












































लखनऊ। हेल्थ केयर में सर्जिकल आइटम्स की महती भूमिका होती है और ऐसा कहा जाता है कि मरीज या तीमारदार को ये प्रोडक्ट महंगे मिलते हैं। कोरोना काल के पहले और बाद में सर्जिकल आइटम्स की डिमांड में क्या अंतर आया है तथा किन सर्जिकल प्रोडेक्ट्स की डिमांड बढ़ी है।
ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण सवालों का जवाब जानने के लिए हेल्थ जागरण (Health Jagaran) ने एसजीपीजीआई (SGPGI) के पास के एस सर्जिकल्स (K S Surgicals) का दौरा किया। के एस सर्जिकल्स के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर विचित्र शर्मा (Vichitra Sharma) पिछले लगभग 20 सालों से सर्जिकल प्रोडेक्ट्स (Surgical Products) में डील करते हैं और एसजीपीजीआई, मेडिकल कॉलेज (kgmu), मेदांता (medanta), अपोलो (apollo), बीएचयू (bhu), कमला नेहरू अस्पताल, प्रयागराज जैसे बड़े संस्थानों से जुड़े हुए हैं। तो आइए बात करते हैं विचित्र शर्मा जी से।
हेल्थ जागरण - कोरोना काल (corona period) से पहले और बाद में सर्जिकल प्रोडेक्ट्स की डिमांड में कितना अंतर आया है?
विचित्र शर्मा - प्राइस हाइक हो गए हैं सामान महंगा हो गया है और खपत भी ज्यादा ज्यादा नहीं है जैसा कोरोना से पहले चल रहा था। कोरोना पीरियड में केवल कोविड (covid-19) से जुडी वस्तुओं की डिमांड बढ़ी थी। अब सब स्मूथ वे में है कोई तेजी नहीं है।
हेल्थ जागरण - कौन कौन से नए सर्जिकल प्रोडेक्ट्स आएं हैं और किसकी डिमांड ज्यादा है?
विचित्र शर्मा - एक तो कन्संट्रेटर है दूसरे अनिद्रा से जुड़ा है और भी कई प्रोडक्ट्स आ रहे है। वैसे अधिकतर प्रोडक्ट्स कोरोना से जुड़े हुए ही है।
हेल्थ जागरण - आपके पास किस प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध हैं?
विचित्र शर्मा - इसमें स्टोमा (Stoma), कैंसर (Cancer), गैस्ट्रो (Gastro), आर्टिफिशियल लिम्ब (Artificial Limb), अक्सीजन (Oxygen), कन्सर्टेटर (Concentrator), ऑडियो मेटीरियल (Audio material), वाउन्ड ड्रेसिंग (Wound dressing), फिजिओथेर्रेपी (Physiotherapy), सीपीईपी/ बाईसीपीईपी (CPEP/ BiCPEP) जैसे आइटम्स हैं। इसके अलावा कुछ सुविधाएँ रेंट पर भी दी जाती हैं और कुछ सुविधाएँ पेशेंट्स को घर या अस्पताल में भी दी जाती है। लगभग सभी इक्यूप्मेंट्स (surgical equipments) प्रोवाइड करते ही है।
हेल्थ जागरण - ऐसा सुना जाता है कि मरीज या तीमारदार को सर्जिकल आइटम्स (surgical items) महंगें मिलते हैं, इसमें कितनी सच्चाई है?
विचित्र शर्मा - सरकार बहुत सी चीजें अपने हॉस्पिटल (hospital) से ही कम दामों पर उपलब्ध करवाती है। हमारे जैसे डीलर सरकार को सर्जिकल आइटम्स सस्ते से सस्ते प्रोवाइड करवाते है। बाहर मार्केट में कुछ लोग एमआरपी पर बेचते हैं जिसमें पेशेंट्स की मजबूरी होती है लेने की। हम अपने यहाँ मैक्सिमम डिस्काउंट पर चीजें उपलब्ध करवाते है। कस्टमर्स को महंगा इसलिए भी लगता है क्योंकि कुछ कम्पनीज ने एमआरपी और डिस्काउंट स्ट्रक्चर में बहुत अंतर कर रखा है। हालाँकि सरकार ने काफी हद तक रोक लगाई है। एमएनसी प्रोडक्ट्स में भी मार्जिन कम कर दिया है।
तो ये थे के एस सर्जिकल्स के एमडी विचित्र शर्मा जिन्होंने सर्जिकल आइटम्स को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां दी।







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