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नयी दिल्ली। देश में कोरोना ने कहर बरपाया था। वहीं तब से अब तक इस महामारी को लेकर वैज्ञानिक रिसर्च में जुटे हुए हैं। कोविड-19 पर हुई अब तक की स्टडी में यह सामने आया था कि इसके प्रारंभिक संक्रमण से शरीर का लगभग हर अंग प्रभावित होता है और इसके कुछ अल्पकालिक और कुछ दीर्घकालिक जोखिम देखने को मिल सकते हैं। वैज्ञानिकों ने यह भी बताया कि पहले संक्रमण के बाद एंटीबॉडी प्राप्त करने और वैक्सीन या फिर बूस्टर डोज लेने वाले लोग, दोबारा भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक कोविड 19 को लेकर अब सेंट लुइस में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी (Washington University) स्कूल ऑफ मेडिसिन और वेटरन्स अफेयर्स सेंट लुइस हेल्थ केयर सिस्टम की एक नई स्टडी सामने आई है। इस स्टडी में कोरोना वायरस (corona virus) के दोबारा संक्रमण होने के परिणामों को दर्शाया गया है। शोधकर्ताओं (researchers) ने पाया कि बार बार संक्रमण होने से शरीर के कई अंगों में बीमारियों का अतिरिक्त जोखिम बढ़ जाता है।
विशेषज्ञ के मुताबिक वायरस (Virus) के संपर्क से बचना बहुत जरूरी है चाहे फिर आप दो बार क्यों न चपेट में आ चुके हों। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका में सर्दियों के मौसम में कोविड के नए वेरिएंट (new variants) तेजी से उभर रहे हैं, और वायरस का म्यूटेशन भी बढ़ रहा है। ऐसे में संक्रमण से बचना करने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए।







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