











































लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डॉ पीयूष उपाध्याय, मरीज़ बच्ची और उसके परिजन
लखनऊ। डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में लीवर कैंसर से पीड़ित दो साल की बच्ची को नई जिंदगी मिली है। ट्यूमर सहित लीवर का बड़ा भाग निकाल कर उसे कैंसर मुक्त कर दिया गया है।
राजधानी की रहने वाली 2 साल की बच्ची को लीवर में ट्यूमर (two-year-old girl suffering from liver cancer) था। उसे करीब 4 महीने पहले डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (Dr Ram Manohar Lohia Institute of Medical Sciences) में डॉ पीयूष उपाध्याय, पीडियाट्रिक हेपेटोलॉजिस्ट और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (Pediatric Hepatologist and Gastroenterologist) के पास रेफर किया गया था। बायोप्सी (biopsy) और सीटी स्कैन (CT scan) के बाद बच्ची का उच्च जोखिम वाले उन्नत चरण हेपेटोब्लास्टोमा (high-risk advanced stage hepatoblastoma) (type of liver cancer) के रूप में निदान किया गया था।
डॉ पीयूष ने बताया कि शुरुआत में बच्चे के लिए लीवर ट्रांसप्लांट (liver transplant) की योजना बनाई गई थी, लेकिन कीमोथेरेपी (chemotherapy) के 7 चक्रों के बाद ट्यूमर का आकार कम (tumor reduced) हो गया और ट्यूमर शल्य चिकित्सा के लिए प्रतिरोधी हो गया। ट्यूमर सहित लीवर का लगभग 85% भाग निकाल दिया गया (tumor and liver removed) और बच्ची अंततः कैंसर मुक्त (cancer-free) हो गई।
आरएमएलआईएमएस (RMLIMS) के डॉ पीयूष उपाध्याय द्वारा चिकित्सा उपचार के सहयोग से इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बाइलरी साइंसेज, नई दिल्ली (Institute of Liver and Biliary Sciences, New Delhi) में सर्जरी की गई। लोहिया अस्पताल में कीमोथैरेपी और चिकित्सा उपचार नि:शुल्क (free treatment) दिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय (CM Yogi offfice) से भी रोगी को 2 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई।
निदेशक प्रो सोनिया नित्यानंद (Prof. Sonia Nityanand) ने कहा कि यह संस्थान के लिए गर्व का क्षण है और आसपास के लोगों और डॉक्टरों को यह संदेश दिया कि लीवर कैंसर से पीड़ित बच्चों का समय पर रेफरल बच्चे को एक नया जीवन दे सकता है।
बच्चों के सभी प्रकार के लीवर ट्यूमर (All types of liver tumors in children) का उपचार डॉ आरएमएलआईएमएस में निदेशक प्रो सोनिया नित्यानंद के कुशल मार्गदर्शन में बाल रोग विशेषज्ञ और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (Pediatrician and Gastroenterologist), डॉ पीयूष उपाध्याय की संयुक्त टीम द्वारा लीवर संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है। पित्त विज्ञान, नई दिल्ली उनकी मातृ संस्था है।







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