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लखनऊ। गोमतीनगर स्थित सहारा हॉस्पिटल का हृदय रोग विभाग प्रदेश का एकमात्र ऐसा अस्पताल बन गया है, जो नये आने वाले हृदय रोग विशेषज्ञ डाक्टरों को जटिल एंजियोप्लास्टी एवं नयी तकनीकों द्वारा उपचार को अपने संस्थान में सीखने में मदद करेगा, जिसको सीखने के बाद इन हृदय रोग विशेषज्ञों को अपने मरीजों को नयी तकनीक से उपचार करने में मदद भी मिलेगी।
सहारा हॉस्पिटल के हृदय रोग विशेषज्ञ डा. गौतम स्वरूप जटिल एंजियोप्लास्टी एवं अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए विख्यात हैं। उन्होंने हैदराबाद के प्रसिद्ध डाक्टर वी. सूर्य प्रकाशा राव जो कि इंडोजापानीज क्लब के संस्थापक सदस्य हैं उनके साथ मिलकर कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से चुनिंदा हृदय रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। इन दो दिनों में छह मरीजों की जटिल एंजियोप्लास्टी की गयी। इसके साथ ही नयी तकनीक की उपयोगिता पर चर्चा की गयी।
कार्यशाला का उद्घाटन एवं समापन पर सहारा इंडिया परिवार के सीनियर एडवाइजर अनिल विक्रम सिंह और हॉस्पिटल के डायरेक्टर मेडिकल हेल्थ डा. मजहर हुसैन ने संयुक्त रूप से किया। डा. गौतम स्वरूप ने बताया कि देश में हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसी प्रकार से हृदय रोगों के उपचार में निरंतर नयी विधि एवं उपचार के तरीके भी विकसित हो रहे हैं, जिससे हम बहुत से मरीजों का जीवन बचा रहे हैं और हृदयाघात होने के बाद होने वाले दुष्प्रभावों को भी बचा रहे हैं। यह गर्व की बात है कि सहारा हॉस्पिटल में विश्वस्तरीय सभी नयी तकनीक से हृदय रोगियों का उपचार किया जा रहा है।
सहारा इंडिया परिवार के सीनियर एडवाइजर अनिल विक्रम सिंह ने बताया कि अपने अनुभवों को नये हृदय रोग विशेषज्ञों को साझा करने से इलाज की गुणवत्ता और अच्छी होगी, जो कि हमेशा से हमारे अभिभावक सहाराश्रीजी का इस हॉस्पिटल को बनाने के पीछे दृष्टिकोण रहा है।







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