में देता है तो उसका लिवर चार हफ्तों में पुनः अपने वास्तविक आकार में विकसित हो जाता है और दानकर्ता और प्राप्तकर्ता कुछ ही समय में स्वस्थ जीवन जीने  लगते हैं। इसी प्रकार स्वस्थ व्यक्ति यदि अपनी एक किडनी दान कर देता है तो एक जरूरतमंद रोगी को जीवनदान मिल जाता है। सामान्य व स्वस्थ व्यक्ति के लिए शरीर में एक किडनी का होना पर्याप्त है।"

डॉ मयंक सोमानी ने बताया, “हाल ही में एक हादसे में 21 वर्षीय युवक के ब्रेनडेड हो जाने के बाद उनके परिजनों ने मानवता के हित में दूसरे मरीजों को जीवनदान देने के लिए अंगदान की प्रक्रिया अपनाने का फैसला लिया। उत्तर प्रदेश में अपोलोमेडिक्स पहला ऐसा अस्पताल है जहां हमने पहली बार कैडेबर से अंगों का प्रत्यारोपण किया। हमने 48 घंटे के भीतर 4 सफल अंग प्रत्यारोपण किया, जिनमें 2 लीवर और 2 किडनी ट्रांसप्लांट शामिल हैं।“

डॉ सोमानी ने बताया, “एनसीआर के अतिरिक्त अपोलोमेडिक्स यूपी का पहला प्राइवेट हॉस्पिटल है, जिसे अन्य अंगों के प्रत्यारोपण के साथ-साथ हृदय और फेफड़े के प्रत्यारोपण के लिए भी लाइसेंस प्राप्त है। अपोलोमेडिक्स हॉस्पिटल में सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की इन हाउस टीम 24x7 मौजूद रहती है, जो ट्रांसप्लांट की आवश्यकता होने पर शीघ्र निर्णय लेकर समय रहते ट्रांसप्लांट कर मरीज की जान बचा सकती है।”

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

गोरखपुर में 98 फीसदी स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर व कर्मी अनुपस्थित, जिलाधिकारी ने रोका वेतन

गोरखपुर में 98 फीसदी स्वास्थ्य केंद्रों पर डाक्टर व कर्मी अनुपस्थित, जिलाधिकारी ने रोका वेतन

रंजीव ठाकुर August 02 2022 30250

जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को परखने के लिए औचक निरीक्षण किया जिसमें जमीनी स्तर पर बड़ी लापरवाही औ

महंगी दवाएं छुपी थी गोपनीय गोदामों में, डीएम के छापे से खुला राज़

महंगी दवाएं छुपी थी गोपनीय गोदामों में, डीएम के छापे से खुला राज़

रंजीव ठाकुर August 29 2022 34572

उत्तर प्रदेश में अधोमानक दवा सप्लाई होने के बाद महंगी दवाओं को लेकर सनसनीखेज नया मामला सामने आया है।

भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई पहली नेजल कोरोना वैक्सीन को मिली मंजूरी

भारत बायोटेक द्वारा बनाई गई पहली नेजल कोरोना वैक्सीन को मिली मंजूरी

विशेष संवाददाता September 07 2022 32083

भारत ने 100 करोड़ कोविड टीकाकरण करके एक रिकॉर्ड कायम किया था। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा की आपको

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्राणीण स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य में 2445 स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती।

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्राणीण स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य में 2445 स्टाफ नर्स के पदों पर भर्ती।

हुज़ैफ़ा अबरार October 09 2021 29503

यह भर्ती कंट्रैक्ट बेस (संविदा) पर होगी। यूपी में स्टाफ नर्स की इस भर्ती से कुल 2445 रिक्त पदों पर य

ह्रदयरोग संस्थान कानपुर में पैरामेडिकल छात्रों को बाटें गए टेबलेट

आरती तिवारी August 31 2022 28077

हृदय रोग संस्थान में मंगलवार को पैरामेडिकल छात्रों को सम्मानित किया गया। 61 छात्रों को टेबलेट देकर स

भारत में दो महीने में सबसे कम  कोविड-19 नए के केस।

भारत में दो महीने में सबसे कम कोविड-19 नए के केस।

एस. के. राणा June 05 2021 22176

जिन 3,380 और लोगों ने संक्रमण से दम तोड़ दिया उनमें से 1,377 लोगों की मौत महाराष्ट्र में, 364 की कर्

भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए तैयार स्वास्थ्य विभाग

भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए तैयार स्वास्थ्य विभाग

श्वेता सिंह November 15 2022 29147

चर्चा है कि बहुत जल्द चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण को लेकर भ्रष्टाचार के कई न

भोजन से मिलता हैं संपूर्ण पोषण

भोजन से मिलता हैं संपूर्ण पोषण

लेख विभाग September 08 2023 83149

अच्छी सेहत के लिए स्वास्थ्य (Health) के प्रति लोगों में सजगता बढ़ी है। लोग न्यूट्रिशन के लिए प्रतिदि

एक्शन मोड में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सहारनपुर में चिकित्सा अधीक्षक को किया सस्पेंड

एक्शन मोड में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, सहारनपुर में चिकित्सा अधीक्षक को किया सस्पेंड

विशेष संवाददाता January 29 2023 25741

लगातार शिकायतों के चलते उन्होंने कड़े कदम उठाए हैं। सहारनपुर के बेहट में रिश्वत लेने के एक प्रकरण मे

केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य के लिए सकल घरेलू उत्पाद का 2.1 प्रतिशत हिस्सेदारी 

केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य के लिए सकल घरेलू उत्पाद का 2.1 प्रतिशत हिस्सेदारी 

एस. के. राणा February 02 2023 26134

बजट की अपेक्षा में विशेषज्ञों को अनुमान था कि सरकार हेल्थ केयर सेक्टर (health care sector) पर खर्च क

Login Panel