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कानपुर। चिलचिलाती गर्मी के चलते अंजान वायरस (unknown virus) जानलेवा हो गया है। वहीं इस वायरस से जिले में को नवाबगंज के रहने वाले रामकिशोर अग्रहरि (55) की मौत भी हो गई। बुखार और संक्रमण से उनके भी गुर्दे फेल (kidney failure) हो गए थे। कानपुर किडनी फाउंडेशन (Kidney Foundation) के संयोजक वरिष्ठ गुर्दा रोग विशेषज्ञ (nephrologist) डॉ. डीके सिन्हा का कहना है कि मरीजों की कोरोना, मलेरिया, डेंगू समेत विभिन्न रिपोर्ट निगेटिव आ रही है। हैलट इमरजेंसी (Hallet Emergency) में अभी तक एकेआई के 30 रोगी पंजीकृत हुए हैं।
वहीं इस वायरस के लक्षण अलग तरह के हैं। पहले बहुत तेज बुखार (high fever) आता और फिर फेफड़े संक्रमित (infected lungs) होते हैं। यह संक्रमण गुर्दे तक पहुंच जा रहा है। इससे रोगी को एकेआई (एक्यूट किडनी इंजरी) हो रहा है। इस तरह के अब तक 50 रोगी अस्पतालों (inpatient hospitals) में आए हैं। इसके अलावा उर्सला और निजी अस्पतालों में रोगी इलाज करा रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज (GSVM Medical College) की उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि कुछ रोगियों को डायरिया और गैस्ट्रोइंटाइटिस (gastroenteritis) हो जा रहा है। इसके बाद वह एकेआई की स्थिति में चले जाते हैं। डॉ. सिन्हा ने बताया कि अब तक वे ऐसे 15 रोगी देख चुके हैं।







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