











































जेके कैंसर संस्थान, कानपुर
कानपुर (लखनऊ ब्यूरो)। कोरोना काल ने लोगों के जीवन में बहुत प्रभाव डाला है। ऐसी कई स्टडीज सामने आती है, जिसमें पता चलता है कि कोरोना काल के दौरान और उसके बाद भी लोगों के जीवन में और उनके स्वास्थ्य पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। कोरोना काल में लोगों की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हुई है। अब ऐसी ही जानकारी मुंह के कैंसर के लिए भी सामने आई है। कोरोना काल के बाद लोगों में मुंह का कैंसर होने का खतरा बढ़ गया है।
कोरोना (Corona) काल में भले ही तंबाकू (tobacco) का सेवन घट गया हो लेकिन मुख कैंसर में काफी बढ़ोतरी हो गई है। 20 साल से दो फीसदी की दर से बढ़ने वाला माउथ (Mouth) कैंसर कोविड काल के दौरान अप्रत्याशित रूप से छह फीसदी की दर से वृद्धि कर गया। यह सबसे ज्यादा होने वाला कैंसर (Cancer) का रूप बन चुका है। बता दें कि इसका खुलासा वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण की रिपोर्ट में हुआ है।
कानपुर के जेके कैंसर संस्थान (Cancer Institute) में मरीजों की संख्या में खासा इजाफा हुआ है। चिंताजनक बात है कि अब मुख कैंसर की चपेट में युवा तेजी से आ रहे हैं। जेके कैंसर संस्थान में तीन वर्ष की बात करें तो हर साल 10-11 हजार कैंसर रोगी रिपोर्ट किए जा रहे हैं और इनमें मुख (oral) कैंसर (Cancer) का ग्राफ 40 प्रतिशत तक पार कर गया है। कोरोना काल से पहले ओरल कैंसर के मरीज रिपोर्ट के अनुसार कोरोना काल से पहले यानी 2019 में औसत 33 फीसदी था।
2019 में मुख कैंसर के 3610 मरीज रिपोर्ट हुए थे, जो बीती जुलाई 2019 तक एक साल में 3893 रिपोर्ट किए गए। 2019 से पहले संस्थान में हर साल 28 सौ से तीन हजार ही मरीजों का इलाज किया जाता रहा है। खास बात यह है कि कोरोना काल के बाद खैनी खाने वाले 58 युवा कैंसर (Cancer) के पीड़ित आए हैं, जिनका जेके के साथ दिल्ली में भी इलाज चल रहा है।







हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 413
हुज़ैफ़ा अबरार July 07 2026 0 357
हुज़ैफ़ा अबरार July 09 2026 0 203
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4753
एस. के. राणा January 20 2026 0 4648
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4592
एस. के. राणा January 13 2026 0 4403
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 4333
एस. के. राणा February 01 2026 0 3962
एस. के. राणा February 04 2026 0 3766
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86826
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34721
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37936
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35413
लेख विभाग March 19 2022 0 35007
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72476
ज्यादातर महिलाओं में स्किन के लूज होने की वजह बढ़ती उम्र होती है। लेकिन आज के समय में कम उम्र में भी
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में फेफड़ों की कार्यप्रणाली की मूल अवधारणा, अनुपात तथा स्नश्वस्न 25-75 ज
पंजाब में आज दूसरे चरण में 400 मोहल्ला क्लीनिकों का उद्घाटन किया गया। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल और म
महाराष्ट्र में एक दिन में सबसे अधिक 7,467 लोग संक्रमण से उबरे हैं। मंत्रालय ने कहा कि देश में एक दिन
एम्बुलेंस संचालकों का कहना है कि जिस मरीज को रेफर किया गया था, उसकी अस्पताल में ढंग से जांच भी नहीं
मेरठ में हैजे के कारण बीमार होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब तक 289 लोग बीमार हो चुके हैं, जबकि गर
क्या आप जानते है कि दिमाग में लगातार पानी बनता है जो अधिकतर खून के साथ बाहर निकल जाता है। लेकिन कई ब
एक नए शोध में दावा किया गया है कि कोरोना वायरस गर्भवती महिलाओं के बच्चे के दिमाग को नुकसान नहीं पहुं
निदेशक डॉ. एके सिंह के मुताबिक, मानसून व उसके बाद मच्छरों की तादाद अचानक बढ़ने लगती है। मलेरिया उन्म
सर्दियों के मौसम में बच्चों की सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस मौसम में सर्दी-जुखाम, खां

COMMENTS