देश का पहला हिंदी हेल्थ न्यूज़ पोर्टल

स्वास्थ्य

कामेच्छा की कमी से बर्बाद हो जाता है जीवन।

गलत जीवनशैली व खान-पान की वजह से पुरुषो में कामेच्छा की समस्या अधिक हो रही है, जिसका उचित समय पर उपचार करवाने की जरुरत होती है। बहुत लोग कामेच्छा की कमी होने से निराश होकर डिप्रेशन में चले जाते है।

लेख विभाग
July 18 2021 Updated: July 18 2021 21:04
0 32303
कामेच्छा की कमी से बर्बाद हो जाता है जीवन। प्रतीकात्मक

आजकल बहुत से पुरुषो में कामेच्छा की कमी हो रही है। इसका मुख्य कारण उनके खान-पान में पोषक तत्व न होना, अच्छे नींद न पूरी होना, शराब या धूम्रपान की लत आदि जिम्मेदार होता है। शोधकर्ता के अनुसार किसी भी पुरुष की यौन इच्छा एक समान नहीं होती है। पुरुषो में कामेच्छा की कमी होने से अनेक तरह की यौन समस्या का जोखिम बनने लगता है। इसके अलावा महिला साथी के साथ रिश्ते में दरार पड़ने लगती है। कुछ पुरुषो को कामेच्छा की कमी एक शर्मिदगी परेशानी लगती है, इसलिए दूसरे लोग से इस बारे में बात नहीं कर पाते है। कामेच्छा की कमी यौन गतिविधि से जुडी समस्या है जो आगे चलकर किसी बड़ी समस्या का कारण बन सकता है। इसलिए पुरुषो को कामेच्छा की कमी की होने पर चिकिस्तक से खुलकर बात करनी चाहिए ताकि चिकिस्तक आपको सही परामर्श दे सके। चलिए आज के लेख के माध्यम से हम आपको पुरुषो में कामेच्छा की कमी के कारण, लक्षण व उपचार के बारे में विस्तारपूवर्क जानकारी देंगे। 

पुरुषो में कामेच्छा की कमी के कारण ?

पुरुषो में कामेच्छा की कमी के अनेक कारण हो सकते हैं। 

  • उच्च रक्तचाप होने के कारण कामेच्छा में कमी आना।
  • हरी सब्जिया, फलो व संतुलित आहार कम लेना।
  • अधिक शराब का सेवन करना।
  • एंटीबायोटिक दवाओं का अधिक सेवन करना।
  • साथी के साथ अत्यधिक सेक्स।
  • कोई गंभीर बीमारी या खराब स्वास्थ्य के कारण कामेच्छा की कमी होना।
  • तनाव, चिंता, अवसाद होने से कामेच्छा में कमी आ जाती है।
  • अत्यधिक हस्तमैथुन करना हानिकारक होता है। इस कारण कामेच्छा में कमी आ जाती है।
  • टेस्टोस्टेरेन का स्तर कम होना।
  • दिमाग की बीमारी व मानसिक समस्या होना।
  • व्यायाम व योगा नहीं करना।
  • सर्जरी के बाद कोई समस्या होना।
  • हार्मोनल असंतुलन होना।

पुरुषो में कामेच्छा की कमी के लक्षण ? 

पुरुषो में कामेच्छा की कमी के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं। 

  • बिस्तर पर कुछ न कर पाना।
  • यौन इच्छा में कमी आना।
  • रस्खलन में देरी होना।
  • बाल गिरना।
  • थकान व ऊर्जा में कमी होना।
  • लिंग कमजोर होना।
  • वीर्य व शुक्राणु का नुकसान।
  • शुक्राणुओं की संख्या में कमी।
  • टेस्टोंस्टेरोन का स्तर कम होना।
  • कमजोर पैरासिमी लैथिक तंत्रिका होना।
  • मांसपेशियो में समस्या होना।
  • मूड में बदलाव होना।
  • वीर्य में कमी आना।
  • हड्डियों में द्रव की कमी।
  • शारीरिक फेट में बढ़ौतरी।
  • यौन क्रिया कमजोर होना।

पुरुषो में कामेच्छा की कमी का उपचार ? 
आजकल लोगो में गलत जीवनशैली व खान -पान के वजह से पुरुषो में कामेच्छा की कमी समस्या अधिक हो रही है, जिसका उचित समय पर उपचार करवाने की जरुरत होती है। बहुत से लोग अपनी कामेच्छा की कमी होने से निराश होकर डिप्रेशन में चले जाते है। इसके अलावा अपने साथी को यौन जीवन सुखमय जीवन व्यतीत नहीं कर पाते है। हालांकि पुरुष में कामेच्छा की कमी होने से महिला के साथ कलेश और क्रोध की भावना उत्पन्न होने लगती है। 

पुरुषो में कामेच्छा में कमी का उचित कारण जानने के बाद पर निम्नलिखित उपचार किया जा सकता है। 

पुरुषो को अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा सुबह जल्दी उठकर कर योगा और व्यायाम करना चाहिए। रात को सात से आठ घंटे की नींद लेना व शराब का सेवन न करना, तनाव से दूर रहना आदि। 
    
यदि पीड़ित व्यक्ति चिकिस्तक से कामेच्छा की कमी के उपचार हेतु कोई दवा ले रहा है और दवा लेने से कोई परिणाम नजर नहीं आता तो चिकिस्तक से बात कर अपनी दवा में बदलाव करवा सकते हैं। 
    
कुछ व्यक्ति सोचते है विज्ञापन में दिखाए गए दवाएं कितनी कारगर साबित होती है। वह लोग यह जान ले कामेच्छा बढ़ाने के लिए कार्य नहीं करता है यह केवल उत्तेजना जारी करती है मानो कोई इंजेक्शन जैसे असर करता है। इसलिए आप चिकिस्तक की सलाह से अपना उपचार करें। 
    
अगर पुरुषो में कामेच्छा की कमी में एंट्रोजन की कमी के कारण होती है, तो चिकिस्तक ब्लड टेस्ट कर पता लगाने की कोशिश करते है। इसके अलावा टेस्टोरेटेन रिप्लेसमेंट चिकित्सा का उपचार कर सकते है।  
अगर व्यक्ति को अधिक तनाव लेने और  थकावट से संबंधित होने से कामेच्छा की कमी हो रही है, तो चिकिस्तक तनाव प्रबंधन मनोवैज्ञानिको से परामर्श की  सलाह दे सकते है। यदि यह उपचार कारगर नहीं हो पाता तो दूसरे उपचार या थेरेपी की सलाह दे सकते है। 

WHAT'S YOUR REACTION?

  • 1
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0
  • 0

RELATED POSTS

COMMENTS

खराब फेफड़ों की बीमारी में इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड थेरेपी कारगर: डॉ आकाश पंडिता

रंजीव ठाकुर July 28 2022 69096

आईएनओ की यह थेरेपी पुरानी फेफड़ों की बीमारी (बीपीडी) की रोकथाम में भी मदद करेगी। समय से पहले बच्चे,

केजीएमयू विस्तार के लिए मिलेगी जमीन, अतिक्रमण पर सख्त निर्देश

केजीएमयू विस्तार के लिए मिलेगी जमीन, अतिक्रमण पर सख्त निर्देश

आरती तिवारी July 15 2023 41142

केजीएमयू विस्तार में अब जमीन बाधा नहीं बनेगी। इसके लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद और

एमडीआर-टीबी के मरीज़ 9 से 6 महीने में होंगे ठीक: द लैंसेट

एमडीआर-टीबी के मरीज़ 9 से 6 महीने में होंगे ठीक: द लैंसेट

विशेष संवाददाता November 11 2022 42122

टीबी मरीजों के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है। वहीं अब एक नई दवा खोज निकाली गई है। जिसमें मरीज को सिर्

इंदौर की सड़कों पर दिखेगी ट्री एंबुलेंस

इंदौर की सड़कों पर दिखेगी ट्री एंबुलेंस

विशेष संवाददाता August 27 2022 22139

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि ''अपनी तरह की इस अनूठी सेवा की मदद से लोग हरियाली के विस्तार मे

लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीज, संक्रमितों की संख्या 366 के पार

लगातार बढ़ रहे डेंगू के मरीज, संक्रमितों की संख्या 366 के पार

विशेष संवाददाता September 08 2023 41302

जिला सर्विलांस अधिकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन मरीजों में पुष्टि हुई है उसमें

अनूठी मुहिम, टीबी चैंपियन को मिलेगी सेल्फ लर्निंग कोर्स की ट्रेनिंग

अनूठी मुहिम, टीबी चैंपियन को मिलेगी सेल्फ लर्निंग कोर्स की ट्रेनिंग

हुज़ैफ़ा अबरार February 18 2022 47915

प्रदेश में करीब 2350 टीबी चैंपियन हैं जो कि हमारे टीबी मुक्त अभियान में बड़े सहायक साबित हो सकते हैं

नेत्र शिविर में 162 मरीजों ने करवाई आंखों की जाँच

नेत्र शिविर में 162 मरीजों ने करवाई आंखों की जाँच

श्वेता सिंह November 08 2022 32586

श्री स्वामी चंद दास रामलीला कमेटी द्वारा 86 लोगों को डॉक्टरों द्वारा आंखों की जांच करने के बाद निशु

विटामिन ए की जबरदस्त कमी के कारण कुशीनगर में लोगों में दृष्टदोष!

विटामिन ए की जबरदस्त कमी के कारण कुशीनगर में लोगों में दृष्टदोष!

आनंद सिंह April 13 2022 30776

पूरा मामला इसलिए गंभीर है कि जो बच्चा जन्म से ही सब कुछ सही देख रहा था, उसकी आंखों की रोशनी धीरे-धीर

भारत का नंबर वन मेडिकल कॉलेज बना AIIMS - NIRF Ranking 2020

भारत का नंबर वन मेडिकल कॉलेज बना AIIMS - NIRF Ranking 2020

अखण्ड प्रताप सिंह November 14 2020 23081

NIRF की रैंकिंग टीचिंग,  लर्निंग और संसाधन, रिसर्च और प्रोफेशनल प्रैक्टिस, ग्रेजुएशन के परिणाम, धारण

सीओपीडी की गंभीरता का कारण जन जागरूकता का अभाव।

सीओपीडी की गंभीरता का कारण जन जागरूकता का अभाव।

लेख विभाग November 18 2021 37804

सीओपीडी के बारे में जन जागरूकता की स्थिति ठीक नही है, जिसके परिणामस्वरूप इसके निदान में देरी होती है

Login Panel