देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

जानिए डस्ट एलर्जी के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

डस्ट एलर्जी सिर्फ धूल से ही नहीं, बल्कि धुएं, मौसम में बदलाव, माइक्रो पार्टिकल्स के हवाओं में ज्यादा होने और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण भी होती है।

लेख विभाग
November 03 2021 Updated: November 04 2021 18:26
0 43044
जानिए डस्ट एलर्जी के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार प्रतीकात्मक

मौसम बदलते ही अक्सर लोगों की नाक से पानी आना, आंखों में खुजली होना, थकान रहने जैसी कई तरह की शिकायतें होती हैं, लेकिन क्या कभी आपने गौर किया कि ऐसा क्यों होता है। ऐसा इसलिए होता है कि धूल में कुछ हानिकारक कण मौजूद होते हैं, जो एलर्जी का कारण बनते हैं। इसे डस्ट एलर्जी भी कहते हैं।

यह सिर्फ धूल से ही नहीं, बल्कि धुएं, मौसम में बदलाव, माइक्रो पार्टिकल्स के हवाओं में ज्यादा होने और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण भी होती है। साथ ही साथ सांस लेने में भी परेशानी होती है। कई बार तो सीने में जकड़न और जुकाम जैसी समस्या भी होती है। ऐसा नहीं कि यह सिर्फ घर के बाहर जाने पर होती है, बल्कि घर में रहने वाले व्यक्ति इससे ज्यादा पीड़ित होते हैं।

इस एलर्जी का जोखिम वैक्यूम करने, झाडू-पोछा करते समय और झाडू लगाने के दौरान भी हो सकता है, क्योंकि सफाई के दौरान धूल के कण हवा में उड़ने लगते हैं और सांस के अंदर चले जाते हैं। ऐसा नहीं कि इस परेशानी का कोई इलाज नहीं। घर में मौजूद प्राकृतिक चीजें डस्ट एलर्जी की समस्या को कम करने में सहायक हो सकती हैं। आइए जानते हैं, एलर्जी के कारण, लक्षण और उपायों के बारे में। कुछ ऐसी घरेलू प्राकृतिक चीजों के बारे में जानते हैं, जो डस्ट एलर्जी को कम करने में मदद करती हैं।

डस्ट एलर्जी के कारण

धूल में मौजूद कई तरह के डस्ट माइट्स यानी कि सूक्ष्मजीव (माइक्रोऑर्गनिज्म) ही डस्ट एलर्जी का कारण बनते हैं। जिसे आंखों से देख पाना संभव नहीं होता, लेकिन इनका भोजन त्वचा में मौजूद मृत कोशिकाएं होती है और ये नमी वाले वातावरण में पनपते हैं।

· कॉकरोच द्वारा छोड़े जाने वाले हानिकारक बैकटीरिया से भी होती है। ये बैक्टीरिया सांस लेते वक्त शरीर में जाते हैं और एलर्जी होने लगती है।

· मोल्ड पर्यावरण में मौजूद एक तरह का फंगस है। चाहे घर के अंदर होया बाहर, हमेशा सभी जगह कोई न कोई मोल्ड मौजूद रहते हैं। पृथ्वी पर लाखों वर्षों से हैं। यह हवा या कई सतहों पर पाए जाते हैं। जिस जगह नमी होती है, वहां ये पनपते हैं। एलर्जी का ये भी कारण हो सकते हैं।

· घर में पालतू जानवर जैसे कि कुत्ते और बिल्ली पालते हैं तो उसके शरीर से गिरने वाले बाल और रूसी के कारण भी डस्ट एलर्जी हो सकती है।

· हर साल वसंत, ग्रीष्म और पतझड़ के समय पेड़ों से पराग निकलते हैं, जो हवा में मिल जाते हैं। ये पराग नाक और गले में पहुंचकर एलर्जी पैदा करते हैं।

इसे भी पढ़ेंः धूल मिट्टी से एलर्जी है तो घर से बाहर निकलने से पहले रखे यह ध्यान

डस्ट एलर्जी के लक्षण

नीचे दिए गए लक्षणों से जानिए डस्ट एलर्जी के बारे में
· छींक आना
· अक्सर नाक का बहना और नाक का भरा होना
· थकान और कमजोरी
· आंखों में सूजन
· खांसी
· आंख, नाक और गले में खुजली होना
· लाल और पानी से भरी आंखें
· आंखों के नीचे काले घेरे
· अस्थमा जैसे लक्षण
· कान बंद होना और सूंघने की क्षमता में कमी
· गले में खराश
· थकान और चिड़चिड़ापन
· सिरदर्द
· त्वचा पर लाल चकत्ते

चलिए जानते हैं डस्ट एलर्जी के लिए घरेलू उपाय के बारे में

1.सेब का सिरकाः

एक गिलास गर्म पानी में सेब का सिरका डालकर अच्छी तरह मिला लें और स्वाद के लिए इसमें थोड़ा सा शहद मिलाएं। इस घोल रोज एक से दो गिलास सेवन करने से एलर्जी में आराम मिलता है।

2. एसेंशियल ऑयलः

यूकिलिप्टस या लैवेंडर की ऑयल की 3 या 4 बूंदे भाप लेने वाले डिफ्यूजर में डालें और भाप लें। इस प्रक्रिया को दिन में 1 से 2 बार करें। इसका इस्तेमाल करने से श्वास संबंधी विकारों जैसे कि अस्थमा में सहायक हो सकता है।

3. शहदः

एक कप पानी में दो चम्मच कच्चे शहद का सेवन कीजिए। इसे रोजाना दिन में दो बार दोहराइए। शहद में एंट-इंफ्लैमेंटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण होने के कारण यह सूजन और मोल्ड्स को खत्म करने का काम करता है और आपको इससे होने वाली एलर्जी से राहत दिलाता है।

4. डीह्यूमिडिफायरः

यह एक ऐसी तकनीक है, जिसमें ऐसे उपकरण का उपयोग किया जाता है। यह उपकरण हवा में मौजूद नमी को कम करता है। डस्ट माइट्स नमी वाली जगह पर ज्यादा पाए जाते हैं। इस तकनीक की मदद से भी डस्ट एलर्जी से निजात पा सकते हैं।

5. हल्दीः

किचन में मौजूद हल्दी में एंटी इंफ्लैमेंटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। ये एलर्जी को फैलने से रोकने का काम करते हैं। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन एक बहुत ही अच्छा एंटीएलर्जिक का काम करता है। एक कप दूध में हल्दी डालकर उबाल लें और ठंडा होने पर इसमें शहद मिलाकर पी लें। इसके सेवन से भी एलर्जी में राहत मिल सकती है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

कोविड संक्रमण: देश में चालीस हज़ार से काम हुए नए मामले।  

कोविड संक्रमण: देश में चालीस हज़ार से काम हुए नए मामले।  

एस. के. राणा July 06 2021 28478

उपचाराधानी मरीजों की संख्या और घटकर 4,82,071 हो गई है और यह कुल संक्रमण का 1.58 प्रतिशत है जबकि कोवि

प्राणायाम से फेफड़ों में ऑक्सीजन कैरिंग कैपेसिटी बढ़ती है।

प्राणायाम से फेफड़ों में ऑक्सीजन कैरिंग कैपेसिटी बढ़ती है।

हुज़ैफ़ा अबरार June 22 2021 34196

प्राणायाम जरूर करिए क्योंकि यह फेफड़ों में आक्सीजन संग्रह करने की क्षमता को बढ़ाता है,हमारी श्वांस क

ओमिक्रॉन के नए सब वेरियंट से हड़कंप, विशेषज्ञों ने किया ये दावा

ओमिक्रॉन के नए सब वेरियंट से हड़कंप, विशेषज्ञों ने किया ये दावा

एस. के. राणा November 04 2022 24298

कोरोना वायरस के नए-नए वेरियंट सामने आते जा रहे हैं। कोरोना वायरस के सब-वेरियंट ओमिक्रोन के भी कई वे

आयुर्वेद चिकित्सकों को ऑपरेशन की अनुमति देने पर आइएमए ने जताई कड़ी आपत्ति।

आयुर्वेद चिकित्सकों को ऑपरेशन की अनुमति देने पर आइएमए ने जताई कड़ी आपत्ति।

हे.जा.स. November 23 2020 23203

धिसूचना में 58 तरह के ऑपरेशन करने की आयुर्वेद चिकित्सकों को अनुमति दी गई है। इनमें आंख, कान, नाक, गल

इन्सेफेलाइटिस की तरह संचारी रोगों को भी खत्म कर देंगेः योगी

इन्सेफेलाइटिस की तरह संचारी रोगों को भी खत्म कर देंगेः योगी

आनंद सिंह April 03 2022 35425

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण एव दस्तक अभियान के 54 मोबाइल वाहनों को हरी झ

दिल्ली, यूपी समेत इन राज्यों में तेजी से फैल रहा डेंगू

दिल्ली, यूपी समेत इन राज्यों में तेजी से फैल रहा डेंगू

एस. के. राणा October 23 2022 27596

केरल में सबसे ज्यारदा 20 मौतें हुई हैं।राजस्थान और हरियाणा की बात करें तो दोनों ही राज्यों में 6-6 म

कानपुर में डेंगू बेकाबू, हाईकोर्ट ने डेंगू पर नियंत्रण के प्रयासों को बताया नाकाफी

कानपुर में डेंगू बेकाबू, हाईकोर्ट ने डेंगू पर नियंत्रण के प्रयासों को बताया नाकाफी

श्वेता सिंह November 11 2022 23038

कानपुर में डेंगू बेकाबू हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, उर्सला अस्पताल में 91 सैम्प

स्वास्थ्य विषमताओं के कारण अनेक विकलांगजन की समय से पहले ही मौत हो जाती है: विश्व स्वास्थ्य संगठन

स्वास्थ्य विषमताओं के कारण अनेक विकलांगजन की समय से पहले ही मौत हो जाती है: विश्व स्वास्थ्य संगठन

हे.जा.स. December 04 2022 27312

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को प्रकाशित ‘Global report on health equity for persons with disab

एंबुलेंस का टोटा, बाइक से ही घर ले गए बच्ची के शव को परिजन

एंबुलेंस का टोटा, बाइक से ही घर ले गए बच्ची के शव को परिजन

विशेष संवाददाता July 29 2023 36028

कानपुर जिले के पनकी थाना क्षेत्र के एक गांव मे करंट उतरने से बच्ची बुरी तरह झुलस गई। बच्ची को पंप के

प्रदेश में घट रहें हैं कोरोना संक्रमण के मामलेऔर इससे होने वाली मौत। 

प्रदेश में घट रहें हैं कोरोना संक्रमण के मामलेऔर इससे होने वाली मौत। 

हुज़ैफ़ा अबरार February 07 2021 22951

कल एक दिन में कुल 1,25,670 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 2,85,78,777 सैम्पल की जांच की

Login Panel