देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

उत्तर प्रदेश

राज्यपाल ने एसजीपीजीआई के नैक हेतु प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन स्थित प्रज्ञाकक्ष में नैक ग्रेडिंग के लिए पहली बार तैयारी कर रहे संजय गाँधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट, लखनऊ द्वारा किए गए प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि संस्थान देश के चुनिंदा मेडिकल संस्थानों में गिना जाता है इसलिए नैक की उच्चतम श्रेणी के लिए प्रतिबद्धता से तैयारी करें।

रंजीव ठाकुर
August 03 2022 Updated: August 03 2022 16:30
0 36762
राज्यपाल ने एसजीपीजीआई के नैक हेतु प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन में संजय गाँधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट के अधिकारियों के साथ बैठक की।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राजभवन स्थित प्रज्ञाकक्ष में नैक ग्रेडिंग के लिए पहली बार तैयारी कर रहे संजय गाँधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट, लखनऊ द्वारा किए गए प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि संस्थान देश के चुनिंदा मेडिकल संस्थानों में गिना जाता है इसलिए नैक की उच्चतम श्रेणी के लिए प्रतिबद्धता से तैयारी करें।

राज्यपाल (Governor Anandiben Patel) ने बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा नैक मूल्यांकन (NAAC evaluation) की तैयारियों के लिए गठित कमेटी के सदस्यों से सभी सातों मूल्यांकन क्राइटेरिया पर बिन्दुवार जानकारी ली। उन्होंने कुलपति को निर्देश दिया कि मूल्यांकन के हर बिन्दु पर सुदृढ़ तैयारी की जाए और प्रस्तुतिकरण में उल्लिखित कार्यों के विवरण एवं डाटा के हाइपर लिंक को भी सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने प्रस्तुतिकरण में छोटे-छोटे वीडियों लिंक भी सम्बद्ध करने को कहा जिससे कार्यों के प्रस्तुतिकरण के समय पर ही प्रमाण का अवलोकन भी किया जा सके।

मूल्यांकन के सभी सातो क्राइटेरिया में छात्रों की प्रतिभागिता बढ़ाने का निर्देश देते हुए राज्यपाल ने कहा कि क्राइटेरिया वाइज गठित पूरी टीम एक साथ बैठकर कार्य करे, संयुक्त तैयारी करें, आपस में तालमेल और सहयोग की भावना रखें। उन्होंने कहा कुलपति स्वयं टीम के साथ बैठकर कार्य प्रगति की समीक्षा करें और टीम के सभी सदस्य कुलपति को कार्य प्रगति की सम्पूर्ण जानकारी से अवगत रखें, जिससे सबके प्रयासों से एक सुदृढ़ एस.एस.आर. दाखिल किया जा सके।

राज्यपाल ने टीम के सदस्यों को पूर्वाग्रहों से बाहर आकर अपने कार्य का दायरा बढ़ाने, विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करने, सभी अध्यापकों एवं कुलपति को विद्यार्थियों के मध्य सुगम समागम, विचरण और विचार-विनिमय रखने, सामाजिक गतिविधियां बढ़ाने, संस्थान के सभी परिसरों में बेहतर सफाई व्यवस्था रखने, छात्रों से जनहित में प्रोजेक्ट कार्य करवाने, विश्वविद्यालय प्रबन्धन में कार्य सुगमता के लिए प्रशासनिक अधिकारों का समुचित सीमा तक विकेन्द्रीकरण करने जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा करते हुए आवश्यक सुधारों से अवगत कराया। उन्होंने कहा टीम के सभी सदस्य अपने प्रस्तुतिकरण का पुनरावलोकन करें और प्रत्येक बिन्दु को सशक्त करें।

राज्यपाल ने समीक्षा के दौरान कहा कि नैक ग्रेडिंग (NAAC grading) के महत्व को समझें और बेहतर नैक मूल्यांकन कराने के लिए सशक्त तैयारी के साथ एसएसआर दाखिल करें। यहां बताते चलें कि संजय गाँधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टिट्यूट (Sanjay Gandhi Postgraduate Institute) को वर्तमान “नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क” में सातवीं रैंक प्राप्त हुई है। जबकि इसके पूर्व के वर्ष में इस संस्थान को पाचवीं रैंक प्राप्त थी।

बैठक में राज्यमंत्री चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग मयंकेश्वर शरण सिंह (Minister of State, Medical and Health Department, Mayankeshwar Sharan Singh), अपर मुख्य सचिव राज्यपाल महेश कुमार गुप्ता, विशेषकार्याधिकारी शिक्षा, संजय गाँधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट, लखनऊ (SGPGI) के निदेशक डॉ आर के धीमान (Dr. RK Dhiman), विश्वविद्यालय द्वारा नैक मूल्यांकन तैयारी के लिए गठित टीम के सदस्य तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

एसजीपीजीआई में पहली बार प्रोग्राम्ड शंट से हाइड्रोसेफलस का इलाज हुआ

एसजीपीजीआई में पहली बार प्रोग्राम्ड शंट से हाइड्रोसेफलस का इलाज हुआ

रंजीव ठाकुर July 31 2022 28908

क्या आप जानते है कि दिमाग में लगातार पानी बनता है जो अधिकतर खून के साथ बाहर निकल जाता है। लेकिन कई ब

जी-20 स्वास्थ्य-समूह की पहली बैठक तिरुवनंतपुरम में हुई सम्पन्न 

जी-20 स्वास्थ्य-समूह की पहली बैठक तिरुवनंतपुरम में हुई सम्पन्न 

एस. के. राणा January 19 2023 31195

डॉ. पवार ने कहा कि महामारी की रोकथाम, उसके लिये तैयारी और कार्रवाई के लिये विभिन्न प्रकार के अनेक से

Risk of preterm birth, small for gestational age at birth, and stillbirth after covid-19 vaccination during pregnancy: population based retrospective cohort study

Risk of preterm birth, small for gestational age at birth, and stillbirth after covid-19 vaccination during pregnancy: population based retrospective cohort study

British Medical Journal January 11 2023 31632

The findings suggest that vaccination against covid-19 during pregnancy is not associated with a hig

कानपुर में 48 घंटे में डेंगू के 60 नए मरीज आए सामने

कानपुर में 48 घंटे में डेंगू के 60 नए मरीज आए सामने

श्वेता सिंह November 03 2022 27928

24 घंटे में डेंगू मरीजों की प्लेटलेट्स एक लाख तक गिर रही हैं। इसलिए शहर में RDP और SDP की मांग 4 गुन

सर्दियों में नहाने के लिए बहुत गर्म पानी और साबुन का ज़्यादा प्रयोग मत करें: डॉ.अभिनव

एस. के. राणा January 20 2026 3913

आजकल सोशल मीडिया के दौर में लोग यु ट्यूब फेसबुक आदि देखकर अधूरी जानकारी प्राप्त करते हैं और अक्सर ऐस

मोशन सिकनेस से निजात दिलाएंगे ये 2 योगासन

मोशन सिकनेस से निजात दिलाएंगे ये 2 योगासन

लेख विभाग November 08 2022 36703

इन योगासनों के अभ्यास से ब्रेन के उन हिस्सों को मजबूती मिलती है जो शारीरिक बैलेंस बनाने का काम करते

देश में कोविड की चौथी लहर अभी नहीं, आईसीएमआर ने बताई चार वजहें

देश में कोविड की चौथी लहर अभी नहीं, आईसीएमआर ने बताई चार वजहें

एस. के. राणा May 01 2022 38086

देश में कोविड-19 की चौथी लहर को लेकर तमाम चर्चे हैं और कई तरीकों से कयास लगाए जा रहे है। इसी बीच भार

स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के आधार पर होगा अस्पतालों का मूल्याँकन 

स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं के आधार पर होगा अस्पतालों का मूल्याँकन 

एस. के. राणा January 10 2023 28471

नए प्रारूप के तहत रोगियों को उनके स्वास्थ्य में सुधार करने में सहायता करने के लिए सेवा प्रदाताओं को

केजीएमयू नैक में अपनी ग्रेडिंग सुधारने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय से लेगा मदद

केजीएमयू नैक में अपनी ग्रेडिंग सुधारने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय से लेगा मदद

हुज़ैफ़ा अबरार January 11 2023 40317

केजीएमयू में शिक्षकों के पद विज्ञापित हो चुके हैं। आर्थिक संसाधन के मामले भी केजीएमयू लविवि से संपन

जेनेरिक दवाएं स्ट्रोक के इलाज में बदलाव ला सकती हैं

जेनेरिक दवाएं स्ट्रोक के इलाज में बदलाव ला सकती हैं

विशेष संवाददाता October 29 2022 24344

इससे न केवल भारत में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां बढ़ रही है, बल्कि दवा की वजह से घरेलू खर्च को भी बढ़

Login Panel