देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

जानिए डस्ट एलर्जी के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार

डस्ट एलर्जी सिर्फ धूल से ही नहीं, बल्कि धुएं, मौसम में बदलाव, माइक्रो पार्टिकल्स के हवाओं में ज्यादा होने और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण भी होती है।

लेख विभाग
November 03 2021 Updated: November 04 2021 18:26
0 42568
जानिए डस्ट एलर्जी के कारण, लक्षण और घरेलू उपचार प्रतीकात्मक

मौसम बदलते ही अक्सर लोगों की नाक से पानी आना, आंखों में खुजली होना, थकान रहने जैसी कई तरह की शिकायतें होती हैं, लेकिन क्या कभी आपने गौर किया कि ऐसा क्यों होता है। ऐसा इसलिए होता है कि धूल में कुछ हानिकारक कण मौजूद होते हैं, जो एलर्जी का कारण बनते हैं। इसे डस्ट एलर्जी भी कहते हैं।

यह सिर्फ धूल से ही नहीं, बल्कि धुएं, मौसम में बदलाव, माइक्रो पार्टिकल्स के हवाओं में ज्यादा होने और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण भी होती है। साथ ही साथ सांस लेने में भी परेशानी होती है। कई बार तो सीने में जकड़न और जुकाम जैसी समस्या भी होती है। ऐसा नहीं कि यह सिर्फ घर के बाहर जाने पर होती है, बल्कि घर में रहने वाले व्यक्ति इससे ज्यादा पीड़ित होते हैं।

इस एलर्जी का जोखिम वैक्यूम करने, झाडू-पोछा करते समय और झाडू लगाने के दौरान भी हो सकता है, क्योंकि सफाई के दौरान धूल के कण हवा में उड़ने लगते हैं और सांस के अंदर चले जाते हैं। ऐसा नहीं कि इस परेशानी का कोई इलाज नहीं। घर में मौजूद प्राकृतिक चीजें डस्ट एलर्जी की समस्या को कम करने में सहायक हो सकती हैं। आइए जानते हैं, एलर्जी के कारण, लक्षण और उपायों के बारे में। कुछ ऐसी घरेलू प्राकृतिक चीजों के बारे में जानते हैं, जो डस्ट एलर्जी को कम करने में मदद करती हैं।

डस्ट एलर्जी के कारण

धूल में मौजूद कई तरह के डस्ट माइट्स यानी कि सूक्ष्मजीव (माइक्रोऑर्गनिज्म) ही डस्ट एलर्जी का कारण बनते हैं। जिसे आंखों से देख पाना संभव नहीं होता, लेकिन इनका भोजन त्वचा में मौजूद मृत कोशिकाएं होती है और ये नमी वाले वातावरण में पनपते हैं।

· कॉकरोच द्वारा छोड़े जाने वाले हानिकारक बैकटीरिया से भी होती है। ये बैक्टीरिया सांस लेते वक्त शरीर में जाते हैं और एलर्जी होने लगती है।

· मोल्ड पर्यावरण में मौजूद एक तरह का फंगस है। चाहे घर के अंदर होया बाहर, हमेशा सभी जगह कोई न कोई मोल्ड मौजूद रहते हैं। पृथ्वी पर लाखों वर्षों से हैं। यह हवा या कई सतहों पर पाए जाते हैं। जिस जगह नमी होती है, वहां ये पनपते हैं। एलर्जी का ये भी कारण हो सकते हैं।

· घर में पालतू जानवर जैसे कि कुत्ते और बिल्ली पालते हैं तो उसके शरीर से गिरने वाले बाल और रूसी के कारण भी डस्ट एलर्जी हो सकती है।

· हर साल वसंत, ग्रीष्म और पतझड़ के समय पेड़ों से पराग निकलते हैं, जो हवा में मिल जाते हैं। ये पराग नाक और गले में पहुंचकर एलर्जी पैदा करते हैं।

इसे भी पढ़ेंः धूल मिट्टी से एलर्जी है तो घर से बाहर निकलने से पहले रखे यह ध्यान

डस्ट एलर्जी के लक्षण

नीचे दिए गए लक्षणों से जानिए डस्ट एलर्जी के बारे में
· छींक आना
· अक्सर नाक का बहना और नाक का भरा होना
· थकान और कमजोरी
· आंखों में सूजन
· खांसी
· आंख, नाक और गले में खुजली होना
· लाल और पानी से भरी आंखें
· आंखों के नीचे काले घेरे
· अस्थमा जैसे लक्षण
· कान बंद होना और सूंघने की क्षमता में कमी
· गले में खराश
· थकान और चिड़चिड़ापन
· सिरदर्द
· त्वचा पर लाल चकत्ते

चलिए जानते हैं डस्ट एलर्जी के लिए घरेलू उपाय के बारे में

1.सेब का सिरकाः

एक गिलास गर्म पानी में सेब का सिरका डालकर अच्छी तरह मिला लें और स्वाद के लिए इसमें थोड़ा सा शहद मिलाएं। इस घोल रोज एक से दो गिलास सेवन करने से एलर्जी में आराम मिलता है।

2. एसेंशियल ऑयलः

यूकिलिप्टस या लैवेंडर की ऑयल की 3 या 4 बूंदे भाप लेने वाले डिफ्यूजर में डालें और भाप लें। इस प्रक्रिया को दिन में 1 से 2 बार करें। इसका इस्तेमाल करने से श्वास संबंधी विकारों जैसे कि अस्थमा में सहायक हो सकता है।

3. शहदः

एक कप पानी में दो चम्मच कच्चे शहद का सेवन कीजिए। इसे रोजाना दिन में दो बार दोहराइए। शहद में एंट-इंफ्लैमेंटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण होने के कारण यह सूजन और मोल्ड्स को खत्म करने का काम करता है और आपको इससे होने वाली एलर्जी से राहत दिलाता है।

4. डीह्यूमिडिफायरः

यह एक ऐसी तकनीक है, जिसमें ऐसे उपकरण का उपयोग किया जाता है। यह उपकरण हवा में मौजूद नमी को कम करता है। डस्ट माइट्स नमी वाली जगह पर ज्यादा पाए जाते हैं। इस तकनीक की मदद से भी डस्ट एलर्जी से निजात पा सकते हैं।

5. हल्दीः

किचन में मौजूद हल्दी में एंटी इंफ्लैमेंटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं। ये एलर्जी को फैलने से रोकने का काम करते हैं। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन एक बहुत ही अच्छा एंटीएलर्जिक का काम करता है। एक कप दूध में हल्दी डालकर उबाल लें और ठंडा होने पर इसमें शहद मिलाकर पी लें। इसके सेवन से भी एलर्जी में राहत मिल सकती है।

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मरीज बनकर केजीएमयू अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने मरीज बनकर केजीएमयू अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

हुज़ैफ़ा अबरार April 06 2022 43289

मरीज बनकर किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचे ब्रजेश पाठक ने मास्क लगाकर ओपीडी काउंटर पर पर्चा बनवा

सी3 फिजियो एंड योगा स्टेशन: सीखिए स्वस्थ और सुंदर रहने के राज।

सी3 फिजियो एंड योगा स्टेशन: सीखिए स्वस्थ और सुंदर रहने के राज।

रंजीव ठाकुर April 17 2022 38916

अब महिलाओं को अपनी फिजिकल ब्यूटी और फिटनेस को बेहतर करने के लिए एक ही स्थान पर कम्प्लीट सॉल्यूशन मिल

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बुजुर्गों की देखभाल के बारे में जागरूकता अभियान

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर बुजुर्गों की देखभाल के बारे में जागरूकता अभियान

हे.जा.स. October 30 2025 1239

‘अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस’ की पूर्व संध्या पर साझा किया गया यह निष्कर्ष 2023 के लिए नमूना पंजीकरण

शाकाहारी लोग प्रोटीन डाइट के लिए खाएं ये चीजें

शाकाहारी लोग प्रोटीन डाइट के लिए खाएं ये चीजें

आरती तिवारी October 16 2022 26066

हमारे शरीर के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी है. इससे हमारे शरीर का विकास ठीक तरीके से हो पाता है। बता दें क

कोरोना वैक्सीन की वजह से हो सकतें हैं कई साइड इफेक्टस।

कोरोना वैक्सीन की वजह से हो सकतें हैं कई साइड इफेक्टस।

लेख विभाग March 28 2021 28020

अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन ने सुझाव दिया है कि अगर आपके शरीर में कुछ असामान्य

जीवन में पांच करोड़ की आक्सीजन पेड़ों से लेते हैं तो इनके शुक्रगुजार बनें : डॉ. सूर्यकान्त

जीवन में पांच करोड़ की आक्सीजन पेड़ों से लेते हैं तो इनके शुक्रगुजार बनें : डॉ. सूर्यकान्त

रंजीव ठाकुर June 07 2022 36158

विश्व पर्यावरण दिवस पर रविवार की शाम किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग न

कोरोना महामारी के ट्रेलर से ज़्यादा खतरनाक हो सकती है तस्वीर: डब्ल्यूएचओ 

कोरोना महामारी के ट्रेलर से ज़्यादा खतरनाक हो सकती है तस्वीर: डब्ल्यूएचओ 

हे.जा.स. July 16 2021 26141

'महामारी अभी खत्म नहीं होने जा रही है। इस बात की अधिक संभावना है कि वैश्विक स्तर पर और ज्यादा खतरनाक

ओमिक्रॉन वेरिएंट बनेगा कोरोना के तीसरी लहर का कारण: प्रो. मणींद्र

ओमिक्रॉन वेरिएंट बनेगा कोरोना के तीसरी लहर का कारण: प्रो. मणींद्र

एस. के. राणा December 05 2021 26999

प्रो. मणींद्र ने गणितीय मॉडल सूत्र के आधार पर ही दूसरी लहर के बाद ही नए म्यूटेंट के आने से तीसरी लहर

स्तनपान मां और शिशु के लिए अमृत समान। 

स्तनपान मां और शिशु के लिए अमृत समान। 

लेख विभाग July 26 2021 38406

मां का दूध केवल पोषण ही नहीं, जीवन की धारा है। इससे मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड

होम आइसोलेशन की बन रही नयी गाइडलाइन।

होम आइसोलेशन की बन रही नयी गाइडलाइन।

हुज़ैफ़ा अबरार May 11 2021 31419

समिति के अध्यक्ष व एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमान ने कहा कि होम आइसोलेशन की नई गाइडलाइन तैयार क

Login Panel