











































प्रतीकात्मक
गोरखपुर। योगी आदित्यनाथ की सरकार में वह काम होने जा रहा है, जिसकी प्रतीक्षा लंबे अर्से से थी। यह काम है, आयुर्वेदिक दवाओं का उत्पादन। आयुर्वेद की मानकीकृत पढ़ाई, शोध व अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ ही महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, आरोग्यधाम की संस्था गुरु श्री गोरक्षनाथ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (आयुर्वेद कॉलेज) आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण व औषधीय खेती की तरफ भी कदम बढ़ाने जा रही है
आयुर्वेद की दवाओं के निर्माण व औषधीय खेती को लेकर उसे देश की सुप्रसिद्ध आयुर्वेद दवा निर्माण कंपनी वैद्यनाथ आयुर्वेद का साथ मिलने जा रहा है। इसे लेकर दोनों संस्थाओं के बीच एमओयू बुधवार को हस्ताक्षरित की जाएगी।

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ प्रदीप कुमार राव ने बताया कि बुधवार सुबह 10:30 बजे वैद्यनाथ आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक अनुराग शर्मा व महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ अतुल बाजपेयी एमओयू पर हस्ताक्षर करेंगे।
यह एमओयू न केवल पूर्वांचल बल्कि पूरे प्रदेश में आयुर्वेद तथा औषधीय खेती के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इससे रोजगार के नए अवसर तो सृजित ही होंगे, अन्नदाता किसानों के जीवन में भी खुशहाली आएगी।\गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक दवा बनाने वाली कंपनियों की संख्या बेहद कम है। इसके पीछे तमाम सियासी कारण हैं। लेकिन, अब जो एमओयू साइन होने जा रहा है, उसका असर न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि बिहार के पश्चिमोत्तर जिलों पर भी पड़ेगा। झांसी-ललितपुर से मध्यप्रदेश की सीमा लगती है। मध्य प्रदेश तक आयुर्वेदिक दवाओं की आपूर्ति अब सहज हो जाएगी।
माना जा रहा है कि बैद्यानाथ के सहयोग से जो आयुर्वेदिक दवाईयां बनाई जाएंगी, उसकी फैक्ट्री गोरखपुर में ही लगेगी। गोरखपुर अब उद्योग-धंधों के लिहाज से अहम जिला बनता जा रहा है। यहां अपराध कंट्रोल में है, कच्चे माल की कोई कमी होने से रही और प्रशासन शेष चीजों को बढ़िया से संभाल ही लेगा। बिजली की समस्या प्रायः यहां है नहीं।
ट्रांसपोर्टेशन की भी सुविधा उम्दा है। गोरखपुर से देश भर के लिए ट्रेनें जाती हैं। सड़क परिवहन भी उम्दा है। हवाई क्षेत्र से भी गोरखपुर देश के प्रमुख शहरों से जुड़ चुका है। कुशीनगर एयरपोर्ट से अंतराष्ट्रीय एप्रोच भी सुगमता के साथ संभव है। अर्थात, माल बनाने से लेकर बेचने तक कोई संकट नहीं है।
बैद्यनाथ कंपनी के सहयोग से जो उद्योग लगेगा, वह उत्तर प्रदेश के नौजवानों को रोजगार भी मुहैया कराएगा। बी फार्मा किये हुए नौजवानों-नवयुवतियों को अब अपने घर में ही काम मिलेगा। योगी सरकार की यह रणनीति अत्यंत सफल होगी, ऐसा दवा क्षेत्र के जानकार बता रहे हैं।







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