











































प्रतीकात्मक चित्र
न्यूयॉर्क। दुनिया भर में हर सप्ताह 13 हज़ार लोगों की मौत एड्स से हो जाती है। विश्व को, एड्स का ख़ात्मा करने, कोविड-19 का मुक़ाबला करने और भविष्य की महामारियों को होने से पहले ही रोकने के लिये, जीवनरक्षक स्वास्थ्य प्रोद्योगिकियों की सर्वसुलभता सुनिश्चित करनी होगी। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने शुक्रवार को यूएन महासभा (UN General Assembly) की एक बैठक को सम्बोधित करतेहुए कहा।
उन्होंने कहा कि सदस्य देशों ने आम सहमति से एचआईवी (HIV) और एड्स की रोकथाम का राजनीतिक घोषणा-पत्र (declaration) अपनाया था। इस घटनाक्रम को लगभग एक वर्ष हो चुके हैं लेकिन एचआईवी के संक्रमण और एड्स सम्बन्धित मौतों के रफ़्तार में कमी नहीं आ रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने याद दिलाया कि सदस्य देशों ने 2030 तक एड्स (AIDS) को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे (public health threat) के रूप में समाप्त करने का संकल्प लिया था और घोषणा-पत्र जारी किया था। सदस्य देशों ने, इस घोषणा-पत्र के क्रियान्वयन पर प्रगति को तेज़ करने के लिये, एकजुट होकर काम करने की ज़रूरत को रेखांकित किया है।
विषमताओं का सामना
यूएन प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने इस बैठक से पहले, एचआईवी/एड्स पर राजनैतिक घोषणा-पत्र के क्रियान्वयन पर एक रिपोर्ट जारी की जिसका शीर्षक है; Tackling inequalities to end the AIDS pandemic.
रिपोर्ट में दिखाया गया है कि विषमताओ और अपर्याप्त संसाधन निवेश के कारण दुनिया वर्तमान और भविष्य की महामारियों (pandemics) का मुक़ाबला करने में किस तरह कम तैयार है। यह ख़तरनाक है।
समाधान
रिपोर्ट में समाधान भी रेखांकित किया हैं, जिनमें एचआईवी संक्रमण के फैलाव की रोकथाम और सामाजिक सामर्थ्य, समुदाय के नेतृत्व वाली कार्रवाइयाँ, दवाइयों, वैक्सीन्स और स्वास्थ्य प्रोद्योगिकियों (health technologies) की समान सुलभता, एड्स और महामारी का मुक़ाबला करने की कार्रवाई के लिये टिकाऊ वित्त पोषण, और वैश्विक साझेदारियाँ मज़बूत करने की ज़रूरत शामिल हैं।
रास्ते पर आगे बढ़ना
यूएन प्रमुख का प्रतिनिधित्व करते हुए, उनके कार्यालय प्रमुख ने मौजूदा रुझानों का रुख़ पलटने और सही मार्ग पर आगे बढ़ने के लिये, तीन तात्कालिक क़दम रेखांकित किये।
उन्होंने कहा, “प्रथम, हमें तमाम क्षेत्रों में आपस में गुँथी हुई विषमताओं, भेदभाव और पूरे के पूरे समुदायों को हाशिये पर धकेले जाने जैसी स्थितियों से निपटना होगा, जिनमें अक्सर दण्डात्मक क़ानूनों, नीतियों और क्रियान्वयन के कारण बढ़ोत्तरी होती है।“
उन्होंने हाशिये पर धकेल दिये गए समुदायों के लिये एचआईवी के जोखिमों को कम करने के लिये नीतिगत सुधारों का आहवान किया। इन समुदायों में यौनकर्मी (sex workers), इंजेक्शन के ज़रिये ड्रग्स लेने वाले लोग, क़ैदी, ट्रांसजैण्डर लोग और समलैंगिक पुरुष शामिल हैं।
दूसरा क़दम है स्वास्थ्य प्रोद्योगिकियों की सर्वसुलभता सुनिश्चित करना और उन्हें दुनिया भर के तमाम देशों में लोगों को सुलभ बनाना।
उन्होंने बताया कि तीसरा क़दम, और ज़्यादा संसाधनों का संकल्प लेना होगा। “एड्स में निवेश, वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा में निवेश करना है। उनकी बदौलत ज़िन्दगियाँ बचती हैं; और धन भी।
लक्ष्य प्राप्ति
यूएन महासभा के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने ध्यान दिलाया कि स्वास्थ्य देखभाल के लिये समान पहुँच सुनिश्चित करना, सार्वजनिक स्वास्थ्य की गारण्टी के लिये एक आवश्यक मानवाधिकार (human right) है।
उन्होंने कहा, “2025 के एड्स लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये प्रयास करना, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों और महामारी का मुक़ाबला करने की दिशा में निवेश बढ़ाने की ख़ातिर, एकजुट होकर काम करने का एक अवसर है। ”
जून 2021 में जारी राजनीतिक घोषणा-पत्र के अनुसार, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय (international community) अगर लक्ष्यों तक पहुँचता है तो वर्ष 2030 तक, एचआईवी के नए संक्रमण के 36 लाख मामले, और एड्स से सम्बन्धित 17 लाख मौतें रोकी जा सकती हैं।
सामूहिक कार्रवाई को प्राथमिकता
यूएन महासभा में अफ़्रीका समूह, कैरीबियाई समुदाय और मध्य अमेरिकी एकीकरण व्यवस्था, व योरोपीय संघ की तरफ़ से जारी वक्तव्यों में, एचआईवी के विरुद्ध सफल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिये, विषमता को जड़ से ख़त्म करने की ख़ातिर सामूहिक कार्रवाई की तात्कालिकता पर ज़ोर दिया गया है।
अफ़्रीका समूह व अन्य समूहों ने ऐसे भेदभावपूर्ण क़ानूनों से निपटने के बारे में भी आवाज़ बुलन्द की, जो लोगों को स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक सेवाओं तक पहुँच से दूर रखते हैं।







एस. के. राणा January 13 2026 0 3052
एस. के. राणा January 20 2026 0 2674
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 2618
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 2499
एस. के. राणा February 01 2026 0 2142
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 1890
एस. के. राणा February 04 2026 0 1883
सौंदर्य
सौंदर्या राय May 06 2023 0 102019
सौंदर्या राय March 09 2023 0 106393
सौंदर्या राय March 03 2023 0 106709
admin January 04 2023 0 106725
सौंदर्या राय December 27 2022 0 97033
सौंदर्या राय December 08 2022 0 85484
आयशा खातून December 05 2022 0 140161
लेख विभाग November 15 2022 0 109246
श्वेता सिंह November 10 2022 0 158526
श्वेता सिंह November 07 2022 0 109424
लेख विभाग October 23 2022 0 94170
लेख विभाग October 24 2022 0 97649
लेख विभाग October 22 2022 0 103365
श्वेता सिंह October 15 2022 0 106263
श्वेता सिंह October 16 2022 0 100630
“बच्ची एपीएलए सिंड्रोम से ग्रसित थी, जो एक आनुवंशिक स्थिति है और इसमें ख़ून के थक्के बनने की प्रवृत्
आज एक तरफ पीएम मोदी पंजाब में बड़े कैंसर अस्पताल का उद्घाटन करते हुए आधुनिक अस्पतालों और सुविधाओं की
स्त्रीरोग संबंधी सभी बीमारियों का एक साथ एक जगह इलाज अभी तक किसी निजी अस्पताल में नहीं था। महिलाओं क
केद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री ने इमरजेंसी वार्ड, ब
हम जानते ही है की वन हमारे लिए बहुत महत्व रखते है। यह मनुष्य और बाकी सारे जीव जंतुओं को प्रकृति का ए
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ बिपिन पुरी ने पिछले लगभग 20 वर्षों से 37 छात्र एमबीब
केजीएमयू में में बीते एक महीने में H3N2 वायरस के 15 केस सामने आए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना
कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बीच चीन का वित्तीय केंद्र शंघाई सील है। ऐसे में भारतीयों को फिलहाल
उपमुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से सभी सीएमओ एवं सीएमएस के साथ दवाओं की उपलब्धता की
यशोदा अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी का उद्घाटन किया गया। वहीं इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनस

COMMENTS