देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

खर्राटे लेना तो गम्भीर बीमारियों के आने का संकेत है: डॉ मोहित सिन्हा

खर्राटे लेना एक गम्भीर त्रासदी बन गई है। इसे हिडेन एपीडेमिक कहा जाने लगा है। कोविड-19 के दौरान लोग घरों में कैद रहें जिससे व्यायाम बंद हो गया और मोटापा बढ़ने लगा जिसके कारण खर्राटों की गम्भीरता बढ़ती गई।

रंजीव ठाकुर
May 16 2022 Updated: May 16 2022 00:38
0 26773
खर्राटे लेना तो गम्भीर बीमारियों के आने का संकेत है: डॉ मोहित सिन्हा

लखनऊ। आम तौर पर खर्राटे लेना सुखदाई नींद की निशानी माना जाता है लेकिन ये तब दुखदाई हो जाता है जब परिवार को इससे दिक्कत होने लगती है। क्या आप जानते हैं कि खर्राटे तो संकेत मात्र है कि आप गम्भीर बीमारियों का सामना करने वाले हैं। खर्राटों के कारण मशहूर गायक व संगीतकार बप्पी लहरी की जान चली गई थी।

रविवार को राजधानी के आईएमए भवन में ईएनटी (ENT) पर सीएमई (CME) आयोजित की गई जहां लोहिया अस्पताल में ईएनटी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर (Department of ENT Lohia Hospital) डॉ मोहित सिन्हा ने हेल्थ जागरण से खास बातचीत करते हुए खर्राटों की वजह, इससे होने वाली बीमारियाँ (diseases) और बचाव की अमूल्य जानकारी दी।

हेल्थ जागरण - डॉ साहब खर्राटे (sleep apnea) आने की वजह क्या है और इससे क्या नुकसान हो सकता है?
डॉ मोहित सिन्हा - खर्राटे लेना एक गम्भीर त्रासदी बन गई है और इसे हिडेन एपीडेमिक (Hidden Epidemic) कहा जाने लगा है। कोविड-19 के दौरान लोग घरों में कैद रहें जिससे व्यायाम बंद हो गया और मोटापा बढ़ने लगा जिसके कारण खर्राटों की गम्भीरता बढ़ती गई।

अगर कोई व्यक्ति 40 वर्ष से अधिक का है, उसको ब्लडप्रेशर (blood pressure) की समस्या है और तेज खर्राटे लगभग हफ्ते में चार दिनों तक आते हैं तो वह स्लीप एपनिया का शिकार हो सकता है। उनको डायबिटीज (diabetes), कार्डियक अटैक (cardiac attack), हाइपरटेंशन (hypertension), हार्ट फेलियर (heart failure) और कैंसर (cancer) तक हो सकता है। दुःख की बात यह है कि इनको जानकारी नहीं होती कि ऐसा क्यों हो रहा है। ऐसे लोग बीपी इत्यादि का इलाज करवाने आते हैं लेकिन मुख्य बीमारी के विषय में नहीं जानते हैं। इसके लिए जनजागृति (public awareness) बहुत जरूरी है।

हेल्थ जागरण - मशहूर संगीतकार बप्पी लहरी की जान खर्राटों के कारण चली गई थी। क्या कहना चाहेंगे?
डॉ मोहित सिन्हा - जी बिल्कुल सही कहा, ज्यादा वेट गेन करना, एक्सरसाइज ना करने से इस छुपी हुई बीमारी की गिरफ्त में लोग आते जा रहें हैं। खर्राटों को लेकर समाज में कोई जानकारी नहीं थी और यहां तक कि मेडिकल कॉरिकुलम में भी इसका खास जिक्र नहीं था लेकिन अब इसको लेकर काफी काम हो रहा है।

हेल्थ जागरण - समाज में स्लीप एपनिया को लेकर कैसी जागरूकता होनी चाहिए?
डॉ मोहित सिन्हा - देखिए खर्राटे सबको आते हैं। कोई गहरी नींद में है तब आ सकता है या मदिरापान किया है तब आ सकते हैं। लेकिन उम्र 50 के आसपास है, खर्राटे तेज आते हैं और हफ्ते में चार दिनों से ज्यादा आते हैं तथा गरदन मोटी है, ब्लडप्रेशर की बिमारी है तो उसको स्लीप एपनिया की बिमारी होना सम्भव हो सकता है। खर्राटे तो एक संकेत है कि आपको यह बीमारी हो सकती है। खर्राटे लेने का मतलब आपकी हवा लेने का रास्ता बंद हो गया है। इससे मस्तिष्क में आक्सीजन नहीं पहुंच पाती जिसके कारण गंभीर बीमारियां जैसे डायबिटीज, कार्डियक अटैक, हाइपरटेंशन, हार्ट फेलियर और कैंसर तक हो सकता है। 

हेल्थ जागरण - जीवनशैली में बदलाव करके क्या इस बीमारी से बचा जा सकता है?
डॉ मोहित सिन्हा - जी बिल्कुल, यह भी एक तरीका है क्योंकि यह लाइफस्टाइल डिज़ीज़ है इसलिए जीवनशैली में बदलाव कर इससे बचा जा सकता है। ये जरुरी नहीं कि मोटे व्यक्ति को ही यह बिमारी हो बल्कि पतले व्यक्ति भी इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। इसके लिए संतुलित आहार, व्यायाम, फास्ट फूड का सेवन ना करना बहुत जरूरी है। जिन लोगों को नाक की एलर्जी होती है उनमें यह समस्या बढ़ जाती है।

हेल्थ जागरण - खर्राटों को लेकर क्या उपचार है और लोहिया अस्पताल में इसके लिए क्या इलाज उपलब्ध है?
डॉ मोहित सिन्हा - इसके लिए डॉक्टर से परामर्श लेकर दवा खाए। लोहिया अस्पताल में इसका इलाज शुरू होने जा रहा है और प्रत्येक सोमवार को ईएनटी विभाग में ओपीडी होती है जहां दिखाया जा सकता है। हम इसके इलाज के लिए आगे बढ़ रहें हैं और आने वाले समय में इसका अच्छा इलाज कर लेंगे।

तो दोस्तों देखा आपने कि खर्राटे लेना कितना गम्भीर हो सकता है। स्वास्थ्य से जुड़ी ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारियां देखने के लिए हेल्थ जागरण को जरुर फॉलो करें। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

अल्कोहल की भाप से कोरोना के इलाज पर शोध।

अल्कोहल की भाप से कोरोना के इलाज पर शोध।

हे.जा.स. July 06 2021 30773

अमेरिका में अल्कोहल की भाप को अंदर लेकर कोरोना के इलाज पर प्रयोग किए जा रहे हैं।अब तक के परीक्षण से

पटना में नहीं थम रहा डेंगू का कहर, 24 घंटे में मिले 60 नये मरीज

पटना में नहीं थम रहा डेंगू का कहर, 24 घंटे में मिले 60 नये मरीज

विशेष संवाददाता September 23 2022 35140

बिहार की राजधानी पटना में डेंगू जमकर कहर ढा रहा है। पिछले 24 घंटों में पटना के 3 अस्पतालों में डेंगू

चश्मे को ऐसे करेंगे साफ तो नहीं आएंगे स्क्रैच

चश्मे को ऐसे करेंगे साफ तो नहीं आएंगे स्क्रैच

आरती तिवारी August 25 2022 44915

चश्मे के ग्लास को साफ करना काफी मुश्किल भी होता है। ऐसे में अगर कई जतन के बावजूद भी चश्मा आसानी से स

देश में दम तोड़ रहा कोरोना संक्रमण, लगातार दूसरे दिन आये पंद्रह हजार कम संक्रमित

देश में दम तोड़ रहा कोरोना संक्रमण, लगातार दूसरे दिन आये पंद्रह हजार कम संक्रमित

एस. के. राणा February 25 2022 27771

देश में कोरोना के मामलों में गिरावट अभी भी जारी है। लगातार दूसरे दिन कोरोना के नए मामले 15 हजार से क

रामदेव की कंपनी को बड़ी राहत, पतंजलि की 5 दवाओं पर लगा बैन हटाया

रामदेव की कंपनी को बड़ी राहत, पतंजलि की 5 दवाओं पर लगा बैन हटाया

विशेष संवाददाता November 14 2022 30734

उत्तराखंड की सरकार ने पतंजलि की सब्सिडियरी कंपनी दिव्य फार्मेसी में बनने वाली पांच दवाइयों पर लगी र

विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर आईएमए और आईडीए गोरखपुर ने आयोजित किया निशुल्क कैंसर ओपीडी

विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर आईएमए और आईडीए गोरखपुर ने आयोजित किया निशुल्क कैंसर ओपीडी

आनंद सिंह February 05 2022 37583

डॉक्टर दीप्ति चतुर्वेदी ने बताया की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर, एंडोमेट्रियल कैंसर, एवं अंडाशय का कै

रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू में फेफड़ों के कैंसर के निदान के लिए चल रहा हैं लंग कैंसर क्लीनिक

रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग केजीएमयू में फेफड़ों के कैंसर के निदान के लिए चल रहा हैं लंग कैंसर क्लीनिक

हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2022 33561

5 ऐसे खाद्य पदार्थ है जो आपके कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं वे मांस, तला हुआ खाना, रिफाइन्ड (परिष्क

बीपीकॉन-2022: देखिए हाइपरटेंशन के महाकुम्भ की दूसरे दिन की प्रमुख झलकियां

रंजीव ठाकुर September 11 2022 26136

कांफ्रेंस में विभिन्न मेडिकल कम्पनीज के स्टॉल भी लगे हैं जहां आधुनिकतम चिकित्सा, दवाओं और उपकरणों की

मुजफ्फरनगर के एक ही गाँव के 19 पुरुषों ने अपनाई नसबंदी

मुजफ्फरनगर के एक ही गाँव के 19 पुरुषों ने अपनाई नसबंदी

हुज़ैफ़ा अबरार June 22 2022 34817

सुदेश को स्वास्थ्य विभाग ने परिवार नियोजन साधनों को अपनाने के लिए महिला व पुरुषों को प्रेरित करने की

कड़ाके की ठंड में थम रही दिल की धड़कनें !

कड़ाके की ठंड में थम रही दिल की धड़कनें !

विशेष संवाददाता January 12 2023 33419

लगातार सामने आ रहे मामले केवल बुजुर्गों, हार्ट के मरीजों तक ही सीमित नहीं है बल्कि नौजवान भी इसके शि

Login Panel