











































प्रतीकात्मक
कानपुर। ज़िले में जीका वायरस का हमला और तेज होता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में 25 नए मामले सामने आ गए हैं। शहर में अब तक मिले जीका वायरस संक्रमितों की संख्या 36 हो गई है। लगातार बढ़ते मामलों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। डीएम के आदेश पर नमूने लेने और जांच करने का काम काफी तेज कर दिया गया है।
इसके पहले 11 जीका संक्रमित मिले थे। इनमें दो हेल्थ वर्कर के शामिल होने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई। बताया जा रहा है कि ये हेल्थ वर्कर कानपुर के सैकड़ों घरों तक पहुंचे थे। यह तय माना जा रहा है कि जीका वायरस का जाल शहर में कई किलोमीटर तक फैल गया है। अभी तक परदेवनपुरवा तक ही संक्रमित मिल रहे थे लेकिन उसने अब पूरे चकेरी के साथ ही जीटी रोड और हाईवे किनारे बसे इलाकों को भी चपेट में ले लिया है।
प्रशासन के निर्देश पर दोनों हेल्थ वर्कर की ट्रैवल हिस्ट्री बनाई जा रही है। इनके संपर्क में आए लोगों के भी नमूने लिए जाएंगे। उधर, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार फागिंग, सर्विलांस, सोर्स रिडक्शन और सैंपलिंग के काम में जुटी हैं। इसके तहत 209 घरों का सोर्स रिडक्शन और 1554 घरों का सर्विलांस किया गया। इस क्षेत्र में 5 टीमों इनडोर फॉगिंग और 05 टीमों द्वारा आउटडोर फॉगिंग की जा रही है। टीम ने 1519 पात्रों को चेक कर 5 पात्रों को खाली कराया।
सर्विलांस टीम ने 6393 व्यक्तियों से सम्पर्क किया। डीएम ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि अपने घरों में साफ पानी को एकत्र न होने दें और मच्छरदानी का प्रयोग करें। नगर आयुक्त को निर्देशित करते हुए कहा कि क्षेत्र में सफाई कार्य सुनिश्चित कराया जाए और लगातार दवा का छिड़काव करें। पॉजिटिव आने वाले मरीज की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करते हुए सभी का सैंपल लिया जाए। डीएम ने बताया कि मंगलवार को 451 सैंपल लिए गए है।
22 अक्टूबर को मिला था पहला मरीज
कानपुर में जीका वायरस का पहला मरीज 22 अक्टूबर को मिला था। अब ये आंकड़ा 36 तक पहुंच गया है। मरीजों को एयरफोर्स हॉस्पिटल और काशीराम में भर्ती कराया गया है। काशीराम हॉस्पिटल में जीका मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाया गया है। वार्ड में मच्छरदानी के अंदर मरीजों को रखा जा रहा है।
प्रशासन कर रहा अपील
जीका वायरस से निपटने के लिए प्रशासन लोगों से लगातार अपील कर रहा है कि अपने घरों में कभी भी पानी इक्ट्ठा न होने दें। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस मामले में किसी को भी पैनिक करने की जरूरत नहीं है। सभी मरीजों की स्थिति ठीक है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जनसामान्य की मदद से बहुत जल्द जीका वायरस पर काबू पा लिया जाएगा।







हुज़ैफ़ा अबरार June 07 2026 0 1526
हुज़ैफ़ा अबरार June 01 2026 0 1204
हुज़ैफ़ा अबरार June 04 2026 0 987
हुज़ैफ़ा अबरार June 10 2026 0 833
हुज़ैफ़ा अबरार June 12 2026 0 784
हुज़ैफ़ा अबरार January 25 2026 0 4438
एस. के. राणा January 20 2026 0 4312
हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2026 0 4284
एस. के. राणा January 13 2026 0 4193
हुज़ैफ़ा अबरार February 05 2026 0 3962
एस. के. राणा February 01 2026 0 3612
एस. के. राणा February 04 2026 0 3521
सौंदर्या राय April 11 2022 0 86623
सौंदर्या राय April 08 2022 0 34441
सौंदर्या राय April 07 2022 0 37642
सौंदर्या राय April 05 2022 0 35217
लेख विभाग March 19 2022 0 34720
सौंदर्या राय March 16 2022 0 72098
स्वास्थ्य विभाग लगातार झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई लगातार की जा रही है। फिर भी झोलाछाप डॉक्टर
सूचना के मुताबिक यह कदम भारत बायोटेक के तीसरे चरण के क्लिनिकल ट्रॉयल के बाद उठाया गया है। इस क्लिनिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विशेष सावधानी बरती जाए। इसके लक्षण, उपचार और बचाव आदि के बारे में
इस दिवस को एकीकृत निक्षय दिवस के रूप में मनाते हुए क्षय रोग के साथ कुष्ठ रोग फाइलेरिया मलेरिया चिकन
भोपाल के भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आइसर) ने जीनोम एडिटिंग तकनीक का नया प्रयोग किया
देश में कोरोना की तीसरी लहर अपने ढलान पर दिख रही है। महामारी के दैनिक मामलों में लगातार कमी दिख रही
डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस के इलाज के लिए नयी दिशा-निर्देश दिए है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नयी गाइड
आजादी के बाद 74 वर्षों तक उत्तर प्रदेश में 20,000 स्वास्थ्य उपकेंद्र थे, जबकि वर्तमान सरकार ने एक दि
सभी अधिकारी कम से कम एक-एक टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लें और इस कार्य से स्वंय सेवी संस्थाएं भी जुड़े।
एम्स की निदेशक प्रोफेसर सुरेखा किशोर ने कहा, कैंसर जैसी भयावह बीमारी के प्रति चिकित्सा छात्रों में ज

COMMENTS