देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

मानसिक स्वास्थ्य को सभी के कल्याण के लिए वैश्विक स्तर पर प्राथमिकता दें: डा.आदर्श

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के मानसिक स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ आदर्श त्रिपाठी ने कहा कि ऐसा देखने में आता है कि लोग शुरूआती दौर में यह मानने को ही नहीं तैयार होते कि उन्हें कोई मानसिक परेशानी है। साल दो साल में जब समस्या बढ़ जाती है तो वह चिकित्सक के पास पहुँचते हैं।

हुज़ैफ़ा अबरार
October 10 2022 Updated: October 10 2022 23:14
0 34688
मानसिक स्वास्थ्य को सभी के कल्याण के लिए वैश्विक स्तर पर प्राथमिकता दें: डा.आदर्श प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ। मानसिक स्वास्थ्य ने वैश्विक समस्या का रूप धारण कर लिया है। इसमें सबसे अधिक दिक्कत यह हो रही है कि मानसिक अस्वस्थता से जूझ रहे  85 प्रतिशत लोग इलाज ही नहीं कराते है। हद तो यह है कि उन्हें तो यह तक पता नहीं होता है कि वह मानसिक अस्वस्थता के दौर से गुजर रहे हैं। इनमें से खासकर वह लोग आगे नहीं आते हैं जो मादक पदार्थों के सेवन से जुड़े विकारों से ग्रसित हैं। इस बात की पुष्टि राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वे- 2015.16 की उत्तर प्रदेश की रिपोर्ट में होती है।

 

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (King George's Medical University) के मानसिक स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल प्रोफेसर डॉ आदर्श त्रिपाठी (Dr Adarsh ​​Tripathi) ने कहा कि ऐसा देखने में आता है कि लोग शुरूआती दौर में यह मानने को ही नहीं तैयार होते कि उन्हें कोई मानसिक परेशानी है। साल दो साल में जब समस्या बढ़ जाती है तो वह चिकित्सक के पास पहुँचते हैं। इस अंतराल को दूर करना बहुत जरूरी है क्योंकि शुरूआती दौर में समस्या का निदान ज्यादा आसानी से किया जा सकता है। जानकारी का अभाव, शर्म, हिचक डर और सामाजिक बहिष्कार जैसी सोच के साथ ही ऐसे मरीजों में घर-परिवार द्वारा देखभाल में कमी होना इसके प्रमुख कारण हैं। 

 

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण (National Mental Health Survey) के अनुसार हर 16 में से एक व्यक्ति मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारी से जूझ रहा या यूँ कहें कि हर चार, पांच घर में एक व्यक्ति मानसिक बीमारी से पीडि़त है। मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले मानसिक विकारों के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इसमें छह व्यक्तियों में से एक व्यक्ति मानसिक विकारों से जूझ रहा है। इस सर्वेक्षण से यह अनुमान लगाया गया कि 18 वर्ष की उम्र से ऊपर के करीब 15 मिलियन लोग यूपी (UP) में किसी न किसी मानसिक रोग से जूझ रहे हैं। अगर इस आंकड़े में तम्बाकू के सेवन से होने वाले मानसिक विकारों को जोड़ दिया जाये तो यह संख्या बढ़कर 21 मिलियन पहुँच जाती है। इन सभी बीमारियों में से सबसे ज्यादा समस्या अवसाद (depression) व ऐंज़ाइयटी (anxiety) की बनी हुई है। मानसिक समस्याओं के बोझ का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार 2019 में कोविड महामारी से पहले विश्व में आठ में से एक व्यक्ति मानसिक विकारों से ग्रसित है। कोविड के ठीक एक साल बाद इस संख्या में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि स्थिति बेहद गंभीर है। 

 

राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वे के मुताबिक़ सर्वेक्षण के दौरान ग्रुप डिस्कशन, साक्षात्कार व अन्य प्रमुख स्रोतों के माध्यम से उपचार के लिए आगे न आने के प्रमुख कारण सामने आये। जिसमें पता चलता है कि मानसिक बीमारी से जूझ रहे  लगभग 70.80 प्रतिशत लोग इसे पारंपरिक तरीकों से ठीक करने की कोशिश करते हैं। वह मजार व अन्य धार्मिक स्थलों पर तांत्रिक व बाबा की मदद लेते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह सही जानकारी न होना समाज का डर, शर्म पैसे की कमी और साथ ही योग्य चिकित्सकों के न मिलने की वजह से मानसिक बीमारी को लेकर लोगों की गलत धारणाएं जैसे बुरी आत्माओं का प्रभाव जैसी बातों की वजह से लोग इसके इलाज को प्राथमिकता नहीं देते।

 

इसी को देखते हुए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत दुआ से दवा तक कार्यक्रम चल रहा है। इसके अंतर्गत मंदिर, मजार व झाड -फूक  वाले स्थानों पर जाकर मानसिक रोगियों को खोजकर उनका इलाज किया जाता है। जरूरत के अनुसार उन्हें जिला अस्पताल स्थित मनकक्ष में इलाज के लिए बुलाया जाता है। इलाज की सुविधा बढ़ाने के साथ दिक्कत महसूस होने पर इलाज के लिए लोगों को आगे लाने के प्रति जागरूकता के लिए  हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। विश्व की बड़ी समस्या के रूप में इसे देखते हुए इस साल इस दिवस की थीम मानसिक स्वास्थ्य को सभी के  कल्याण के लिए  वैश्विक स्तर पर प्राथमिकता दें। मेक मेंटल हेल्थ (Mental Health) एंड वेल बीइंग फॉर आल ए ग्लोबल प्रायरिटी तय की गयी है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

COMMENTS

पिछले 30 वर्षों में मौखिक रोग मामलों की संख्या एक अरब से अधिक बढ़ी है , रिपोर्ट

पिछले 30 वर्षों में मौखिक रोग मामलों की संख्या एक अरब से अधिक बढ़ी है , रिपोर्ट

हे.जा.स. November 21 2022 27831

मसूड़ों में रोग होने, दाँत टूटने और मौखिक कैंसर ऐसी बीमारियाँ हैं, जिनकी रोकथाम सम्भव है। वहीं दाँतो

ये 4 फल चेहरे की झुर्रियों को करते हैं दूर

ये 4 फल चेहरे की झुर्रियों को करते हैं दूर

श्वेता सिंह October 22 2022 31342

अगर आप झुर्रियों की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आप इन फलों को अपने भोजन में शा

कोविड शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे सभी विधाओं के फार्मेसिस्ट। 

कोविड शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे सभी विधाओं के फार्मेसिस्ट। 

हुज़ैफ़ा अबरार May 30 2021 27349

फेडरेशन के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि प्रदेश मे सभी विधाओं के लगभग 40 कोरोना योद्धाओं ने ड्यूटी

ऑनलाइन वेबसाइट का जिला अस्पताल में शुभारंभ

ऑनलाइन वेबसाइट का जिला अस्पताल में शुभारंभ

जीतेंद्र कुमार October 18 2022 41745

सीकर जिले के नीमकाथाना में जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए राहत।अस्पताल की ओर से ऑनलाइन वेबस

कानपुर के जेके कैंसर संस्थान में ओरल कैंसर के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी

कानपुर के जेके कैंसर संस्थान में ओरल कैंसर के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी

श्वेता सिंह September 20 2022 28235

चिंताजनक बात है कि अब मुख कैंसर की चपेट में युवा तेजी से आ रहे हैं। जेके कैंसर संस्थान में तीन वर्ष

कोरोना का साया, सिविल अस्पताल में शुरू हुई आरटीपीसीआर जांच

कोरोना का साया, सिविल अस्पताल में शुरू हुई आरटीपीसीआर जांच

आरती तिवारी April 24 2023 27390

यूपी में कोरोना से संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने की रफ्तार अब तेज हो गई है। बीते 24 घंटे में 567 न

सर्वाइकल कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है: विश्व स्वास्थ्य संगठन

सर्वाइकल कैंसर को पूरी तरह रोका जा सकता है: विश्व स्वास्थ्य संगठन

हे.जा.स. November 18 2021 29660

एक अनुमान के अनुसार, सरवाइकल कैंसर से होने वाली हर 10 में से 9 मौतें, निम्न व मध्य आय वाले देशों में

वयस्‍कों का टीकाकरण: मिथक बनाम सच्‍चाई

वयस्‍कों का टीकाकरण: मिथक बनाम सच्‍चाई

लेख विभाग May 14 2021 34300

टीकों के बारे में जानकारी रखना और आम गलतफहमियों को दूर करना महत्‍वपूर्ण है, इसलिए आप अपने डॉक्‍टर से

हिंसा के खिलाफ एकजुट हुए डॉक्टर, 18 जून को करेंगे देशव्यापी विरोध।

हुज़ैफ़ा अबरार June 16 2021 31021

18 जून 2021 को हिंसा के खिलाफ देशभर में डॉक्टर विरोध प्रकट करेंगे। आमजन को कोई समस्या ना हो इसीलिए इ

सीएम आरोग्य स्वास्थ्य मेला में लाभान्वित हुए मरीज

सीएम आरोग्य स्वास्थ्य मेला में लाभान्वित हुए मरीज

आरती तिवारी September 26 2022 24247

यूपी के कई जिलों के सभी ग्रामीण व नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य

Login Panel